Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Friday, 17 April 2026

अमेरिका में हड़कंप! 3 साल में 10 परमाणु-अंतरिक्ष वैज्ञानिक गायब या रहस्यमय मौत, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

अमेरिका में हड़कंप! 3 साल में 10 परमाणु-अंतरिक्ष वैज्ञानिक गायब या रहस्यमय मौत, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर-Friday World-April 17,2026 
वाशिंगटन: दुनिया के सबसे मजबूत और सबसे सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी परमाणु कार्यक्रम में असामान्य घटनाओं ने खलबली मचा दी है। पिछले तीन वर्षों में कम से कम 10 उच्चस्तरीय वैज्ञानिकों के साथ रहस्यमय घटनाएं हुई हैं। इनमें से पांच वैज्ञानिक अचानक गायब हो गए हैं, जबकि पांच की मौत हो चुकी है। ये सभी वैज्ञानिक नासा, लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी और एमआईटी जैसी अत्यंत संवेदनशील संस्थाओं से जुड़े थे, जहां परमाणु हथियार, न्यूक्लियर फ्यूजन, रॉकेट प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष मिशनों पर काम किया जाता है।

इस घटनाक्रम ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और व्हाइट हाउस में हड़कंप मचा दिया है। व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए विशेष समिति गठित करने का संकेत दिया है। कई कांग्रेस सदस्यों ने भी एफबीआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।

 क्या है पूरा मामला?

अमेरिका का परमाणु कार्यक्रम दशकों से अत्यधिक कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत चलाया जाता रहा है। फिर भी, 2023 से अब तक हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष बात यह है कि गायब हुए ज्यादातर वैज्ञानिक घर से बिना फोन, वॉलेट या कार की चाबी लिए ही निकल गए और उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।

 गायब हुए पांच वैज्ञानिक

1. रिटायर्ड एयर फोर्स मेजर जनरल विलियम नील मैककैसलैंड
   फरवरी 2026 में न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क स्थित अपने घर से अचानक गायब हो गए। वे एयर फोर्स रिसर्च लेबोरेटरी के पूर्व कमांडर थे और उन्नत अंतरिक्ष तथा परमाणु सामग्री परियोजनाओं से जुड़े थे। घर पर उनका फोन और अन्य जरूरी सामान छूटा हुआ मिला।

2. मोनिका रेजा
   नासा की रॉकेट प्रोपल्शन विशेषज्ञ। 2025 में कैलिफोर्निया में दोस्तों के साथ हाइकिंग के दौरान गायब हो गईं।

3. मेलिसा कैसियास
   लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी की कर्मचारी। जून 2025 में घर से पैदल निकलीं। बाद में उनका फोन फैक्ट्री रीसेट मोड में मिला।

4. एंथनी चावेज़
   लॉस एलामोस लेबोरेटरी के पूर्व कर्मचारी। मई 2025 में वॉक पर निकले और वापस नहीं लौटे।

5. स्टीवन गार्सिया
   परमाणु हथियारों के स्पेयर पार्ट्स से संबंधित सरकारी प्रोजेक्ट पर काम करते थे। अगस्त 2025 में गायब हो गए।

रहस्यमय मौत के पांच मामले

कुछ वैज्ञानिकों की मौत भी बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है:

- कार्ल ग्रिलमेयर: नासा से जुड़े एस्ट्रोफिजिसिस्ट। फरवरी 2026 में अपने घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- नूनो लॉरेइरो: एमआईटी के न्यूक्लियर फ्यूजन विशेषज्ञ। दिसंबर 2025 में घर पर अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या।
- माइकल डेविड हिक्स, फ्रैंक माईवाल्ड और एक अन्य वैज्ञानिक: नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी से जुड़े थे। इनकी मौत का कारण स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया।

इन घटनाओं में एक समान पैटर्न देखने को मिल रहा है – उच्च सुरक्षा क्लीयरेंस, संवेदनशील प्रोजेक्ट्स से जुड़ाव और अचानक गायबगी या हत्या।

 व्हाइट हाउस और सरकार की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलाइना लेविट ने कहा कि सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित एजेंसियां तथ्यों की जांच कर रही हैं और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी। कई सांसदों ने मांग की है कि इसकी जांच एफबीआई, होमलैंड सिक्योरिटी और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी द्वारा की जाए।

क्यों चिंता बढ़ गई है?

ये वैज्ञानिक अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण काम कर रहे थे। यदि कोई विदेशी शक्ति इन वैज्ञानिकों को निशाना बना रही है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ ऐसी घटनाएं संयोग नहीं हो सकतीं।

कुछ जानकारों का मानना है कि यह विदेशी खुफिया एजेंसियों की सक्रियता हो सकती है, जबकि कुछ इसे आंतरिक सुरक्षा चूक भी मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर विभिन्न साजिश सिद्धांत भी चर्चा में हैं, लेकिन कोई पुष्टि नहीं हुई है।

 आगे क्या होगा?

अमेरिकी सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष कमिटी बनाने का फैसला किया है। लॉस एलामोस, नासा और अन्य संबंधित संस्थानों में वैज्ञानिकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एफबीआई और अन्य एजेंसियां गायब वैज्ञानिकों की तलाश और मौतों की जांच में जुटी हुई हैं।

यह मामला न केवल अमेरिका के लिए, बल्कि पूरे विश्व के परमाणु और अंतरिक्ष कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाता है। दुनिया भर के मीडिया और सुरक्षा विशेषज्ञ इस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

अभी तक कोई स्पष्ट सबूत किसी बड़े षड्यंत्र का सामने नहीं आया है, लेकिन जांच की गति तेज है। क्या यह सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण संयोग है या कुछ गहरा राज छिपा है – इसका जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World-April 17,2026