मध्य पूर्व का आसमान अब युद्ध का सबसे खतरनाक मैदान बन चुका है। ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स को चुनौती दे रही हैं। ईरानी मीडिया और IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के दावों के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिकी F-35 और F-15E जैसे स्टील्थ और मल्टी-रोल फाइटर जेट्स को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है—कभी गंभीर क्षति पहुंचाकर इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा रही है, तो कभी सीधे मार गिराया जा रहा है। और ड्रोन? वो तो अलग से रोजाना गिराए जा रहे हैं।
यह दावा सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि एक नई सैन्य वास्तविकता की ओर इशारा करता है—जहां ईरान की स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम्स (जैसे मजीद, बैवर-373 और अन्य उन्नत सिस्टम) दुनिया के सबसे महंगे और "अदृश्य" जेट्स को भी पकड़ ले रहे हैं। आइए इस पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं, जहां ईरान खुद को "अमेरिकी फाइटर जेट्स का कब्रिस्तान" घोषित कर रहा है।
ईरान के दावों की ताजा लहर: F-35 और F-15E पर हमले हाल के हफ्तों में ईरान ने कई बार बड़े दावे किए हैं: ओर सब सही निकला:
- F-35 पर पहला बड़ा हमला: मार्च 2026 की शुरुआत में IRGC ने दावा किया कि उसने मध्य ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर को अपने एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम से "गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त" किया। ईरानी मीडिया ने वीडियो जारी किया, जिसमें मिसाइल लॉक-ऑन और हिट दिखाया गया। अमेरिकी CENTCOM ने पुष्टि की कि एक F-35 ने कॉम्बैट मिशन के दौरान "ग्राउंड फायर" से क्षति झेली और इमरजेंसी लैंडिंग की, पायलट सुरक्षित है।
हालांकि, उन्होंने इसे "शॉट डाउन" नहीं माना, लेकिन ईरान इसे "दुनिया का पहला F-35 हिट" बता रहा है। F-35 की कीमत करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग 900 करोड़ रुपये) है, और इसे "अदृश्य" माना जाता था—लेकिन ईरान का कहना है कि इंजन की गर्मी (IR सिग्नेचर) को ट्रैक करके इसे पकड़ा गया।
- F-15E पर लगातार हमले: इसके कुछ दिनों बाद, होर्मुज द्वीप के पास दक्षिणी तट पर एक "दुश्मन F-15" को मार गिराने का दावा किया गया। ईरानी जॉइंट एयर डिफेंस हेडक्वार्टर्स ने कहा कि ग्राउंड-टू-एयर मिसाइलों से जेट को इंटरसेप्ट किया गया। वीडियो में मिसाइल ट्रेल और हिट दिखाए गए। CENTCOM ने इसे खारिज किया, लेकिन ईरानी पक्ष इसे "ट्रंप की धमकी का जवाब" बता रहा है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि हाल के संघर्ष में कई F-15E को नुकसान पहुंचा, कुछ फ्रेंडली फायर से भी।
- ड्रोन का अलग हिसाब: ईरान का दावा है कि MQ-9 Reaper जैसे अमेरिकी ड्रोन रोजाना गिराए जा रहे हैं। संघर्ष शुरू होने से अब तक 10 से ज्यादा Reaper ड्रोन नष्ट होने की पुष्टि मिली है, जिनकी कुल कीमत 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा है। ईरान ने 125 से अधिक ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, ज्यादातर IR-गाइडेड सिस्टम्स से।
ये दावे "हर दिन एक F-35 या F-15E" की तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में ये घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो अमेरिकी एयर सुपीरियरिटी पर सवाल उठा रही हैं।
ईरान की एयर डिफेंस: कैसे हो रहा ये चमत्कार? ईरान ने सालों से अपनी एयर डिफेंस को मजबूत किया है। मुख्य कारण:
1. स्वदेशी सिस्टम्स: बैवर-373 (S-300 जैसा), मजीद, खोरदाद-15 और अन्य। ये IR और रडार दोनों से ट्रैक करते हैं। F-35 रडार से बचता है, लेकिन इंजन की हीट से IR मिसाइल पकड़ लेती है।
2. लेयरड डिफेंस: छोटे से बड़े रेंज वाले सिस्टम्स का नेटवर्क, जो डीप पेनेट्रेशन मिशन्स को मुश्किल बनाता है।
3. क्षेत्रीय सहयोगी: हूती, इराकी मिलिशिया और हिजबुल्लाह भी अमेरिकी विमानों पर हमला कर रहे हैं, जिससे कुल नुकसान बढ़ रहा है।
अमेरिकी पक्ष कहता है कि 8000+ सॉर्टीज में सिर्फ ड्रोन ज्यादा गिरे, क्रूड प्लेन कम। लेकिन ईरान इसे "कब्रिस्तान" कहकर मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ रहा है।
कुल नुकसान: अमेरिका की एयर पावर पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष शुरू होने से अब तक: - 16+ अमेरिकी एयरक्राफ्ट लॉस्ट (ज्यादातर ड्रोन, कुछ क्रूड)।
- F-15E: कई फ्रेंडली फायर और दुश्मन फायर में।
- F-35: कम से कम एक क्षतिग्रस्त, इमरजेंसी लैंडिंग।
- KC-135 टैंकर: एक क्रैश में 6 क्रू मारे गए।
- कुल ड्रोन लॉस: 10+ MQ-9 Reaper।
ये नुकसान अमेरिकी हाई-टेम्पो ऑपरेशंस को प्रभावित कर रहे हैं। F-35 जैसे स्टील्थ जेट अब डीप स्ट्राइक्स के लिए कम इस्तेमाल हो सकते हैं।
वैश्विक प्रभाव: तेल, अर्थव्यवस्था और भविष्य
- होर्मुज स्ट्रेट: अगर ईरान और जेट्स गिराता रहा, तो तेल की कीमतें और बढ़ेंगी।
- स्टील्थ टेक्नोलॉजी पर सवाल: F-35 खरीदने वाले देश (जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया आदि) चिंतित हैं।
- युद्ध की लंबाई: अगर ईरान रोजाना दावे करता रहा, तो अमेरिका को नई रणनीति अपनानी पड़ेगी—शायद ज्यादा ड्रोन या क्रूज मिसाइल्स पर फोकस।
- प्रचार युद्ध: ईरान वीडियो जारी कर रहा है, अमेरिका डिनाय कर रहा है। सच्चाई बीच में कहीं है।
एक नया युग शुरू? ईरान का "अमेरिकी फाइटर जेट्स का कब्रिस्तान" वाला नैरेटिव अब सिर्फ दावा नहीं, बल्कि एक चुनौती है। जहां अमेरिका एयर सुपीरियरिटी का दावा, फैल हो चुका है, वहीं ईरान कहता है—"हर दिन एक F-35 या F-15E, ड्रोन अलग से!" यह युद्ध अब सिर्फ बमों का नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, प्रचार और मनोबल का है।
क्या ईरान सच में इतना मजबूत हो गया है, या अमेरिकन एयर डिफेंस सिस्टम बर्बाद कर दी ईरान ने ए समय बताएगा। लेकिन फिलहाल, आसमान में आग लगी हुई है, और हर दिन एक नया दावा आ रहा है। दुनिया सांस थामे देख रही है—कब तक चलेगा यह "कब्रिस्तान"!
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 23,2026