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वाशिंगटन/तेल अवीव, 30 मार्च 2026 – अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी 2026 से ईरान पर चलाए जा रहे संयुक्त हवाई हमलों के बीच अब युद्ध एक नए खतरनाक चरण में प्रवेश कर गया है। पेंटागन ईरान में सीमित जमीनी कार्रवाई (ग्राउंड ऑपरेशन) के विकल्प तैयार कर रहा है, लेकिन इजरायली मीडिया और सूत्रों के अनुसार, इजरायल की सेना इस जमीनी मिशन में सीधे सैनिक नहीं उतारेगी।
यह खबर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ट्रंप प्रशासन खार्ग द्वीप (Kharg Island) जैसे रणनीतिक तेल केंद्रों पर नियंत्रण या स्ट्रेट ऑफ हरमुज को फिर से खोलने के लिए जमीनी दस्ते भेजने पर विचार कर रहा है, लेकिन सबसे करीबी सहयोगी इजरायल का साथ न मिलना ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति को नया झटका दे रहा है।
इजरायल क्यों पीछे हट रहा है? इजरायली रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर अमेरिका ईरान में बड़े पैमाने पर जमीनी सैनिक उतारता है तो इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) इसमें प्रत्यक्ष भाग नहीं लेगी। इजरायल हवाई हमलों और खुफिया जानकारी साझा करने तक सीमित रहना चाहता है।
न्यूज एजेंसियों के अनुसार, इजरायल के इस फैसले के पीछे कई रणनीतिक कारण हैं:
- क्षेत्रीय विस्फोट का डर: ईरान जैसे विशाल, पहाड़ी और ९ करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश में जमीनी युद्ध पूरे मध्य पूर्व को आग में झोंक सकता है। इजरायल पहले से ही लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ “सुरक्षा जोन” बनाने के लिए जमीनी कार्रवाई बढ़ा रहा है और दो मोर्चों पर युद्ध नहीं लड़ना चाहता।
- आंतरिक चुनौतियां: इजरायल अपनी घरेलू सुरक्षा और गाजा-लेबनान मोर्चों पर पहले से ही तनाव झेल रहा है।
- खुफिया और हवाई सहयोग: इजरायल हवाई हमलों और इंटेलिजेंस शेयरिंग के जरिए अमेरिका की मदद जारी रख सकता है, लेकिन “बूट्स ऑन ग्राउंड” (सैनिक उतारना) से बचना चाहता है।
इजरायली राजदूत ने पहले “बूट्स ऑन ग्राउंड” की संभावना से इनकार नहीं किया था, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स में साफ संकेत है कि इजरायल इस जोखिम भरे मिशन में अमेरिका के साथ जमीनी स्तर पर नहीं उतरेगा।
पेंटागन की तैयारी: सीमित जमीनी ऑपरेशन दूसरी ओर, वाशिंगटन पोस्ट और अन्य अमेरिकी मीडिया के अनुसार, पेंटागन ईरान के खिलाफ हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन के विकल्प तैयार कर रहा है। ये पूर्ण पैमाने का आक्रमण नहीं होंगे, बल्कि:
- खास दस्तों (स्पेशल फोर्सेज) और सामान्य पैदल सैनिकों द्वारा रेड (Raids)
- खार्ग द्वीप या हरमुज जलडमरूमध्य के आसपास तटीय इलाकों पर हमले
- ईरान के परमाणु स्थलों से समृद्ध यूरेनियम निकालने या तेल निर्यात केंद्रों पर नियंत्रण
ट्रंप ने खुद कहा है कि वे खार्ग द्वीप पर कब्जा करने पर विचार कर रहे हैं और वहां सैनिकों को कुछ समय के लिए रखना पड़ सकता है। पेंटागन ने 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2,000-3,000 पैराट्रूपर्स और मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स को मध्य पूर्व भेजा है। कुल मिलाकर क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 50,000 से ज्यादा हो चुकी है। हालांकि,
ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों ने बार-बार कहा है कि “हम बिना जमीनी सैनिकों के भी अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं”। फिर भी, विकल्प खुले रखने के लिए तैयारी तेज कर दी गई है।
ट्रंप की बढ़ती मुश्किलें ट्रंप के लिए यह स्थिति असहज है:
- सहयोगियों का साथ छूटना: नाटो देश पहले ही युद्ध में शामिल होने से इनकार कर चुके हैं। अब इजरायल भी जमीनी मोर्चे से दूर रहने का संकेत दे रहा है।
- ईरान की चेतावनी: ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा – “अमेरिकी सैनिक अगर जमीन पर उतरे तो हम उन पर आग की बारिश करेंगे।”
- आर्थिक दबाव: स्ट्रेट ऑफ हरमुज बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
-घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आलोचना: पूर्ण जमीनी युद्ध इराक-अफगानिस्तान जैसे कीचड़ में फंस सकता है। ईरान की भूगोल (पहाड़, रेगिस्तान) और आबादी इसे बेहद महंगा और लंबा बना देगी।
क्या होगा आगे? विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका को अब एकाकी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है। ट्रंप प्रशासन अभी भी ईरान के साथ बातचीत का दावा कर रहा है और 15 सूत्री मांगों में “ज्यादातर” पर सहमति का दावा कर चुका है, लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है।
इजरायल हवाई हमलों को तेज रखना चाहता है, जबकि अमेरिका खार्ग द्वीप या हरमुज जैसे रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस कर रहा है। अगर ट्रंप जमीनी कार्रवाई को मंजूरी देते हैं तो यह 2026 के ईरान युद्ध को पूरी तरह बदल सकता है – हवाई युद्ध से जमीनी युद्ध की ओर।
इजरायल का जमीनी ऑपरेशन से दूर रहने का फैसला अमेरिका को अकेला खड़ा कर रहा है। ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति अब खुद अमेरिका पर बोझ बनती दिख रही है। क्या ट्रंप पीछे हटेंगे या जोखिम उठाकर आगे बढ़ेंगे? आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल मध्य पूर्व में अनिश्चितता और तनाव चरम पर है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 30,2026