-Friday World Oct 22,2026
मिडल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। आमतौर पर एयरपोर्ट और पैसेंजर फ्लाइट्स को युद्ध में भी सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन सऊदी अरब के मुख्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेल के कुओं पर हुए लगातार हमलों ने ग्लोबल सिक्योरिटी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि अमेरिका को अपने राजनयिकों और उनके परिवारों को तत्काल वापस बुलाना पड़ा है।
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिडनाइट अटैक
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत दम्माम में स्थित और बहरीन-कतर सीमा के पास बने प्रसिद्ध 'किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट' पर बुधवार देर रात हमला हुआ। सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी GACA ने गुरुवार सुबह पुष्टि की कि इस हमले में 1 सऊदी नागरिक की मौत हो गई और 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हमले से एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्लोबल फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस Flightradar24 ने X पर जानकारी दी कि हमले के बाद कई इंटरनेशनल और डोमेस्टिक फ्लाइट्स को तुरंत डायवर्ट किया गया। एयरस्पेस में अफरातफरी मच गई। सऊदी गठबंधन ने बताया कि उसने पूर्वी क्षेत्र में 4 ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट किया है।
यह हमला कोई पहला नहीं है। पिछले हफ्ते ही रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 11 अक्टूबर को भी उसी एयरपोर्ट पर 1 की मौत हुई थी।
अरामको ऑयल फील्ड पर ड्रोन का मलबा गिरा - 2 की मौत, भारतीय घायल
एयरपोर्ट हमले से कुछ घंटे पहले ही दक्षिण-पूर्वी सऊदी में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के शायबा ऑयल फील्ड पर एयर डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट किए गए एक ड्रोन का मलबा गिरा। इससे कॉन्ट्रैक्टर की एक गाड़ी में आग लग गई।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में 2 लोगों की मौत हुई - एक फिलिपिनो और एक नेपाली नागरिक। जबकि 2 लोग घायल हुए - एक पाकिस्तानी और एक भारतीय। मंत्रालय ने कहा कि फील्ड के ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा है, जो रोजाना 10 लाख बैरल कच्चा तेल उत्पादन करता है।
कुल मिलाकर एक ही दिन में 3 लोगों की मौत और 10 लोग घायल हो गए।
अमेरिका ने जारी किया इमरजेंसी अलर्ट
बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में अपने मिशन से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को तुरंत निकलने का आदेश दिया। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर हूथी विद्रोहियों द्वारा और हमलों की चेतावनी दी है।
सऊदी अधिकारियों का कहना है कि यह ईरान समर्थित हूथी समूह के हमलों का हिस्सा है, हालांकि हूथियों ने इस ताजा हमले की जिम्मेदारी अभी तक नहीं ली है। लेकिन यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ चल रहे संघर्ष के कारण सऊदी एयरपोर्ट लगातार निशाने पर हैं।
अब सवाल यह है कि जब एयरपोर्ट जैसे नागरिक ठिकाने भी सुरक्षित नहीं हैं, तो मिडल ईस्ट में लाखों भारतीय प्रवासियों और हवाई यात्रियों की सुरक्षा का क्या होगा?
Sajjadali Nayani ✍
Friday World Oct 22,2026
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