- Friday World Oct 25,2026
अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब हथियारों की होड़ में बदल गई है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा GBU-43/B 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB) के इस्तेमाल की धमकियों के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा बयान दिया है। IRGC प्रवक्ता हुसैन मुहिब ने कहा है कि अगर अमेरिका MOAB का इस्तेमाल करता है, तो ईरान 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (FOAB) जैसे हथियार की तैयारी कर रहा है, जो दुश्मन के लिए कुछ नया होगा।
मुहिब के अनुसार, 12-दिन की लड़ाई से पहले की तुलना में ईरान की मिसाइलों की संख्या कम से कम 1.5 गुना बढ़ गई है। सिर्फ संख्या ही नहीं, क्वालिटी में भी बड़ा सुधार किया गया है। उनकी रेंज, मारक क्षमता और सटीकता तीनों को बढ़ाया गया है।
MOAB vs FOAB - क्या है अंतर?
अमेरिका का GBU-43/B MOAB दुनिया के सबसे बड़े नॉन-न्यूक्लियर बमों में से एक है। यह ग्रैविटी ड्रॉप, एयर बर्स्ट सिस्टम है और इसकी यील्ड लगभग 11 टन TNT के बराबर मानी जाती है। इसे 2003 में पेश किया गया था और यह बड़े बंकर और सतह के ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है।
इससे जुड़ा दूसरा हथियार GBU-57 MOP (Massive Ordnance Penetrator) है, जो बंकर बस्टर है और इसकी यील्ड लगभग 2.4 टन TNT के बराबर है, लेकिन इसे काइनेटिक पेनिट्रेशन के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है, यानी जमीन के नीचे छिपे बंकरों को तोड़ने के लिए।
ईरान का दावा है कि उसका खोर्रमशहर-4 मिसाइल सिस्टम पेलोड के मामले में सबसे करीब है। इसका पेलोड 1800 किलोग्राम तक है और इसे दुश्मन के डिफेंस को तोड़ने के लिए क्लस्टर बॉम्बलेट से लैस किया जा सकता है।
ईरान साफ नहीं कर रहा है कि वह MOAB का मुकाबला किस तरह के हथियार से करेगा, लेकिन उसका जोर अंडरग्राउंड 'मिसाइल शहरों' में सुरक्षित, सस्ती और बड़े पैमाने पर बनाई गई मिसाइलों और ड्रोन की एसिमेट्रिक स्ट्रैटेजी पर है।
होर्मुज स्ट्रेट - 100% बंद
मुहिब ने सबसे बड़ा दावा होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किया। उनके अनुसार, होर्मुज अमेरिकी युद्धपोतों के लिए "100% बंद" है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों ने रात के अंधेरे में अपने ट्रांसपोंडर बंद करके तस्करी का सहारा लिया है, जिन पर ईरान के हमले जारी हैं।
जो रास्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर बिछी हुई माइन का खतरा है, जिनमें कई जहाज डूबे हैं या आग के हवाले हुए हैं। मुहिब ने 2026 की लड़ाई के दौरान कैरियर ग्रुप्स को किए गए बचाव के तरीकों की ओर इशारा किया और कहा कि ईरान ने अपनी ज्योग्राफिक ताकत का फायदा उठाकर अमेरिका की साख को खत्म कर दिया है।
ईरान का असली तुरुप का पत्ता - फत्ताह हाइपरसोनिक
ईरान की सबसे बड़ी ताकत फत्ताह-1 और फत्ताह-2 हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। ईरान का दावा है कि अमेरिका के पास अभी तक इसका कोई तोड़ नहीं है। ये मिसाइलें 5 मैक से ज्यादा स्पीड से उड़ती हैं और मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की रणनीति साफ है - महंगे अमेरिकी हथियारों का मुकाबला सस्ते, लेकिन बड़ी संख्या में बनने वाले ड्रोन और मिसाइलों से करना, और होर्मुज स्ट्रेट पर अपने कंट्रोल से दुनिया के तेल व्यापार पर दबाव बनाना।
क्या यह FOAB की धमकी सिर्फ मनोवैज्ञानिक युद्ध है या ईरान वाकई कोई नया हथियार ला रहा है, यह आने वाले हफ्तों में साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि पाताल से लेकर समंदर तक, ईरान ने अमेरिका के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World Oct 25,2026
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