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Friday, 27 March 2026

कुवैत के बुबियान द्वीप पर IRGC का आश्चर्यजनक हमला: US नेवी और इजरायली सैनिकों के बड़े नुकसान की खबरें

कुवैत के बुबियान द्वीप पर IRGC का आश्चर्यजनक हमला: US नेवी और इजरायली सैनिकों के बड़े नुकसान की खबरें-Friday World March 28,2026
ईरान ने कुवैत के बुनियान द्वीप पर किया सरप्राइज हमला – अमेरिका-इजरायल को जबरदस्त नुकसान

27 मार्च 2026 की रात को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नेवल फोर्स ने कुवैत के सबसे बड़े द्वीप बुनियान द्वीप (Bubiyan Island) पर एक सटीक और आश्चर्यजनक हमला किया। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और विभिन्न प्रकार के suicide drones का इस्तेमाल किया गया। ईरानी सेना के अनुसार, यह हमला Operation True Promise 4 की 84वीं वेव का हिस्सा था और इसमें US नेवी तथा इजरायली सैनिकों के इकट्ठे होने वाले कई पॉइंट्स को निशाना बनाया गया। 

IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फागारी ने बताया कि हमला surprise और sudden था। हमलावर मिसाइलों और ड्रोन्स ने बुनियान द्वीप पर स्थित US और इजरायली फोर्सेज के गेदरिंग पॉइंट्स और असेंबली एरिया को सीधा निशाना बनाया। ईरानी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कई अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि हुई है। घायल सैनिकों को कुवैत के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ रिपोर्ट्स में US Marines के बड़े नुकसान का जिक्र है। 

 हमले का सामरिक महत्व बुनियान द्वीप कुवैत के उत्तरी हिस्से में स्थित है और इराक की सीमा के करीब है। यहां मुबारक अल-कबीर पोर्ट (Mubarak Al-Kabeer Port) का बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है, जो क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ईरानी सेना का कहना है कि इस द्वीप पर **US नेवी** के सैनिक इकट्ठा हो रहे थे, जो आगे की कार्रवाई के लिए तैयार थे। इस हमले से अमेरिका-इजरायल गठबंधन को न सिर्फ मानवीय नुकसान हुआ, बल्कि लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी क्षति पहुंची। 
कुवैत की पब्लिक वर्क्स मिनिस्ट्री ने पुष्टि की कि मुबारक अल-कबीर पोर्ट पर ड्रोन्स और क्रूज मिसाइलों का हमला हुआ। प्रारंभिक जांच में मटेरियल डैमेज की बात कही गई। इसी दिन कुवैत सिटी के पास शुवैख पोर्ट (Shuwaikh Port) पर भी ड्रोन हमला हुआ, जहां भी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा। दोनों हमलों में आग लगने और धुएं के गुबार उठने की तस्वीरें सामने आईं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। 

 क्षेत्रीय युद्ध का हिस्सा यह हमला 2026 ईरान युद्ध का हिस्सा है, जो फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान ने तब से गल्फ क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार जवाबी कार्रवाई की है। बुनियान द्वीप का हमला इसी सिलसिले में IRGC नेवी द्वारा किया गया, जिसमें True Promise 4 ऑपरेशन की 84वीं वेव शामिल थी। 

ईरानी बयान में कहा गया कि यह हमला US और इजरायली फोर्सेज के खिलाफ था और आगे भी ऐसे हमले जारी रहेंगे। IRGC ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में विदेशी सैन्य मौजूदगी को चुनौती दी जा रही है। इस हमले से गल्फ में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और कई देशों में अलर्ट जारी किया गया है। 

 नुकसान का आकलन 

- मानवीय नुकसान: ईरानी रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में अमेरिकी और इजरायली सैनिकों को भारी नुकसान हुआ। कई सैनिक हताहत हुए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। US Marines पर फोकस किए जाने की खबरें आईं। 

- इंफ्रास्ट्रक्चर नुकसान: मुबारक अल-कबीर पोर्ट पर भारी मटेरियल डैमेज हुआ। बंदरगाह की सुविधाओं, गोदामों और निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचा। शुवैख पोर्ट पर भी ड्रोन हमले से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित हुआ। 

- सामरिक प्रभाव: इस हमले ने दिखाया कि ईरान गल्फ क्षेत्र में अपनी पहुंच रखता है और अमेरिकी फोर्सेज के मूवमेंट को ट्रैक कर सकता है। बुनियान द्वीप की सामरिक स्थिति (इराकी तट के पास) इसे महत्वपूर्ण बनाती है।

 कुवैत की सेना ने कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की, लेकिन हमले के प्रभाव को पूरी तरह रोका नहीं जा सका। क्षेत्र में धुआं और आग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें पोर्ट परिसर में बड़े पैमाने पर नुकसान दिख रहा था। 

 युद्ध की व्यापक पृष्ठभूमि यह हमला उस बड़े संघर्ष का हिस्सा है जिसमें ईरान अमेरिका-इजरायल गठबंधन के हमलों का जवाब दे रहा है। फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। गल्फ देशों में अमेरिकी ठिकानों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। बुनियान द्वीप पर यह सरप्राइज हमला ईरान की क्षमता को रेखांकित करता है कि वह दूरस्थ इलाकों में भी प्रभावी कार्रवाई कर सकता है। 

कुवैत ने इन हमलों की निंदा की और कहा कि उसकी जमीन किसी भी पक्ष के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होनी चाहिए। फिर भी, हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को नई चुनौती दी है। गल्फ में तेल व्यापार, शिपिंग रूट्स और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ रहा है। कई देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी हैं। 

आगे क्या? IRGC ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक क्षेत्र से विदेशी सैन्य ताकतें पीछे नहीं हटतीं। अमेरिका-इजरायल पक्ष ने अब तक इस हमले पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना युद्ध को और व्यापक रूप दे सकती है।

 बुनियान द्वीप पर हुए इस हमले ने दिखाया कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन्स और मिसाइलों की भूमिका कितनी निर्णायक हो सकती है। अमेरिका-इजरायल को इस नुकसान से सबक लेना होगा। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World March 28,2026