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Tuesday, 3 November 2026

ईरान की चेतावनी - अब जंग मध्य पूर्व तक नहीं रुकेगी, यूरोप भी जलेगा! सुप्रीम लीडर ने दिया बिना भौगोलिक सीमा का आदेश, ब्रिटेन-इटली-ग्रीस समेत 6 देशों के ठिकाने निशाने पर

ईरान की चेतावनी - अब जंग मध्य पूर्व तक नहीं रुकेगी, यूरोप भी जलेगा! सुप्रीम लीडर ने दिया बिना भौगोलिक सीमा का आदेश, ब्रिटेन-इटली-ग्रीस समेत 6 देशों के ठिकाने निशाने पर
-Friday World Nov 3,2026 
तेहरान - दुनिया अब तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है?

ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर हमला किया तो यह संघर्ष मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। कई ईरानी सांसदों, सैन्य अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने कहा है कि अगर युद्ध शुरू होता है तो इसकी चपेट में यूरोप भी आएगा।

ईरान की सरकारी मीडिया ने तो बाकायदा यूरोपीय देशों में लक्ष्यों की पहचान तक शुरू कर दी है। यूरोप के इन जगहों को ईरान का संभावित सैन्य निशाना बताया गया है।

#खामेनेई का आदेश - बिना भौगोलिक सीमा के, बड़ा, तुरंत और परिणाम देने वाला

ईरान इंटेल की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने देश के तीन शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात के दौरान किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार करने का आदेश दिया था।

उन्होंने कहा था - "ईरान का हमला बिना किसी भौगोलिक सीमा के, बड़ा, तुरंत और परिणाम देने वाला होना चाहिए।"

यह आदेश शनिवार को दिया गया था, जब खामेनेई ने IRGC के चीफ, सेना प्रमुख और जनरल स्टाफ के प्रमुख अली अब्दुल्लाही से मुलाकात की।

अब्दुल्लाही ने कहा - "हम अपने टारगेट बैंक को अपडेट कर रहे हैं। इसमें अमेरिका और इजरायल की सभी भौतिक और गैर-भौतिक संपत्तियां शामिल हैं। हम किसी भी खतरे का तुरंत जवाब देंगे, बिना भौगोलिक सीमा के।"

संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी मंगलवार को कहा - "हमारा जवाब अप्रत्याशित होगा और भौगोलिक सीमा में बंधा नहीं होगा। जंग रोकने की गेंद अब अमेरिका के पाले में है।"

#कौन से यूरोपीय ठिकाने निशाने पर? केहान ने नाम छाप दिए

ईरान के सबसे कट्टर अखबार केहान ने मंगलवार को फ्रंट पेज पर लिखा - "अमेरिका और NATO के हित और सुविधाएं यूरोप के दिल तक अब ईरान की सटीक मिसाइलों की रेंज में हैं।"

केहान ने जिन जगहों का नाम लिया है, वे हैं:

1. ब्रिटेन- RAF लाकेनहीथ, RAF माइल्डेनहॉल, डिएगो गार्सिया (US-UK जॉइंट बेस)
2. इटली- एवियानो एयरबेस, सिगोनेला नेवल एयर स्टेशन
3. ग्रीस - सूडा बे नेवल बेस, क्रेते
4. रोमानिया - मिहाइल कोगलनिसियानु एयरबेस, देवेसलु मिसाइल डिफेंस साइट
5. अल्बानिया- कुकोवा एयरबेस
6. साइप्रस - अक्रोटिरी और ढेकेलिया ब्रिटिश बेस

इसके अलावा हमशहरी अखबार ने लिखा कि ईरान ने 4000-5000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलों की तैयारी कर ली है। पहले ईरान ने खुद 2000 किलोमीटर की सीमा तय की थी, लेकिन अब बसीज कमांडर घासेम घोरैशी ने कहा - "अब मिसाइल रेंज, टारगेट चयन और ऑपरेशन के पैमाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।"

पूर्व विदेश मंत्री मनूचेहर मोत्ताकी ने कहा - "अगर हमारा युद्ध छिड़ता है तो यह अब क्षेत्रीय युद्ध नहीं होगा, यह अतिरिक्त-क्षेत्रीय होगा। ब्रिटेन, इटली, पुर्तगाल और जर्मनी के बेस भी इसमें खिंच जाएंगे।"

#यूरोप पहले से ही रूस से परेशान, अब ईरान का डर

यूरोपीय देश पहले से ही रूस से खतरे का सामना कर रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद से NATO हाई अलर्ट पर है। ऐसे में ईरान के हमले की आशंका ने उनकी चिंता को और बढ़ा दिया है।

यूरोप का डर दो वजह से है:
पहला - NATO का आर्टिकल 5: अगर ईरान ने किसी NATO देश के बेस पर हमला किया तो यह पूरे NATO पर हमला माना जाएगा। तब अमेरिका को यूरोप की रक्षा के लिए जंग में उतरना ही पड़ेगा।
दूसरा - मिसाइल क्षमता: CSIS के मुताबिक ईरान की मिसाइलें आम तौर पर 2000 किमी तक जाती हैं, कुछ 3000 किमी तक। लेकिन मार्च में ईरान ने डिएगो गार्सिया पर हमले की कोशिश करके 4000 किमी की रेंज दिखाई थी। RUSI का कहना है कि ब्रिटेन तक हमला सैद्धांतिक रूप से संभव है, लेकिन छोटा और कम सटीक वॉरहेड होगा।

इसलिए यूरोप के कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है और अपने एयर डिफेंस को अलर्ट पर रखा है।

#असली निशाना क्या है? मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकाने + पूरा इजरायल

ईरान के अधिकारियों के मुताबिक पहला निशाना तो मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकाने और पूरा इजरायल ही होगा। लेकिन अगर अमेरिका ने यूरोप के बेस से ईरान पर हमला किया तो ईरान उन बेस को भी निशाना बनाएगा।

ईरान के सेना प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा - "पिछली जंग में संघर्ष अधिकृत क्षेत्रों से लेकर क्षेत्रीय देशों में अमेरिकी ठिकानों तक फैला था, लेकिन अगर फिर हमला हुआ तो जंग का भूगोल पश्चिम एशिया से आगे बढ़ जाएगा।"

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता हसन घशघवी ने कहा - "मैं तीसरा विश्व युद्ध शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन जंग का भूगोल..."

#निष्कर्ष - धमकी है या असली तैयारी?

कतर की मध्यस्थता से बातचीत चल रही है, लेकिन रॉयटर्स को वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा - "हम समझौते से अभी बहुत दूर हैं।"

ट्रंप ने भी Fox News पर कहा - "I'm not looking to kill lots of people. If we have to, we'll have to."

अब सवाल यह है कि क्या ईरान यूरोप को धमकाकर अमेरिका को डरा रहा है, या सच में उसकी मिसाइलें यूरोप तक पहुंच सकती हैं?

एक बात तय है - अगर अमेरिका ने मिडटर्म चुनाव के बाद फिर हमला किया तो यह जंग सिर्फ ईरान-इजरायल की नहीं रहेगी। यह अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन सबको अपनी चपेट में ले सकती है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World Nov 3,2026 

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