Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Tuesday, 2 June 2026

अमेरिका में 'ऑपरेशन चेकमेट' का कहर: 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर समेत 52 गिरफ्तार, तुरंत देश निकाला तय, अवैध इमिग्रेशन पर बाइडेन युग के EAD भी बेअसर

अमेरिका में 'ऑपरेशन चेकमेट' का कहर: 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर समेत 52 गिरफ्तार, तुरंत देश निकाला तय, अवैध इमिग्रेशन पर बाइडेन युग के EAD भी बेअसर
- Friday World 2 Jun 2026
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों पर अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का शिकंजा और कसता जा रहा है। खासतौर पर उन कमर्शियल ड्राइवरों को निशाना बनाया जा रहा है जो बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिकी सड़कों पर ट्रक चला रहे हैं। ताजा कार्रवाई में US बॉर्डर पेट्रोल ने एरिजोना के युमा सेक्टर में 'ऑपरेशन चेकमेट' चलाकर 52 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे ज्यादा 30 नागरिक भारतीय हैं जो ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे। 

क्या है 'ऑपरेशन चेकमेट' जिसने मचाई खलबली?

US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के मुताबिक यह पूरा ऑपरेशन 11 मई से 15 मई के बीच चलाया गया। इसका मकसद साफ है: उन सभी कमर्शियल मोटर व्हीकल ऑपरेटर्स को पकड़ना जो गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं और भारी वाहनों को चला रहे हैं। 

युमा सेक्टर बॉर्डर पेट्रोल ने इस दौरान हाईवे पर चलने वाले कमर्शियल ट्रकों की सघन जांच की। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 

गिरफ्तारी का पूरा ब्यौरा:
- कुल गिरफ्तारियां: 52 
- भारतीय नागरिक: 30 
- अन्य देश: 6 लोग मेक्सिको, अल साल्वाडोर और रूस से 
- बिना लाइसेंस: 3 ड्राइवरों के पास किसी भी तरह का ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था 

बाइडेन युग के EAD अब रद्दी कागज? 

इस कार्रवाई में सबसे बड़ा खुलासा 'एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट' यानी EAD को लेकर हुआ। गिरफ्तार किए गए ज्यादातर भारतीय ड्राइवरों ने बताया कि उनके पास EAD मौजूद है। ये दस्तावेज उन्हें जो बाइडेन प्रशासन के कार्यकाल में मिले थे। 

लेकिन अब ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पुराने EAD मान्य नहीं होंगे। अगर कोई व्यक्ति अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ है, तो सिर्फ EAD के दम पर वह कमर्शियल ड्राइविंग नहीं कर सकता। नियमों में सख्ती के बाद इन सभी EAD को अमान्य घोषित कर दिया गया है। यही वजह है कि वैध वर्क परमिट दिखाने के बावजूद इन 30 भारतीयों को हिरासत में ले लिया गया।

क्यों लिया गया इतना कड़ा एक्शन? 

US बॉर्डर पेट्रोल के एक्टिंग चीफ पेट्रोलिंग एजेंट डस्टिन डब्ल्यू. कोडले ने इस ऑपरेशन के पीछे की वजह बताई। उनके मुताबिक इसका मकसद सिर्फ इमिग्रेशन कानून लागू करना नहीं है। 

1. सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि: अमेरिकी सड़कों को सुरक्षित बनाना पहली प्राथमिकता है। बिना ट्रेनिंग और बिना वैध लाइसेंस के 18 पहियों वाले भारी ट्रक चलाना सीधे तौर पर हजारों लोगों की जान जोखिम में डालना है। 

2. घातक हादसों पर लगाम: पिछले कुछ महीनों में अवैध भारतीय ट्रक ड्राइवरों की वजह से कई जानलेवा सड़क हादसे हुए हैं। इन घटनाओं के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। 

कोडले ने दो टूक कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के खिलाफ फेडरल कानून के तहत कार्रवाई होगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाएगा। 

वो 2 हादसे जिन्होंने बदल दिया पूरा खेल 

अमेरिका में ट्रकिंग इंडस्ट्री बहुत बड़ी है, लेकिन कुछ घटनाओं ने अवैध ड्राइवरों को लेकर माहौल बेहद सख्त कर दिया। 

1. कैलिफोर्निया हादसा, अक्टूबर 2025:
जशनप्रीत सिंह नाम के एक भारतीय ड्राइवर ने नशे की हालत में ट्रक चलाते हुए एक SUV को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जांच में सामने आया कि जशनप्रीत 2022 में मेक्सिको बॉर्डर से अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ था। उसके पास कमर्शियल लाइसेंस भी नहीं था। 

2. फ्लोरिडा हादसा, अगस्त 2025:
हरजिंदर सिंह नाम के ड्राइवर ने हाईवे पर गलत तरीके से U-Turn ले लिया। पीछे से तेज रफ्तार में आ रही कारें ट्रक से टकरा गईं और 3 लोगों ने जान गंवा दी। हरजिंदर भी वैध दस्तावेजों के बिना ट्रक चला रहा था। 

इन दोनों मामलों के बाद अमेरिकी संसद और स्थानीय मीडिया में अवैध कमर्शियल ड्राइवरों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। 'ऑपरेशन चेकमेट' उसी का नतीजा माना जा रहा है। 

भारतीय ट्रक ड्राइवर क्यों बनते हैं निशाना? 

अमेरिका में ट्रक ड्राइवर की भारी कमी है। अमेरिकन ट्रकिंग एसोसिएशन के अनुसार, देश में 80,000 से ज्यादा ड्राइवरों की शॉर्टेज है। एक लॉन्ग हॉल ट्रक ड्राइवर सालाना 60,000 से 1,10,000 डॉलर यानी 50 लाख से 90 लाख रुपये तक कमा लेता है। 

ज्यादा सैलरी के लालच में कई भारतीय एजेंटों के जरिए 'डंकी रूट' से अमेरिका पहुंचते हैं। वहां पहुंचने के बाद शरण मांगकर EAD हासिल कर लेते हैं। फिर कुछ महीनों की ट्रेनिंग के बाद ट्रकिंग कंपनियों में नौकरी शुरू कर देते हैं। कई कंपनियां भी ड्राइवरों की कमी के कारण दस्तावेजों की गहराई से जांच नहीं करतीं। 

लेकिन अब नियम बदल गए हैं। DOT यानी डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन और बॉर्डर पेट्रोल मिलकर कमर्शियल ड्राइवरों का डेटा बेस खंगाल रहे हैं। 

आगे क्या होगा? भारतीय समुदाय पर असर 

1. तुरंत डिपोर्टेशन: CBP ने साफ किया है कि इन 52 लोगों को 'एक्सपीडाइटेड रिमूवल' के तहत देश से निकाला जाएगा। यानी लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय सीधे डिपोर्ट किया जाएगा। 

2. ट्रकिंग कंपनियों पर छापे: जिन कंपनियों ने इन ड्राइवरों को बिना पूरी जांच के नौकरी पर रखा, उन पर भी 10,000 डॉलर प्रति अवैध कर्मचारी के हिसाब से जुर्माना लग सकता है। 

3. वैध भारतीय ड्राइवरों की मुश्किलें: इस कार्रवाई के बाद वैध H-1B या अन्य वर्क वीजा पर काम कर रहे भारतीय ट्रक ड्राइवरों की जांच भी सख्त हो सकती है। उन्हें बार-बार दस्तावेज दिखाने पड़ सकते हैं। 

4. EAD धारकों में डर: हजारों भारतीय जो बाइडेन के समय मिले EAD पर ट्रक चला रहे हैं, उनमें अब गिरफ्तारी का डर बैठ गया है। इमिग्रेशन वकीलों के पास सलाह के लिए कॉल्स बढ़ गई हैं। 

एक्सपर्ट्स की राय: अब क्या करें? 

इमिग्रेशन लॉ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन लोगों के पास सिर्फ EAD है और वे शरणार्थी केस के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें तुरंत कमर्शियल ड्राइविंग बंद कर देनी चाहिए। जब तक ग्रीन कार्ड या वैध वर्क वीजा न मिल जाए, तब तक भारी वाहन चलाना जोखिम भरा है। 

एक गलती सिर्फ डिपोर्टेशन ही नहीं करवाएगी, बल्कि भविष्य में अमेरिका में एंट्री पर हमेशा के लिए बैन भी लगवा सकती है। 

 सख्ती का दौर शुरू
'ऑपरेशन चेकमेट' से ट्रंप प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि अमेरिकी सड़कों पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। अवैध इमिग्रेशन और बिना लाइसेंस कमर्शियल ड्राइविंग को अब आपराधिक नजरिए से देखा जाएगा। 

30 भारतीयों की गिरफ्तारी उन हजारों युवाओं के लिए चेतावनी है जो लाखों रुपये खर्च कर अवैध रास्तों से अमेरिका पहुंचते हैं और ट्रक ड्राइवर बनने का सपना देखते हैं। अब अमेरिका का कानून बदल चुका है। बाइडेन युग की नरमी अब इतिहास बन चुकी है और 'चेकमेट' जैसे ऑपरेशन बताते हैं कि प्रशासन अब शह और मात के मूड में है। 

जो भी भारतीय अमेरिका में हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे अपने दस्तावेज किसी इमिग्रेशन अटॉर्नी से तुरंत चेक करवाएं। कानून की जानकारी न होना अब बचाव नहीं बन सकता।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 2 Jun 2026