-Friday World-April 30,2026
वाशिंगटन: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के दो महीने बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पहली बार कांग्रेस की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पेश होना पड़ा। बुधवार को हुई लगभग छह घंटे लंबी सुनवाई में डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप प्रशासन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने युद्ध की लागत, बिना कांग्रेस की मंजूरी के शुरू किए गए ऑपरेशन और मीनाब स्कूल पर हुए घातक हमले को लेकर तीखे सवाल पूछे।
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सांसदों के बयानों को “reckless, feckless और defeatist” (लापरवाह, कमजोर और हार मानने वाला) करार दिया और कहा कि ऐसे शब्द अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन हैं। वहीं डेमोक्रेट्स ने आरोप लगाया कि ट्रंप और हेगसेथ शुरू से ही जनता से युद्ध के बारे में झूठ बोल रहे हैं।
युद्ध पर अब तक 25 अरब डॉलर खर्च ओर 39 अरब डॉलर का नुकसान
पेंटागन के मुख्य वित्त अधिकारी जूल्स हर्स्ट (Jay Hurst) ने कमेटी को बताया कि ईरान युद्ध (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) पर अमेरिका अब तक 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। ज्यादातर खर्च हथियारों, मिसाइलों और सैन्य उपकरणों को बदलने पर हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरी लागत का अंतिम आकलन बाद में किया जाएगा। 39 अरब डॉलर का नुकसान जो ईरान ने मार गिराए फाइटर जेट ओर अती कीमती ड्रोन ओर एवोकस विमान को ईरान ने आसान टारगेट किया
यह आंकड़ा सुनकर डेमोक्रेटिक सांसदों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि बिना कांग्रेस की मंजूरी के खर्च की जा रही है। कई सांसदों ने इसे “War of Choice” (चुनिंदा युद्ध) बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस को पूरी तरह बायपास कर दिया।
डेमोक्रेट्स का हमला: “आप जनता से झूठ बोल रहे हैं”
कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सांसद जॉन गरामेंडी ने कहा,
“आप और राष्ट्रपति शुरू से ही इस युद्ध के बारे में अमेरिकी जनता से झूठ बोल रहे हैं। ट्रंप एक और मध्य पूर्व के युद्ध के दलदल में फंस गए हैं।”
कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य एडम स्मिथ ने मीनाब स्कूल हमले पर सवाल उठाते हुए कहा:
“हमसे गलती हुई और युद्ध में ऐसी गलतियां होती हैं, लेकिन दो महीने तक चुप रहकर हमने दुनिया को यह संदेश दिया कि हमें परवाह नहीं है।”
कैलिफोर्निया के सांसद रो खन्ना ने स्कूल हमले की लागत और जवाबदेही पर जोर दिया। हेगसेथ ने जवाब दिया कि मामला अभी जांच के अधीन है और वे इसकी लागत पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
मीनाब स्कूल हमला: 168 मौतें, जिनमें 110 बच्चे
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, फरवरी के अंत में मीनाब (Minab) में हुए हवाई हमले में एक लड़कियों के प्राइमरी स्कूल पर मिसाइल गिरने से 168 लोग मारे गए, जिनमें करीब 110 बच्चे शामिल थे। अमेरिकी प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई गई कि यह अनजाने में हुआ हमला था, लेकिन अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
डेमोक्रेट्स ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो महीने तक चुप रहना गंभीर सवाल उठाता है।
हेगसेथ का बचाव और जवाब
हेगसेथ ने सुनवाई की शुरुआत में ही कहा कि कांग्रेस के कुछ सदस्यों के निराशावादी बयान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी था।
उनके साथ जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेन केन और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। हेगसेथ गुरुवार को सीनेट में भी सुनवाई के लिए पेश होने वाले हैं।
युद्ध की पृष्ठभूमि और विवाद
अमेरिका और इजरायल ने फरवरी 2026 के अंत में ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय खतरे को रोकने के लिए जरूरी था। लेकिन डेमोक्रेट्स और कुछ स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध बिना कांग्रेस की मंजूरी के शुरू किया गया, जो संवैधानिक रूप से सवालों के घेरे में है।
युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ीं और भारत जैसे आयातक देशों पर भी असर पड़ा।
राजनीतिक मायने
यह सुनवाई ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुई। डेमोक्रेट्स ने युद्ध की लागत, नागरिक मौतों और बिना अनुमति के सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाकर प्रशासन को घेरने की कोशिश की। वहीं रिपब्लिकन सांसदों ने ज्यादातर युद्ध का समर्थन किया और ईरान को खतरा बताया।
हेगसेथ ने 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट का भी बचाव किया, लेकिन बहस का केंद्र ईरान युद्ध ही रहा।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कई विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध की लागत और बढ़ सकती है, खासकर अगर संघर्ष लंबा खिंचा तो। मुनिशन (हथियार) की खपत बहुत ज्यादा हुई है, जिसे फिर से भरने में समय और पैसा लगेगा। साथ ही नागरिक मौतों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी कांग्रेस में ईरान युद्ध को लेकर पहली बड़ी सुनवाई ने ट्रंप प्रशासन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर भारी दबाव डाला है। डेमोक्रेटिक सांसदों ने “झूठ बोलने” और “जनता को गुमराह करने” के आरोप लगाते हुए जवाबदेही की मांग की। हेगसेथ ने युद्ध का बचाव किया और आलोचकों को “हार मानने वाला” बताया।
25 अरब डॉलर की लागत, मीनाब स्कूल हमला और बिना कांग्रेस की मंजूरी के युद्ध जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में अमेरिकी राजनीति को और गर्माने वाले हैं। हेगसेथ की सीनेट सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि मध्य पूर्व में एक बार फिर अमेरिका गहराई में फंसता जा रहा है, जबकि घरेलू स्तर पर राजनीतिक विभाजन और गहरा होता जा रहा है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 30,2026