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Monday, 23 February 2026

कनाडा में खालिस्तानी मुद्दे पर 'फील्डिंग सेट'! अजीत डोभाल ने नताली ड्रॉइन के साथ बैठक में की बड़ी डील – भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत

कनाडा में खालिस्तानी मुद्दे पर 'फील्डिंग सेट'! अजीत डोभाल ने नताली ड्रॉइन के साथ बैठक में की बड़ी डील – भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत
-Friday World 24 February 2026
भारत और कनाडा के बीच सालों से चली आ रही राजनयिक खटास अब तेजी से कम हो रही है। 6-7 फरवरी 2026 को ओटावा में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कनाडा की डिप्टी क्लर्क एवं प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली जी. ड्रॉइन से उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, साइबर सुरक्षा, ड्रग तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर सहयोग बढ़ाने के लिए साझा कार्य योजना (Shared Work Plan) बनाने पर सहमति जताई। 

यह बैठक 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद आए गंभीर तनाव के बाद पहली बड़ी सफलता है। अब दोनों पक्ष व्यावहारिक सहयोग पर फोकस कर रहे हैं, जिसमें खालिस्तानी गतिविधियों को कानूनी नजरिए से देखा जा रहा है, न कि राजनीतिक समर्थन से। 

बैठक के मुख्य फैसले – क्या-क्या हुआ तय? - सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन लियाजन अधिकारी नियुक्ति दोनों देश एक-दूसरे के यहां विशेष लियाजन अधिकारी तैनात करेंगे। इससे ड्रग तस्करी (खासकर फेंटेनिल पूर्वस्रोत), संगठित अपराध और ट्रांसनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क पर जानकारी तेजी से साझा होगी। 

- साइबर सुरक्षा पर मजबूत सहयोग:साइबर खतरों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास बढ़ाए जाएंगे। 

- इमिग्रेशन फ्रॉड और धोखाधड़ी पर फोकस: फर्जी दस्तावेज, इमिग्रेशन धोखाधड़ी और नागरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर डेटा शेयरिंग होगी।

 - एजेंसियों के बीच डायरेक्ट संपर्क: ड्रग्स, संगठित अपराध और अन्य अंतरराष्ट्रीय गैरकानूनी गतिविधियों पर एजेंसियां सीधे संपर्क में रहेंगी।

 - नागरिक सुरक्षा पर प्रगति की सराहना: दोनों पक्षों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए चल रही पहलों की तारीफ की और इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। 

डोभाल ने कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मंत्री गैरी अनंदासंगारी से भी मुलाकात की, जहां समान मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) और कनाडाई प्रिवी काउंसिल ऑफिस के आधिकारिक बयानों में इसे "नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा संवाद" का हिस्सा बताया गया है। 

तनाव का बैकग्राउंड और अब नई शुरुआत 2023 में निज्जर हत्याकांड के बाद कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर आरोप लगाए, जिससे संबंध तल्घट गए। दोनों देशों ने राजनयिकों को निकाला, वीजा सेवाएं प्रभावित हुईं। लेकिन 2025 में G7 समिट में पीएम मोदी और नए कनाडाई पीएम मार्क कार्नी की मुलाकात से बर्फ पिघलनी शुरू हुई। राजनयिक स्टाफ बहाल हुआ, वीजा सेवाएं चालू हुईं और अब NSA स्तर की यह बैठक संबंधों को पटरी पर लाने का मजबूत कदम साबित हो रही है। 

कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियां अब भी हैं, लेकिन कनाडाई सरकार अब इन्हें "कानून प्रवर्तन" के दायरे में देख रही है। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि चरमपंथी तत्वों को कनाडाई राज्य का कोई समर्थन नहीं है। 

मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले अहम डील यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि कनाडाई पीएम मार्क कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर जा रहे हैं। भारत में वे पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे, जहां व्यापार, ऊर्जा, AI, क्रिटिकल मिनरल्स और रक्षा सहयोग पर फोकस होगा। NSA डील से पहले विवादित मुद्दों पर समझौता होने से यात्रा और सफल होगी। 


सुरक्षा पहले, राजनीति बाद में यह समझौता दिखाता है कि भारत और कनाडा अब व्यावहारिक सहयोग पर ध्यान दे रहे हैं। ड्रग तस्करी, साइबर क्राइम और संगठित अपराध जैसे वैश्विक खतरे दोनों देशों के लिए आम हैं। खालिस्तानी मुद्दा अब कानूनी ढांचे में सेट है – राज्य समर्थन से दूर। दोनों देश स्थानीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के तहत काम करेंगे। 

यह कदम न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता भी लाएगा। उम्मीद है कि मार्क कार्नी की यात्रा से व्यापार और रक्षा साझेदारी नई ऊंचाइयां छुएगी। 

भारत-कनाडा: तनाव से समझौते की ओर – एक मजबूत नई शुरुआत! 🇮🇳🇨🇦
Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 24 February 2026