-Friday World 23 February 2026
तिलक वर्मा की नाकामी: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का सुनहरा मौका गंवाया!
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का सफर अब तक शानदार रहा है। ग्रुप स्टेज में चारों मैच जीतकर टीम ने सुपर-8 में जगह पक्की की थी और अजेय रहने का गौरव हासिल किया था। लेकिन 22 फरवरी 2026 को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच में टीम इंडिया को पहली हार का सामना करना पड़ा। प्रोटियाज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर भारत को 111 रनों पर ऑलआउट कर 76 रनों से करारी शिकस्त दी। इस हार ने भारत की 12 मैचों की जीत की लय को तोड़ दिया।
इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा रही **तिलक वर्मा** की। युवा बल्लेबाज तिलक के पास दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में 500 रन पूरे करने का ऐतिहासिक मौका था, जो उन्हें पहले भारतीय बल्लेबाज बनाता। लेकिन दुर्भाग्य से तिलक सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए और यह सुनहरा अवसर हाथ से निकल गया।
तिलक वर्मा बनाम दक्षिण अफ्रीका: एक शानदार रिकॉर्ड जो अधूरा रह गया तिलक वर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20आई में अब तक 10 मैच खेले हैं और इनमें उन्होंने **496 रन** बनाए हैं। उनका औसत 70.85 का रहा है, जिसमें दो शतक (120* और 107*) और दो अर्धशतक शामिल हैं। स्ट्राइक रेट 163.15 का रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। यह रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाजों में सबसे बेहतर है – रोहित शर्मा (429 रन) और विराट कोहली से भी ज्यादा।
विश्व स्तर पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 500+ रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सिर्फ तीन नाम थे:
- जोस बटलर (इंग्लैंड) – 606 रन
- बाबर आजम (पाकिस्तान) – 526 रन
- जॉनी बेयरस्टो (इंग्लैंड) – 501 रन
तिलक सिर्फ **4 रन** दूर थे कि वे इस सूची में शामिल हो जाते और पहले भारतीय बन जाते। बल्कि बाबर आजम को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर आ सकते थे। लेकिन मार्को जैनसेन की गेंद पर चार्ज करते हुए क्विंटन डी कॉक को कैच थमा बैठे और सिर्फ 1 रन पर पवेलियन लौट गए। भारत की शुरुआत ही खराब हो गई – इशान किशन 0 पर आउट, फिर तिलक 1 पर, स्कोर 5/2।
वर्ल्ड कप में तिलक का प्रदर्शन: उम्मीदें पूरी नहीं हुईं ग्रुप स्टेज में तिलक वर्मा ने चार मैच खेले:
- पहली तीन मैचों में 25-25 रन
- नीदरलैंड्स के खिलाफ 31 रन
कुल मिलाकर कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके। स्ट्राइक रेट भी 120 के आसपास रहा, जो टी20 के स्टैंडर्ड से कम है। टीम मैनेजमेंट ने उन्हें नंबर 3 पर लगातार मौका दिया, लेकिन बड़े स्कोर नहीं बना सके। सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण (मार्को जैनसेन 4/22, केशव महाराज 3 विकेट) के सामने तिलक फ्लॉप रहे।
मैच का पूरा परिदृश्य: भारत की हार के कारण दक्षिण अफ्रीका ने डेविड मिलर (63), डेवाल्ड ब्रेविस (45) और ट्रिस्टन स्टब्स (44*) की बदौलत 187/7 बनाए। जवाब में भारत की बल्लेबाजी धराशायी हो गई – सिर्फ 111 रन पर ऑलआउट। शिवम दुबे ने कुछ संघर्ष किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज फ्लॉप रहे। यह हार भारत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि अब सुपर-8 में स्थिति मुश्किल हो गई है।
तिलक वर्मा जैसे युवा प्रतिभा से बहुत उम्मीदें थीं, खासकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका डोमिनेंस देखते हुए। लेकिन बड़े मैच में दबाव में फेल होना निराशाजनक रहा। क्या तिलक इस झटके से उबर पाएंगे और आने वाले मैचों में वापसी करेंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।
क्रिकेट में ऐसे मौके बार-बार नहीं आते। तिलक ने 496 रन बनाकर पहले ही साबित कर दिया है कि वे प्रोटियाज के खिलाफ 'नाइटमेयर' हैं, लेकिन 500 का आंकड़ा छूने से चूक गए। यह नाकामी उन्हें और मजबूत बनाएगी या चुनौती बनेगी – समय बताएगा।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 23 February 2026