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Thursday, 26 March 2026

एयर इंडिया का लंदन-बाउंड A350 विमान 7 घंटे हवा में घूमने के बाद दिल्ली लौटा: तकनीकी खराबी और शोर की शिकायत, यात्री परेशान

एयर इंडिया का लंदन-बाउंड A350 विमान 7 घंटे हवा में घूमने के बाद दिल्ली लौटा: तकनीकी खराबी और शोर की शिकायत, यात्री परेशान
-Friday World March 26,2026
नई दिल्ली, 26 मार्च 2026: गुरुवार दोपहर एयर इंडिया की लंदन हिथ्रो जा रही फ्लाइट AI111 को बीच रास्ते में तकनीकी समस्या के कारण वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान लगभग **सात घंटे** तक हवा में रहने के बाद सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर गया। यात्री कई घंटों की उड़ान के बाद वापस उसी जगह पहुंचे जहां से उन्होंने सुबह यात्रा शुरू की थी।

 एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि फ्लाइट AI111 दिल्ली से लंदन जा रही थी। उड़ान के दौरान **संदिग्ध तकनीकी खराबी** और विमान में **अत्यधिक शोर (excessive noise)** तथा वाइब्रेशन की शिकायत मिलने पर पायलटों ने एहतियात के तौर पर दिल्ली वापस लौटने का फैसला किया। विमान ने दिल्ली से सुबह करीब 6 बजे उड़ान भरी और दोपहर करीब 1:20 बजे वापस लैंड किया। फ्लाइट रडार डेटा के अनुसार, विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर पहुंचने के बाद मुड़ गया और कुल लगभग 3,300 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद दिल्ली लौटा। 

 वही विमान, दूसरी बार समस्या यह घटना इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि **इसी एयरक्राफ्ट** — Airbus A350-900, रजिस्ट्रेशन **VT-JRF** — को इससे पहले **15 मार्च 2026** को भी तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा था। उस समय न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में केबिन में अज्ञात शोर और फ्लोरबोर्ड वाइब्रेशन की शिकायत के बाद विमान को आयरलैंड के **शैनन (Shannon)** एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा था। 

एयर इंडिया का कहना है कि 15 मार्च की घटना के बाद विमान को पूरी तरह चेक किया गया और उसके बाद यह **दस सेक्टर** बिना किसी समस्या के उड़ान भर चुका था। फिर भी, आज की घटना ने विमान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

क्या हुआ था आज? 

- विमान ओमान/सऊदी अरब हवाई क्षेत्र के ऊपर था जब क्रू को वाइब्रेशन और लाउड नॉइज महसूस हुए। 

- पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित किया और दिल्ली (VIDP) वापस लौटने का फैसला लिया। 

- विमान ने लंबा रूट चुनते हुए दिल्ली की ओर मुड़ गया (संभवतः ईरानी हवाई क्षेत्र की स्थिति के कारण)।

 - विमान सुरक्षित लैंडिंग के बाद तकनीकी जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया है। 

- यात्रियों को होटल में ठहराने और वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। 

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को इस घटना की सूचना दे दी गई है और पूरी जांच शुरू हो चुकी है। 

 एयर इंडिया की A350 फ्लीट और चल रही चुनौतियां एयर इंडिया ने जनवरी 2024 से A350-900 विमानों का संचालन शुरू किया था। यह विमान अपनी ईंधन दक्षता, आराम और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। Rolls-Royce Trent XWB इंजन से लैस यह विमान एयरलाइन के लंबी दूरी के नेटवर्क (यूरोप, अमेरिका) के लिए महत्वपूर्ण है। 

लेकिन हाल के महीनों में एयर इंडिया की फ्लीट में तकनीकी घटनाओं की संख्या बढ़ी है। जनवरी 2026 में एक A350 ने दिल्ली एयरपोर्ट पर टैक्सीिंग के दौरान इंजन में बैगेज कंटेनर निगल लिया था, जिससे इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा। फरवरी में इंजन ऑयल और फ्यूल लीक की घटनाओं की दर 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। 

Tata Group के अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन की देरी, पार्ट्स की कमी और रखरखाव के दबाव ने चुनौतियां पैदा की हैं। CEO कैंपबेल विल्सन पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि कुछ रूट्स पर फ्लीट अपग्रेड में 1-2 साल की देरी हो सकती है। 

 यात्री क्या कह रहे हैं? सोशल मीडिया पर कई यात्रियों ने अपनी निराशा व्यक्त की। एक यात्री ने लिखा, “सात घंटे हवा में घूमने के बाद वापस दिल्ली। अब लंदन कब पहुंचेंगे, पता नहीं।” दूसरे ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने की तारीफ की लेकिन कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं यात्री विश्वास को प्रभावित करती हैं।

 एयर इंडिया ने यात्री सुविधा के लिए माफी मांगी है और वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है। 

 सुरक्षा सबसे ऊपर एयर इंडिया ने जोर देकर कहा कि यह **precautionary return** था। पायलटों ने सुरक्षा मानकों के मुताबिक फैसला लिया। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि A350 जैसा आधुनिक विमान होने के बावजूद, किसी भी संदिग्ध समस्या पर तुरंत कार्रवाई करना सही कदम है। 

DGCA और एयर इंडिया दोनों ही इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं। VT-JRF विमान की पूरी जांच के बाद ही इसे दोबारा उड़ान के लिए क्लियर किया जाएगा। 

यह घटना एयर इंडिया के लिए एक और चुनौती है, खासकर जब विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और यात्री सेवा और समयबद्धता पर सख्त नजर रखी जा रही है। एयरलाइन को अपनी रखरखाव प्रक्रियाओं, स्पेयर पार्ट्स उपलब्धता और क्रू ट्रेनिंग को और मजबूत करने की जरूरत है।

 यात्रियों के लिए सलाह: लंबी दूरी की उड़ानों से पहले एयरलाइन की हालिया विश्वसनीयता रिपोर्ट चेक करें और जरूरी दस्तावेज साथ रखें। 

एयर इंडिया की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हवाई यात्रा में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, चाहे विमान कितना भी आधुनिक क्यों न हो। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World March 26,2026