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Sunday, 5 July 2026

श्रीगंगानगर मे दरिंदगी: 13 साल की बच्ची से 5 दिन में 32 बार दरिंदगी, 4 होटल गिराए, 12 गिरफ्तार

श्रीगंगानगर मे दरिंदगी: 13 साल की बच्ची से 5 दिन में 32 बार दरिंदगी, 4 होटल गिराए, 12 गिरफ्तार
-Friday World 5 Jul 2026
श्रीगंगानगर, राजस्थान 
18 जून को घर जाने के लिए ई-रिक्शा में बैठी 13 साल की एक बच्ची अगले 5 दिन तक नर्क से गुजरी। पुलिस ने 22 जून को उसे श्रीगंगानगर के एक होटल से सकुशल बरामद किया। इस दौरान उसे 4 अलग-अलग लोकल होटलों में ले जाया गया, नशा देकर बेहोश किया गया और कथित रूप से सामूहिक यौन शोषण किया गया।

इस जघन्य अपराध ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने इस मामले से जुड़े सभी होटलों को गिराने का आदेश दिया है और अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें ई-रिक्शा चालक भी शामिल है।

घटना की टाइमलाइन
18 जून: बच्ची स्कूल से घर लौट रही थी। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक ने उसे घर छोड़ने के बजाय अगवा कर लिया।  
18 से 22 जून: पुलिस जांच के मुताबिक इस दौरान बच्ची को शहर के 4 अलग-अलग होटलों में ले जाया गया। उसे चुप कराने के लिए शराब दी गई।  
22 जून: मुखबिर की सूचना और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक होटल पर छापा मारकर बच्ची को मुक्त कराया और आरोपी को पकड़ा।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।

प्रशासन की कार्रवाई
1. होटल सील और ध्वस्त: जिन 4 होटलों में बच्ची को रखा गया था, जिला प्रशासन ने उन्हें अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर गिराने का आदेश दिया। 
2. गिरफ्तारियां: अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें रिक्शा चालक, होटल संचालक और अन्य संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
3. POCSO और अन्य धाराएं: सभी आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट, अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा, "यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। हम फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे।"

बच्ची की स्थिति
बरामदगी के बाद बच्ची को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और मनोचिकित्सक उसकी काउंसलिंग कर रहे हैं। 

सरकार ने बच्ची और उसके परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

समाज और कानून की मांग
इस घटना के बाद श्रीगंगानगर में गुस्सा है। नागरिक समूहों और महिला संगठनों ने सड़कों पर उतरकर दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि POCSO एक्ट में नाबालिग से दुष्कर्म के लिए न्यूनतम 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। जघन्य मामलों में मृत्युदंड भी दिया जा सकता है।

बाल अधिकार कार्यकर्ता डॉ. रीना शर्मा कहती हैं, "इस तरह के अपराध समाज के सबसे कमजोर वर्ग पर हमला हैं। हमें सिर्फ सजा नहीं, बल्कि रोकथाम पर काम करना होगा। ई-रिक्शा, होटल और स्कूल के आसपास निगरानी बढ़ानी होगी।"

इससे हम क्या सीखें
1. बच्चों की सुरक्षा: अकेले बच्चों को ऑटो/ई-रिक्शा में न भेजें। स्कूल और घर के बीच "सेफ कॉरिडोर" बनाए जाएं।
2. होटलों पर निगरानी: बिना पहचान पत्र के नाबालिगों को कमरा न देने के नियम को सख्ती से लागू किया जाए। पुलिस को नियमित जांच करनी चाहिए।
3. रिपोर्टिंग: अगर आसपास कुछ संदिग्ध दिखे तो तुरंत 1098 - चाइल्ड हेल्पलाइन या 112 - पुलिस को कॉल करें। चुप्पी अपराधियों को ताकत देती है।


एक 13 साल की बच्ची के साथ हुए इस अपराध ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली जीत तब होगी जब ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

दोषियों को कानून के अनुसार सबसे सख्त सजा मिले, ताकि यह एक उदाहरण बने। और सबसे जरूरी, उस बच्ची को न्याय, इलाज और एक सामान्य जिंदगी वापस मिले।

अगर आप या आपके आसपास कोई बच्चा खतरे में है तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करें।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 5 Jul 2026

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