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Sunday, 22 February 2026

वैश्विक मंच पर 'शर्टलेस' प्रदर्शन: पीएम मोदी ने कांग्रेस को लगाई फटकार, कहा—सारी मर्यादाएं तोड़ीं, देश का अपमान किया; कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भाजपा ने विरोध किया था

वैश्विक मंच पर 'शर्टलेस' प्रदर्शन: पीएम मोदी ने कांग्रेस को लगाई फटकार, कहा—सारी मर्यादाएं तोड़ीं, देश का अपमान किया; कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भाजपा ने विरोध किया था
 -Friday World 22 February 2026
20 फरवरी 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित **इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट** भारत के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण था। इसमें 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नैतिक उपयोग, समावेशिता और पारदर्शिता पर गहन चर्चा हुई। यह आयोजन भारत की तकनीकी प्रगति और 'विकसित भारत' की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था। लेकिन इसी वैश्विक मंच पर इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के कुछ कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पीएम मोदी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। 

प्रदर्शनकारियों ने विदेशी मेहमानों के सामने टी-शर्ट उतारकर स्लोगन लगाए और सरकार पर 'कॉम्प्रोमाइज्ड' होने का आरोप लगाया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और करीब 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। चार प्रमुख नाम—कृष्णा हरि (बिहार), कुंदन यादव (बिहार), अजय कुमार (उत्तर प्रदेश) और नरसिम्हा यादव (तेलंगाना)—को पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यूथ कांग्रेस ने इसे "बेरोजगार युवाओं की आवाज" करार दिया, जबकि विरोधियों ने इसे "देश की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब करने वाला कृत्य" बताया। 

इस घटना पर 22 फरवरी 2026 को मेरठ में दिल्ली-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस (82 किमी कॉरिडोर) के शेष हिस्सों के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देशवासी भारत को विकसित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दल भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे।

 पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा 
 "एआई समिट भाजपा का समारोह नहीं था, यह देश का कार्यक्रम था, देश के सम्मान का कार्यक्रम था। लेकिन कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम ने भारत के इस वैश्विक आयोजन को गंदी राजनीति का अखाड़ा बना दिया।" 

उन्होंने आगे जोड़ा 

"कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। विदेशी मेहमानों के सामने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया। देश पहले से ही जानता है कि आप 'नंगे' हैं, फिर और क्यों उतारने की जरूरत पड़ी?"

 प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को "विचारधारात्मक रूप से दिवालिया और गरीब" करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कृत्य पर पूरे देश में थू-थू हो रही है, लेकिन दुर्भाग्य है कि इतनी पुरानी पार्टी के नेता शर्मिंदा होने के बजाय गरजते हैं।

 पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया 

 "इस घटना के बाद कांग्रेस के सारे साथी दल चौंक गए हैं और उन्होंने किनारा कर लिया। अन्य विपक्षी दल भी इस कृत्य की निंदा कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय गौरव के साथ खड़े हैं।"

 यह विरोध राजनीतिक बयानबाजी का नया स्तर साबित हुआ। भाजपा ने इसे "140 करोड़ भारतीयों का अपमान" बताया। कांग्रेस ने जवाब में पुरानी घटनाओं का हवाला दिया, खासकर 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स का। कांग्रेस नेताओं जैसे गुरदीप सिंह सप्पल और हरीश रावत ने कहा कि उस समय भाजपा ने भी अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान विरोध प्रदर्शन किए थे—नितिन गडकरी ने बैरिकेड चढ़कर प्रदर्शन किया, सड़कों पर रैलियां निकालीं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया, जिससे देश की छवि पर असर पड़ा था। कांग्रेस ने पूछा कि तब इसे "लोकतांत्रिक अधिकार" कहा गया, तो अब क्यों "राष्ट्रीय अपमान"?

 भाजपा का तर्क है कि 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में विरोध मुख्य रूप से भ्रष्टाचार और आयोजन की खामियों पर केंद्रित था—जैसे निर्माण में अनियमितताएं, सुरक्षा चूक और बजट की बर्बादी—और यह सड़कों/रैलियों पर हुआ, न कि वैश्विक मंच के अंदर विदेशी मेहमानों के सामने 'शर्टलेस' रूप में। कांग्रेस का कहना है कि विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन तरीके पर सवाल उठाना दोहरा मापदंड है। 

एआई इम्पैक्ट समिट भारत की तकनीकी उपलब्धि का प्रतीक था, लेकिन इस प्रदर्शन ने वैश्विक मेहमानों के सामने छवि पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह विपक्ष की हताशा दिखाता है—जहां सरकार विकास परियोजनाओं (जैसे आरआरटीएस) को आगे बढ़ा रही है, वहीं विरोधी दल ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। 

पीएम मोदी ने स्पीच में विकास पर फोकस रखा, लेकिन कांग्रेस के कदम को "देशद्रोही" करार देते हुए कहा कि ऐसे कृत्य राष्ट्र की प्रगति नहीं रोक सकते। उन्होंने मीडिया से अपील की कि कांग्रेस के व्यवहार को सही ढंग से रिपोर्ट करें।

 कांग्रेस ने "गंदी और नंगी राजनीति" वाले बयान पर पलटवार किया और पुरानी भाजपा विरोध प्रदर्शनों (कॉमनवेल्थ गेम्स सहित) का जिक्र किया। मुख्य सवाल वही है—राजनीतिक विरोध में मर्यादाएं बनाए रखना जरूरी नहीं? 

यह घटना भारतीय राजनीति में अनुशासन, राष्ट्रीय गौरव और विरोध के अधिकार के बीच संतुलन की लड़ाई को उजागर करती है। एआई जैसे क्षेत्र में भारत वैश्विक नेता बन रहा है, लेकिन घरेलू राजनीति इसे प्रभावित न करे—यही सबसे बड़ी चुनौती है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 22 February 2026