Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Saturday, 5 September 2026

महासागर में महाशक्ति की किरकिरी: जंग लगा एयरक्राफ्ट कैरियर और अंधेरे में भटका डिस्ट्रॉयर, क्या अमेरिकी नौसेना थक चुकी है?

महासागर में महाशक्ति की किरकिरी: जंग लगा एयरक्राफ्ट कैरियर और अंधेरे में भटका डिस्ट्रॉयर, क्या अमेरिकी नौसेना थक चुकी है?
-Friday World September 06 2026 
अमेरिका को दुनिया का सुपरपावर कहा जाता है। इस टैग के पीछे दो बड़े स्तंभ हैं - एक अकूत डालर वाली अर्थव्यवस्था और दूसरा समंदर से लेकर अंतरिक्ष तक मार करने वाली अमेरिकी सेना। कहा जाता है कि अमेरिकी नौसेना अकेले दुनिया की बाकी सभी नौसेनाओं पर भारी है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में समंदर से जो तस्वीरें और खबरें आई हैं, उन्होंने इस मिथक पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।

पहले दुनिया ने देखा - अमेरिकी शान कहे जाने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln CVN-72) का जंग लगा, कबाड़ जैसा हाल। महीनों तक मध्य-पूर्व में तैनाती के बाद जब यह थाईलैंड के पटाया पहुंचा तो उसकी हालत देखकर सैन्य विशेषज्ञ भी हैरान रह गए। पूरे हुल पर जंग, उखड़ा पेंट और थका हुआ जहाज, मानो वह युद्ध लड़कर नहीं बल्कि युद्ध से हारकर लौटा हो।

और अब दूसरा, और ज्यादा चिंताजनक खुलासा हुआ है। जुलाई 2025 में दक्षिण चीन सागर के सबसे संवेदनशील इलाके में अमेरिकी नौसेना का एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर चार दिन तक बिना बिजली के, अंधेरे में भटकता रहा। सोचिए, वही दक्षिण चीन सागर जिसके हर द्वीप, हर चट्टान पर चीन की सैटेलाइट और रडार की नजर रहती है, वहां अमेरिका का सबसे उन्नत युद्धपोत एक नाव की तरह लाचार होकर तैर रहा था।

चार दिन तक डेड इन वॉटर

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डिस्ट्रॉयर अचानक पूरी तरह से पावर फेलियर का शिकार हो गया। उसका प्रोपल्शन सिस्टम, रडार, हथियार प्रणाली और कम्युनिकेशन तक ठप पड़ गया। चार दिनों तक वह 'डेड इन वॉटर' रहा। अमेरिकी नौसेना ने इस घटना को बेहद गोपनीय रखने की कोशिश की, लेकिन अब वाशिंगटन के गलियारों में इसकी चर्चा तेज है।

इस पर वाशिंगटन स्थित प्रसिद्ध थिंक टैंक रैंड कॉर्पोरेशन (RAND Corporation) के वरिष्ठ नीति शोधकर्ता और अमेरिकी नौसेना के पूर्व कप्तान ब्रैड मार्टिन ने जो कहा है, वह और भी गंभीर है। उन्होंने कहा, "दक्षिण चीन सागर में बिजली के बिना भटकता हुआ अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर इस बात का संकेत है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का अभियान लंबा खिंचने के कारण वह अपनी रिजर्व क्षमता पर दबाव डाल रहा है।"

ब्रैड मार्टिन ने आगे कहा, "यह एक बेहद असामान्य घटना है और इसके पीछे कई तरह के उपकरण और प्रक्रिया संबंधी विफलताएं हुई होंगी। इस तरह की विफलताएं मेंटीनेंस में देरी और ट्रेनिंग की कमियों जैसे मुद्दों का एक अनुमानित परिणाम हैं।"

तीन फ्रंट पर उलझा अमेरिका, खिंच रही है नौसेना

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विफलता के पीछे तीन बड़े कारण हैं।

 1. ओवरस्ट्रेच्ड नेवी: पिछले दो साल से अमेरिकी नौसेना एक साथ तीन मोर्चों पर उलझी है। एक तरफ लाल सागर में हूती विद्रोहियों से मुकाबला, दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ लंबा अभियान और तीसरी तरफ चीन को रोकने के लिए दक्षिण चीन सागर और ताइवान स्ट्रेट में लगातार मौजूदगी। जहाजों को मेंटीनेंस के लिए पोर्ट पर जाने का समय ही नहीं मिल रहा। यूएसएस अब्राहम लिंकन पर लगा जंग इसी थकान का सबूत है।

 2. मेंटीनेंस बजट और कर्मियों की कमी: अमेरिकी सरकारी रिपोर्टें खुद मानती हैं कि नौसेना के शिपयार्ड में हजारों टेक्निशियन की कमी है। कई जहाजों का शेड्यूल मेंटीनेंस महीनों तक टल रहा है। जब मशीनों को आराम नहीं मिलेगा तो वे समंदर में धोखा तो देंगी ही।

 3. चीन के लिए मुफ्त का मौका: जिस जगह पर अमेरिकी जहाज खराब हुआ, वह चीन के लिए सबसे बड़ी जीत है। चीन यही दिखाना चाहता है कि अमेरिका अब इंडो-पैसिफिक में भरोसेमंद ताकत नहीं रहा। चार दिन तक एक अमेरिकी डिस्ट्रॉयर का बिना बिजली के भटकना, बीजिंग के प्रोपेगैंडा के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।

क्या सुपरपावर की चमक फीकी पड़ रही है?

यूएसएस अब्राहम लिंकन की जंग लगी तस्वीरें और डिस्ट्रॉयर का अंधेरे में भटकना सिर्फ दो तकनीकी खराबी नहीं हैं। ये एक बड़ी कहानी की ओर इशारा करती हैं - कि अमेरिका की सैन्य मशीन अब अपनी सीमाओं पर चल रही है। दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना होने का मतलब सिर्फ जहाजों की गिनती नहीं, बल्कि उन्हें हर वक्त युद्ध के लिए तैयार रखना भी है। और यहीं पर अमेरिका चूकता हुआ नजर आ रहा है।

अगर ईरान और मध्य-पूर्व के मोर्चे पर अमेरिका ऐसे ही उलझा रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब दक्षिण चीन सागर में चीन की धमक के सामने अमेरिकी जहाज सिर्फ जंग लगे कबाड़ के तौर पर नजर आएंगे। सुपरपावर की असली परीक्षा हथियारों से नहीं, उन्हें संभाल कर रखने की क्षमता से होती है। और फिलहाल, इस परीक्षा में अमेरिका कमजोर पड़ता दिख रहा है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World September 06 2026 

#USNavy #USSAbrahamLincoln #SouthChinaSea #AmericanMilitaryPower #Geopolitics #ChinaVsUSA #RANDCorporation #MilitaryCrisis #WorldNews #DefenceNews