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Tuesday, 21 April 2026

“ताश के पत्ते बदल गए, तेवर बदल गए: ईरान बोला – अब डिफेंस नहीं, डायरेक्ट अटैक होगा; अमेरिका ने कहा – एक पल की सूचना पर जंग शुरू” ईरान ने कहा हम तैयार हे।

“ताश के पत्ते बदल गए, तेवर बदल गए: ईरान बोला – अब डिफेंस नहीं, डायरेक्ट अटैक होगा; अमेरिका ने कहा – एक पल की सूचना पर जंग शुरू” ईरान ने कहा हम तैयार हे।-Friday World-April 21,2026
ईरान – ‘अकेले हमने अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर किया’, यूएसएस अब्राहम लिंकन को ‘कबाड़ बनाने’ की धमकी

पिछले 38 दिन से चल रहा अमेरिका-ईरान टकराव अब ‘सीजफायर’ के नाम पर सिर्फ विराम है। हकीकत में दोनों पक्ष अगली चाल की तैयारी कर रहे हैं। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने पेंटागन ब्रीफिंग में दो टूक कहा: “हम एक पल की सूचना पर ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं। सीजफायर सिर्फ विराम है, शांति नहीं”।

उधर तेहरान ने पहली बार अपनी सैन्य डॉक्ट्रिन बदलने का ऐलान कर दिया। ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा: “दुश्मन ने अवैध युद्ध में ऐतिहासिक और कुचलने वाली हार झेली है। अब हमारे पास नए ताश के पत्ते हैं। अब की जंग आर-पार की होगी। अभी तक हम डिफेंस करते थे, अब अटैक होगा”।

और यहीं नहीं रुका ईरान। सरकारी मीडिया और रक्षा प्रवक्ताओं ने दावा किया: “ईरान ने दिखा दिया और दुनिया ने देख लिया – ईरान अकेला अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है। अगर अमेरिका ने दोबारा गलत सोचा तो इस बार यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हम कब्जा कर लेंगे या उसे कबाड़ बना देंगे।”

यानी गेंद अब वॉशिंगटन के पाले में है, और तेहरान ने साफ कर दिया कि अगला वार डिफेंसिव नहीं, ऑफेंसिव होगा।

1. 30 दिन, 11,000 टारगेट: अमेरिका का ‘पावर शो’
जनरल डैन केन के मुताबिक, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” 28 फरवरी को शुरू हुआ था। सिर्फ 30 दिन में अमेरिका ने ईरान में 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। इनमें फैक्ट्रियां, वेयरहाउस, न्यूक्लियर रिसर्च लैब, बुनियादी ढांचा और ईरानी नौसेना के सभी जमारन-क्लास फ्रिगेट सहित 150 से ज्यादा जहाज शामिल हैं।

पेंटागन का दावा है कि हवाई श्रेष्ठता मिलने के बाद पहली बार B-52 बमवर्षकों ने ईरान के ऊपर ओवरलैंड मिशन शुरू किए। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि सिर्फ एक रात में 200 “डायनामिक स्ट्राइक” किए गए – यानी रियल-टाइम इंटेलिजेंस पर आधारित तुरंत हमले।

नतीजा: “पिछले 24 घंटों में ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों की संख्या सबसे कम रही”। अमेरिका के 348 सैनिक मारे गए, सऊदी अरब में अमेरिकी बेस पर हमले में एक E-3 सेंटी AWACS विमान भी नष्ट हुआ।

2. “यह एक रात का ऑपरेशन नहीं” – केन की चेतावनी
जनरल केन ने साफ किया कि “यह सिंगल ओवरनाइट ऑपरेशन नहीं है”। मिशन का मकसद: “खुद की रक्षा करना और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान को अपनी सीमाओं से बाहर पावर प्रोजेक्ट करने से रोकना”।

इसके लिए अमेरिका ने मध्य-पूर्व में इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा किया है। हजारों सैनिक, सैकड़ों चौथी और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, दर्जनों टैंकर, यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात हैं। F-22 लड़ाकू विमान पहली बार इजरायल भेजे गए हैं।

केन ने कहा: “जॉइंट फोर्स दुनिया की सबसे प्रोफेशनल फोर्स है। हम सिविलियन रिस्क से लेकर कानूनी पहलुओं तक हर टारगेट को प्रोसेस से गुजारते हैं और सिर्फ वैध टारगेट पर हमला करते हैं”।

3. ईरान का नया दांव: “अब डिफेंस नहीं, अटैक”
सीजफायर के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ। ईरान ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया और कई ड्रोन भेजे। तेहरान का कहना है कि उसने साबित कर दिया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करके खाड़ी की ऊर्जा सप्लाई काट सकता है।

अब तक ईरान की नीति “स्ट्रैटेजिक पेशेंस” और “डिफेंसिव रेस्पॉन्स” की थी। अब सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल कह रही है – “नए ताश के पत्ते”। इसका मतलब तीन चीजों से निकाला जा रहा है:

पहला पत्ता: हाइपरसोनिक और स्वार्म क्षमता
हालिया हमलों में मिसाइलों की स्पीड और पेनिट्रेशन बढ़ी है। ईरान का दावा है कि अमेरिकी एयर डिफेंस को चकमा देना अब आसान है।

दूसरा पत्ता: क्षेत्रीय मोर्चा
हूती, हिजबुल्लाह, इराकी मिलिशिया का एक साथ समन्वय। ईरान का संदेश है: “हम अकेले नहीं लड़ेंगे, पूरा एक्सिस लड़ेगा”।

तीसरा पत्ता: यूएसएस अब्राहम लिंकन
ईरानी रक्षा प्रवक्ता ने नाम लेकर धमकी दी: “अगर अमेरिका ने दोबारा गलत सोचा तो यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हम कब्जा कर लेंगे या उसे कबाड़ बना देंगे”। यह वही कैरियर स्ट्राइक ग्रुप है जो फिलहाल खाड़ी में तैनात है और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का मुख्य हिस्सा है।

4. “घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया” – ईरान का नैरेटिव
तेहरान की संसद ने “ऐतिहासिक और कुचलने वाली जीत” का दावा किया है। सरकारी टीवी पर बार-बार दिखाया जा रहा है कि “ईरान अकेला अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़ा रहा और दुनिया ने देखा कि दोनों को सीजफायर के लिए मजबूर होना पड़ा”।

ईरान का तर्क: 11,000 हमलों के बावजूद न तो रेजीम चेंज हुआ, न मिसाइल प्रोग्राम रुका, न न्यूक्लियर क्षमता खत्म हुई। उल्टा, होर्मुज अब भी ईरान के कंट्रोल में है और अमेरिकी बेस निशाने पर हैं। इसलिए तेहरान इसे अपनी जीत बता रहा है।

5. पेंटागन में बहस: “आसान जीत” या “बड़ा जोखिम”?

रिपोर्ट्स के मुताबिक जनरल केन ने व्हाइट हाउस की बैठक में चेताया था कि इजरायल की रक्षा और यूक्रेन को समर्थन के कारण अमेरिकी हथियारों का भंडार घटा है। ईरान पर बड़े ऑपरेशन में “स्केल, कॉम्प्लेक्सिटी और अमेरिकी हताहतों” का खतरा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इन रिपोर्ट्स को “100% गलत” और “फेक न्यूज” बताया। उनका दावा है कि केन मानते हैं कि ईरान से जंग “आसान नही" जीत दुर की बात है।

6. आगे क्या: तीन फ्लैशपॉइंट

1. होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने इसे खोलने से इनकार किया। बंद रहा तो तेल 150 डॉलर पार जा सकता है।

2. कैरियर स्ट्राइक ग्रुप: यूएसएस अब्राहम लिंकन अब ईरान के निशाने पर है। अगर इस पर हमला हुआ तो अमेरिका के लिए “पर्ल हार्बर मोमेंट” होगा।

3. पाकिस्तान वार्ता: 26 फरवरी को अमेरिका-ईरान वार्ता प्रस्तावित है। अगर विफल रही तो जनरल केन का “एक पल की सूचना” वाला बयान हकीकत बन सकता है।

7. आर-पार की जंग का मतलब
ईरान के लिए “आर-पार” का मतलब है: प्रॉक्सी के पीछे छिपने के बजाय सीधा हमला। अमेरिकी बेस, कैरियर, तेल टैंकर – सब वैध टारगेट। “नए ताश के पत्ते” यानी नई मिसाइल, नए ड्रोन, नया साइबर अटैक।

अमेरिका के लिए “आर-पार” का मतलब है: 11,000 टारगेट के बाद अब ईरान की कमांड एंड कंट्रोल, लीडरशिप और न्यूक्लियर ब्रेकआउट क्षमता को पूरी तरह खत्म करना। केन ने कहा – “मिलिट्री ऑब्जेक्टिव्स को हासिल करने में समय लगेगा और यह मुश्किल, ग्रिटी काम होगा”।

 विराम खत्म, विस्फोट बाकी?
जनरल डैन केन तैयार हैं। ईरान तैयार है। सीजफायर सिर्फ विराम है। दोनों के पास ताश के पत्ते हैं और दोनों को लगता है कि उनके पत्ते बड़े हैं।

ईरान का दावा है कि उसने अकेले अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर किया। अब वह यूएसएस अब्राहम लिंकन को ‘कबाड़’ बनाने की धमकी दे रहा है। 

अगला कदम टेबल पर उठेगा या ट्रिगर पर – यह पाकिस्तान में होने वाली बातचीत तय करेगी। फिलहाल दुनिया की सांस अटकी है, क्योंकि इस बार जंग डिफेंस नहीं, अटैक की होगी। और आर-पार की होगी।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World-April 21,2026