-Friday World 22 February 2026
प्रयागराज की एडीजे रेप एंड POCSO स्पेशल कोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पुलिस को यौन शोषण (सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन) के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज करके कानून के अनुसार जांच करने का निर्देश दिया है। यह आदेश शनिवार (21 फरवरी 2026) को स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने जारी किया, जिसके बाद अब झूंसी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हो जाएगा।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और आरोप क्या हैं? यह पूरा विवाद माघ मेले के दौरान प्रयागराज के विद्या मठ आश्रम में हुई कथित घटनाओं से जुड़ा है। शाकंभरी पीठाधीश्वर और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों ने 'गुरु सेवा' के बहाने दो नाबालिगों (14 और 17 वर्षीय) समेत कई बच्चों (बटुकों) के साथ यौन शोषण किया। आरोपों में नग्न करके अश्लील कृत्य, अन्य प्रकार के शोषण शामिल हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में सीडी और अन्य सबूत पेश किए। 13 फरवरी को नाबालिगों के वीडियो बयान कोर्ट में दर्ज हुए थे। कोर्ट ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया और फैसला रिजर्व रखा था। आखिरकार शनिवार को जज विनोद कुमार चौरसिया ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया। जांच POCSO एक्ट की धारा 3/5/9/17 तथा BNS की धारा 69, 74, 75, 76, 79, 109 के तहत होगी। कोर्ट ने पीड़ितों की पहचान और सम्मान की रक्षा के आदेश भी दिए हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया: "फर्जी केस, सत्य सामने आएगा!" कोर्ट के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह फर्जी और झूठा बताया। उन्होंने कहा, "यह केस बनावटी है, जांच में सत्य सामने आ जाएगा। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी हिस्ट्रीशीटर है और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य के रूप में जाना जाता है। यह सनातन धर्म और गौमाता के आवाज को दबाने की साजिश है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं योगी आदित्यनाथ नहीं हूं कि केस रद्द करवा दूं। हम कोर्ट की प्रक्रिया का सामना करेंगे। हमारे न्याय तंत्र और सत्य पर पूरा विश्वास है। ये आरोप सिर्फ बदनाम करने के लिए हैं, लेकिन हम रुकेंगे नहीं। गौमाता की प्रतिष्ठा के लिए आवाज उठाने की कीमत चुकानी पड़ रही है।"
स्वामी ने यह भी कहा कि चारों शंकराचार्य बैठक करके चर्चा करेंगे और तेज ट्रायल की मांग करेंगे। उन्होंने POCSO एक्ट के नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है।
आगे क्या होगा? कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस जांच शुरू करेगी। आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज से वाराणसी तक पैदल 'सनातन यात्रा' निकालने की घोषणा की है, ताकि लोगों को 'हकीकत' बताई जा सके। यह मामला अब धार्मिक और सामाजिक हलकों में गरम बहस का विषय बन गया है, जहां एक तरफ नाबालिगों के यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ फर्जी केस और षड्यंत्र के दावे।
यह केस न्याय व्यवस्था पर विश्वास और धार्मिक नेताओं की जवाबदेही के सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने तक सत्य क्या है, यह देखना बाकी है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 22 February 2026