'-Friday World March 29,2026
गौतमबुद्ध नगर के दादरी में रविवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के उद्घाटन के ठीक एक दिन बाद आयोजित इस रैली में अखिलेश ने विकास, रोजगार, किसानों और महिलाओं के मुद्दों पर जोरदार हमला बोलते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया। रैली में हजारों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी।
एयरपोर्ट घोटाले का बड़ा आरोप अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल दिखावा और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने में लगी है। उन्होंने दावा किया, “भाजपा ने 7 एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, लेकिन उनमें से 6 बंद पड़े हैं। लगता है ये उद्घाटन सिर्फ बेचने या ठेके देने के लिए किए गए थे।”
अखिलेश ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा था कि सात नए एयरपोर्ट में से छह बंद हैं और बाकी हवाई अड्डों की हालत देखने के लिए घास हटवाकर भी देख लिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरबों रुपये खर्च करके सिर्फ निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि चुनिंदा लोगों को मुनाफा पहुंचाया जा सके। वास्तव में हवाई अड्डे चालू नहीं हो रहे और ‘उड़ान’ योजना के तहत विमान भी नहीं उड़ रहे।
यह आरोप इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती, मुरादाबाद जैसे कई छोटे एयरपोर्ट्स का उद्घाटन हुआ था, लेकिन ऑपरेशनल सेवाएं कुछ महीनों में ही बंद हो गईं। अखिलेश ने इसे भाजपा का “भ्रष्ट प्रबंधन” करार दिया और पूछा कि आखिर जनता के टैक्स का पैसा कहां जा रहा है?
भारी भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल? रैली में अखिलेश यादव ने भाजपा की हालिया रैलियों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा को भीड़ जुटाने के लिए सरकारी विभागों का सहारा लेना पड़ रहा है। हमारे रैली से पहले उन्होंने भी रैली की, लेकिन असली जनसमर्थन तो समाजवादी पार्टी के पास है।”
उन्होंने दादरी रैली को ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ का प्रतीक बताते हुए कहा कि सपा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल रही है और 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े वादे अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर 50 लाख करोड़ के एमओयू सिर्फ कागजों पर रह जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिला, जबकि किसान लगातार परेशान हैं।
रैली में उन्होंने स्पष्ट वादा किया:
- अगर 2027 में सपा सरकार बनी तो खेतों से जमीन लेते समय किसानों को बाजार भाव से 64% अतिरिक्त मुआवजा और 4% प्लॉट दिए जाएंगे।
- लखनऊ और गोमती रिवर फ्रंट पर गुरुजर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी।
- महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नई योजना शुरू की जाएगी।
*महिलाओं के लिए सबसे बड़ा ऐलान: अखिलेश ने ‘स्त्री समृद्धि सम्मान योजना’ (या नारी समृद्धि सम्मान योजना) का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार बनते ही गरीब परिवार की महिलाओं को हर साल 40,000 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे उनके खाते में ट्रांसफर होगी, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा, “हर बच्ची, युवती और महिला को सामाजिक-आर्थिक सम्मान देंगे और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करेंगे।”
विकास बनाम दिखावा: सपा vs भाजपा अखिलेश यादव ने दादरी-नोएडा क्षेत्र के विकास का जिक्र भी किया। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के समय नोएडा में आवासीय और ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा काम हुआ था, जिसे भाजपा सरकार ने नजरअंदाज या खराब कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा का फोकस असली विकास पर है, जबकि भाजपा केवल फोटो सेशन्स और उद्घाटनों में व्यस्त है।
रैली में अखिलेश ने सामाजिक समानता और भाईचारे पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग कभी दमन का सामना नहीं किया, वे समाजवादी परिवार की पीड़ा नहीं समझ सकते। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को एकजुट होने का आह्वान किया।
2027 चुनाव की शुरुआत? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दादरी रैली से अखिलेश यादव ने औपचारिक रूप से 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन के एक दिन बाद इस रैली का आयोजन भाजपा के कार्यक्रम के जवाबी हमले के रूप में देखा जा रहा है।
सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है। पार्टी का दावा है कि रैली में भारी भीड़ उमड़ी और यह साबित करता है कि जनता भाजपा की “जुमलों” से तंग आ चुकी है और असली बदलाव चाहती है।
अखिलेश यादव की यह रैली न सिर्फ एयरपोर्ट विवाद को नया मोड़ देती है, बल्कि महिलाओं को 40 हजार रुपये सालाना देने जैसे लोकलुभावन वादों से वोट बैंक को साधने की रणनीति भी साफ दिखाती है। अब देखना होगा कि भाजपा इन आरोपों और वादों का क्या जवाब देती है और 2027 तक यूपी की सियासत किस दिशा में जाती है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 29,2026