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Wednesday, 2 September 2026

एक महीने की शांति के बाद फिर दहला मिडिल ईस्ट: अमेरिका के IRGC पर हमले के बाद ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन तक बरसाए मिसाइल-ड्रोन!

एक महीने की शांति के बाद फिर दहला मिडिल ईस्ट: अमेरिका के IRGC पर हमले के बाद ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन तक बरसाए मिसाइल-ड्रोन!
-Friday World 3 Sep 2026
मिडिल ईस्ट में एक महीने की खामोशी के बाद एक बार फिर जंग के बादल गहरा गए हैं। अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के अंदर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर बड़ा हमला किया, और जवाब में ईरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को निशाने पर ले लिया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई मंगलवार शाम भारतीय समयानुसार होर्मुज़ स्ट्रेट के पास शुरू हुई। CENTCOM का कहना है कि ईरान इस इलाके में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था, इसलिए यह प्रहार जरूरी था।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में क़ेश्म आइलैंड, बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क, सिरिक, असलूयेह, कोनारक और लावन जैसे 8 से ज्यादा इलाकों में धमाके सुने गए। जिरोफ्त के एक सिविलियन एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ। सबसे दर्दनाक खबर सिरिक से आई, जहाँ एक शादी समारोह वाले घर पर हमला हुआ। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, इसमें एक बच्चे सहित 4 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

इस प्रचंड अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने पलटवार करने में देर नहीं लगाई।

तीन देशों पर एक साथ हमला

ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन तक मिसाइल और ड्रोन की बारिश कर दी। ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद प्रिंस हसन एयरबेस और वहाँ स्थित अमेरिकी मरीन बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। बहरीन में शेख इसा एयरबेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला हुआ, जहाँ अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। कुवैत ने भी अपने ऊपर ड्रोन हमलों की पुष्टि की है।

जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके हवाई क्षेत्र में घुसी 13 में से 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। बाकी 3 मिसाइलें वीरान इलाके में गिरीं, जिससे कोई जानहानि नहीं हुई। मफरक शहर में सायरन बजे और रात भर आसमान में रॉकेट रोकने की चमक देखी गई।

IRGC ने एक बयान में कहा कि उसने “हमलावरों को दुखद जवाब दिया है” और दावा किया कि हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि CENTCOM के बयान में किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत का जिक्र नहीं है और IRGC का दावा पूरी तरह झूठा है।

जंग का नया पैटर्न

यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि अब जंग का पैटर्न बदल गया है। अमेरिका अब सीधे ईरान के अंदर उसके सबसे ताकतवर संगठन IRGC को निशाना बना रहा है, जबकि ईरान सीधे अमेरिका से लड़ने के बजाय उन देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बना रहा है जहाँ अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। यह रणनीति पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध में खींच सकती है।

ईरानी मीडिया का कहना है कि बहरीन एयरबेस पर हमले में रडार सिस्टम और उन जगहों को टारगेट किया गया जहाँ अमेरिकी सैनिक रहते हैं।

सवाल अब यह है कि क्या यह हमला एक और बड़े युद्ध की शुरुआत है? होर्मुज़ स्ट्रेट से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह मिसाइल-ड्रोन युद्ध लंबा चला, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट पर नहीं, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया की तेल कीमतों और सुरक्षा पर पड़ेगा।

फिलहाल तीनों देश - कुवैत, बहरीन और जॉर्डन हाई अलर्ट पर हैं और अमेरिका ने अपने सभी बेसों पर एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 3 Sep 2026

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