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पुरुलिया, २९ मार्च २०२६: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पुरुलिया में एक जोरदार चुनावी रैली को संबोधित किया। रैली के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं और आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने अपनी सरकार की महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का बचाव करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की भी आलोचना की।
रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग शामिल हुए। ममता बनर्जी ने कहा, “बीजेपी शासित राज्यों में देखिए – महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामले सबसे ज्यादा हैं। आदिवासी बहनों पर भी जुल्म हो रहा है। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।”
महिलाओं की सुरक्षा पर ममता का दावा मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीर भंडार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर BJP सत्ता में आई तो इस योजना को बंद कर दिया जाएगा और महिलाओं की स्थिति और खराब हो जाएगी।
“बीजेपी कहती है कि मछली-मांस नहीं खाना चाहिए। वे बंगाल की संस्कृति और खान-पान पर भी हमला करना चाहते हैं। लेकिन हमारी सरकार सभी की संस्कृति और अधिकारों की रक्षा करती है,” ममता बनर्जी ने कहा।
उन्होंने NCRB (National Crime Records Bureau) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है, जबकि पश्चिम बंगाल में उनकी सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
केंद्र सरकार पर हमला ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि देशभर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP शासित राज्यों में आदिवासियों का शोषण हो रहा है और महिलाओं की स्थिति बदतर हो गई है।
“हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। हम महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन दे रहे हैं। लेकिन BJP केवल झूठे वादे करती है और सत्ता में आकर लोगों के अधिकार छीनना चाहती है,” उन्होंने कहा।
रैली में ममता बनर्जी ने Special Intensive Revision (SIR) का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि BJP इस प्रक्रिया के जरिए बंगाल के मतदाताओं, खासकर महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि TMC इस साजिश के खिलाफ सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ रही है।
पुरुलिया रैली का महत्व पुरुलिया जिला पश्चिम बंगाल के आदिवासी बहुल इलाकों में आता है। यहां BJP की कुछ सीटें हैं, इसलिए ममता बनर्जी की यह रैली चुनावी रणनीति के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने आदिवासियों और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि TMC सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है और कोई भी समुदाय पीछे नहीं छूटेगा।
रैली में ममता बनर्जी ने जनता से अपील की कि वे BJP की “फूट डालो और राज करो” की नीति को पहचानें और TMC को मजबूत करें। उन्होंने कहा, “बंगाल की मिट्टी, बंगाल की भाषा और बंगाल की संस्कृति की रक्षा हम सबको करनी है।”
राजनीतिक संदर्भ यह रैली २०२६ के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आयोजित हुई है। BJP लगातार पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर TMC सरकार पर हमला बोल रही है। हाल ही में BJP ने TMC सरकार के खिलाफ १४ सूत्री चार्जशीट जारी की थी, जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध और सिंडिकेट राज को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था।
ममता बनर्जी की रैली को TMC की चुनावी तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे “खड़ी रहें और धोखा न होने दें”।
महिलाओं की सुरक्षा: तथ्य और बहस महिलाओं के खिलाफ अपराध पूरे देश में एक गंभीर मुद्दा है। NCRB के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में इन मामलों की संख्या अधिक है। इनमें से कई राज्य बीजेपी शासित रहे हैं या हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में भी कुछ प्रमुख घटनाएं (जैसे सैंडेशखाली) सुर्खियों में रहीं, जिन पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
TMC सरकार का दावा है कि कोलकाता कई वर्षों से सबसे सुरक्षित महानगरों में शामिल रहा है, जबकि BJP इसे खारिज करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन का आरोप लगाती है।
पुरुलिया रैली में ममता बनर्जी ने महिलाओं की सुरक्षा, कल्याण योजनाओं और बंगाल की संस्कृति के मुद्दों को केंद्र में रखकर BJP पर हमला बोला। यह रैली न केवल स्थानीय मुद्दों पर फोकस करती दिखी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर BJP की नीतियों की आलोचना भी की।
चुनावी मौसम में दोनों प्रमुख दलों के बीच महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर तीखी बहस जारी है। आम जनता अब देख रही है कि इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच असली मुद्दों का समाधान कौन बेहतर तरीके से कर पाता है।
Sajjadali Nayani ✍
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