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Sunday, 10 May 2026

एयर इंडिया में सनसनीखेज सफाई: 3 साल में 1000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला, CEO ने खुद बताई वजह

एयर इंडिया में सनसनीखेज सफाई: 3 साल में 1000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला, CEO ने खुद बताई वजह-Friday World-11 May 2026

नई दिल्ली। टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार अच्छे कारण से नहीं। कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में नियमों के उल्लंघन के चलते 1000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह खुलासा खुद कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैम्पबेल विल्सन ने कर्मचारियों की मीटिंग में किया।

यह आंकड़ा केवल सतही सफाई नहीं है, बल्कि एयर इंडिया के अंदरूनी सिस्टम में गहरी जड़ें जमा चुकी गड़बड़ियों और गैर-जिम्मेदाराना रवैये की ओर इशारा करता है।

 CEO का सख्त संदेश: “हर साल सैकड़ों को निकालना पड़ता है”

मीटिंग में कैम्पबेल विल्सन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम तोड़ने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे सही आचरण बनाए रखें और कंपनी की नीतियों का पालन करें। 

विल्सन ने खुलासा किया कि निलंबित कर्मचारियों में कई ऐसे थे जिन्होंने:
- फ्लाइट में सामान की दांणचोरी (smuggling) की
- बिना चार्ज लिए अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति दी
- यात्रा नीति (travel policy) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया

कंपनी की जांच में पता चला कि 4000 से ज्यादा कर्मचारियों ने हवाई यात्रा नीति में गड़बड़ियां की थीं। इनमें से कई पर जुर्माना लगाया गया, कुछ को सस्पेंड किया गया और 1000 से अधिक को नौकरी से अलग कर दिया गया।

एयर इंडिया की मौजूदा स्थिति: 24,000 कर्मचारी, लेकिन चुनौतियां ढेर

वर्तमान में एयर इंडिया में लगभग 24,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। टाटा ग्रुप द्वारा कंपनी को वापस लेने के बाद से सुधार की कोशिशें तेज हुई हैं, लेकिन पुरानी बीमारियां अभी भी बनी हुई हैं। विल्सन ने कर्मचारियों को साफ-साफ चेतावनी दी कि गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 लागत घटाने की मुहिम: सैलरी बढ़ोतरी पर ब्रेक

एयर इंडिया घाटे से बाहर निकलने के लिए सख्त कदम उठा रही है। कंपनी ने:
- वार्षिक वेतन वृद्धि (annual increment) रोक दी है
- कर्मचारियों को गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने को कहा है
- संचालन लागत को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं

 2025-26 में 22,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा?

सबसे चिंताजनक खुलासा यह है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव जारी रहा तो वित्तीय वर्ष 2025-26 एयर इंडिया के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकता है। CEO विल्सन ने अनुमान जताया है कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दोनों को मिलाकर 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है।

इसकी मुख्य वजहें:
- कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की ऊंची कीमतें
- ATF (विमान ईंधन) की आसमान छूती कीमतें
- संचालन लागत में भारी वृद्धि
- मध्य पूर्व संकट से उड़ानों पर असर

एयर इंडिया का सफर: दिवाला से टाटा युग तक

2010 के दशक में सरकारी कंपनी के रूप में एयर इंडिया घाटे की दलदल में फंस गई थी। 2022 में टाटा ग्रुप ने इसे वापस लिया। उसके बाद बेड़े का विस्तार, नई उड़ानें, बेहतर सर्विस और डिजिटल सुधार हुए। लेकिन कर्मचारियों की अनुशासनहीनता और पुरानी संस्कृति अभी पूरी तरह नहीं बदली है।

कंपनी अब विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही है। इस समय इंडिगो जैसी कम लागत वाली कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय कैरियर्स से मुकाबला तेज है। ऐसे में आंतरिक अनुशासन बनाए रखना कंपनी की生存 के लिए जरूरी है।

 क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की छंटनी केवल दंडात्मक कदम नहीं, बल्कि सिस्टम को साफ करने की प्रक्रिया है। जब तक कर्मचारी स्तर पर जवाबदेही नहीं आएगी, तब तक घाटा कम करना मुश्किल रहेगा।

एक वरिष्ठ एविएशन एनालिस्ट ने कहा, “एयर इंडिया को नई पहचान बनाने के लिए ‘कल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन’ की जरूरत है। CEO विल्सन इसी दिशा में काम कर रहे हैं।”

कर्मचारियों के लिए संदेश

कैम्पबेल विल्सन का संदेश साफ है — ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी से काम करो। कंपनी बढ़ रही है, अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन गलत रास्ता चुनने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।

भविष्य की राह

एयर इंडिया का लक्ष्य है कि 2027 तक इसे लाभ कमाने वाली कंपनी बनाया जाए। इसके लिए:
- नए विमानों का बेड़ा बढ़ाना
- इंटरनेशनल रूट्स पर मजबूत उपस्थिति
- सर्विस क्वालिटी में सुधार
- कर्मचारियों का सही प्रशिक्षण और अनुशासन

लेकिन ये सपने तभी पूरे होंगे जब हर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझे।


एयर इंडिया की यह कार्रवाई दिखाती है कि टाटा ग्रुप पुरानी सरकारी संस्कृति को बदलने के लिए गंभीर है। 1000+ कर्मचारियों की छंटनी एक चेतावनी है — न केवल बाकी कर्मचारियों के लिए, बल्कि पूरी एविएशन इंडस्ट्री के लिए। 

अब देखना यह है कि बाकी कर्मचारी इस संदेश को कितना गंभीरता से लेते हैं और कंपनी को मुनाफे की राह पर कितनी तेजी से ले जाते हैं।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-11 May 2026