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कीव/ओडेसा, 29 मार्च 2026 — यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर झेलेन्स्की जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के अचानक दौरे पर थे, ठीक उसी समय रूस ने यूक्रेन पर भारी ड्रोन हमले की बौछार कर दी। रूसी सेना ने एक ही रात में 270 से अधिक ड्रोन (कुछ रिपोर्ट्स में 273) लॉन्च किए, जिसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए। यह हमला झेलेन्स्की के मिडिल ईस्ट दौरे को और ज्यादा सियासी रंग दे गया है।
ओडेसा पर सबसे भयानक हमला ओडेसा क्षेत्र के प्रमुख सेरही लिसाक ने टेलीग्राम पर बताया कि काला सागर के इस प्रमुख बंदरगाह शहर पर रातभर हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई और कम से कम 11 लोग घायल हुए (बाद में एक और की मौत की खबर आई)। हमले में एक मातृत्व अस्पताल की छत को नुकसान पहुंचा, कई आवासीय इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और आग लग गई।
लिसाक ने लिखा, “80 लोग अस्पताल में थे, जिनमें 33 मेडिकल स्टाफ शामिल थे।幸运 से सभी ने समय पर शेल्टर ले लिया।” घायलों में एक 9 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। ओडेसा के प्रिमोर्स्की जिले में कई बहुमंजिला इमारतों के बीच के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।
राष्ट्रपति झेलेन्स्की ने खुद इस हमले को “मैसिव” बताया और कहा कि ओडेसा पर अकेले 60 से ज्यादा ड्रोन दागे गए। उन्होंने क्रिवी रीह (अपने गृहनगर) में भी हमले की पुष्टि की, जहां एक औद्योगिक सुविधा पर ड्रोन हमला हुआ और दो लोगों की मौत हो गई।
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने पूरे देश पर ड्रोन की कई लहरें भेजीं। कई ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन कुछ लक्ष्य पर पहुंचने में सफल रहे।
झेलेन्स्की का अचानक मिडिल ईस्ट दौरा: ड्रोन डिफेंस की पेशकश इस हमले के ठीक उसी दिन झेलेन्स्की UAE और कतर पहुंचे थे। यह दौरा अनऑफिशियल (अचानक) था। उनका मुख्य उद्देश्य अरब देशों को ईरान के ड्रोन हमलों से बचाने में यूक्रेन की विशेषज्ञता और एंटी-ड्रोन सिस्टम उपलब्ध कराना है।
झेलेन्स्की ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर सहमति बनी। कतर के साथ भी 10 वर्षीय सुरक्षा समझौता साइन किया गया। इससे पहले सऊदी अरब के साथ भी इसी तरह का डिफेंस पेक्ट हो चुका है।
यूक्रेन का दावा है कि वह UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और जॉर्डन समेत पांच अरब देशों को ईरानी ड्रोन (खासकर शाहेद टाइप) से बचाने में मदद कर रहा है। यूक्रेन अपनी युद्ध-कसौटी पर खरी एंटी-ड्रोन तकनीक और विशेषज्ञ टीमों को भेज रहा है। झेलेन्स्की ने कहा, “आज के खतरे में हर सामान्य देश को स्थिरता और जीवन की रक्षा करनी चाहिए। यूक्रेन के पास इस क्षेत्र में अनुभव है।”
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान ने हाल में कई अरब देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। यूक्रेन, जो खुद रूस से ईरानी ड्रोन का सामना कर रहा है, अब अपनी इस विशेषज्ञता को डिप्लोमैटिक लाभ में बदलने की कोशिश कर रहा है।
रूस का संदेश साफ: युद्ध जारी रहेगा विश्लेषकों का मानना है कि रूस ने झेलेन्स्की के विदेश दौरे के दौरान जानबूझकर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया है ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यूक्रेन का ध्यान कहीं और हो, तो भी रूस हमले जारी रखेगा।
यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध के नए चरण को दर्शाता है, जहां दोनों पक्ष अब ड्रोन युद्ध पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं। रूस ईरान से शाहेद ड्रोन प्राप्त कर उन्हें और बेहतर बना रहा है, जबकि यूक्रेन अपनी स्वदेशी ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।
मानवीय और रणनीतिक प्रभाव ओडेसा हमले में मातृत्व अस्पताल पर निशाना लगना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा का विषय बन गया है। कई देशों ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की निंदा की है।
दूसरी ओर, झेलेन्स्की का मिडिल ईस्ट दौरा यूक्रेन की विदेश नीति में नया मोड़ साबित हो सकता है। अगर यूक्रेन अरब देशों के साथ लंबे समय के डिफेंस डील कर लेता है, तो इससे न सिर्फ आर्थिक फायदा होगा, बल्कि रूस-ईरान अक्ष के खिलाफ भी एक नया मोर्चा खुल सकता है।
यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि हमले के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल यूरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मिडिल ईस्ट की ड्रोन तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा भी उलझ चुकी है।
अब देखना होगा कि झेलेन्स्की का यह दौरा कितना सफल रहता है और रूस के लगातार हमलों के बीच यूक्रेन अपनी एंटी-ड्रोन रणनीति को कितना मजबूत कर पाता है।
Sajjadali Nayani ✍
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