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Monday, 6 April 2026

ट्रंप की धमकी के बाद शेयर बाजार में भारी बवाल! सेंसेक्स में 800 पॉइंट्स का जोरदार धक्का, निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा

ट्रंप की धमकी के बाद शेयर बाजार में भारी बवाल! सेंसेक्स में 800 पॉइंट्स का जोरदार धक्का, निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा
-Friday World-April 7,2026 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई तीखी धमकी ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव की सीधी मार भारतीय शेयर बाजार पर पड़ी है। मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स पिछले दिन के बंद स्तर 74,106.85 से शुरू होकर मिनटों में 800 पॉइंट्स से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों में भारी घबराहट फैल गई।

यह गिरावट मुख्य रूप से ट्रंप की ईरान पर सख्त चेतावनी के कारण आई है, जिसमें उन्होंने ईरान की पावर प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी दी थी, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की डेडलाइन न मानने पर। इससे कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। बढ़ते तेल दाम मुद्रास्फीति बढ़ा सकते हैं, आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं और कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव डाल सकते हैं।

 सेंसेक्स और निफ्टी में गहरा गड्ढा
सुबह के कारोबार में BSE सेंसेक्स पिछले बंद 74,106.85 की तुलना में सीधे नीचे खुला और कुछ ही देर में 824 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 73,282.82 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 200 पॉइंट्स से ज्यादा टूटकर 22,919 के आसपास आ गया। शुरुआती भारी बिकवाली के दबाव के बाद बाजार में हल्की रिकवरी देखी गई और आधे घंटे बाद सेंसेक्स का घाटा करीब 350 पॉइंट्स तक सिमट गया। हालांकि, बाजार की अस्थिरता बनी रही।

 1,300 से ज्यादा कंपनियों के शेयर लाल निशान में
ट्रेडिंग शुरू होते ही 1,354 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 941 कंपनियों के शेयरों में मामूली बढ़ोतरी हुई। 161 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। खास बात यह रही कि BSE की लार्ज-कैप कैटेगरी के सभी 30 ब्लू-चिप शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है। बैंकिंग, ऑटो, मेटल और एनर्जी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित दिखे।

विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट केवल शुरुआत हो सकती है। अगर ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ता रहा तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊंची जा सकती हैं, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ेगा, रुपया कमजोर होगा और विदेशी निवेशकों (FII) की निकासी तेज हो सकती है। पिछले कुछ दिनों में भी ट्रंप की ईरान संबंधी टिप्पणियों ने बाजार को प्रभावित किया था, जहां सेंसेक्स एक बार 1,300-1,400 पॉइंट्स तक गिर चुका था, लेकिन बाद में कुछ रिकवरी हुई।

वैश्विक तनाव का भारतीय बाजार पर असर
ईरान-इजराइल और अब अमेरिका की शामिलता से मध्य पूर्व में बने तनाव ने एशियाई बाजारों को भी हिला दिया है। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और अन्य सूचकांक भी नकारात्मक जोन में रहे। अमेरिकी बाजारों में भी अनिश्चितता दिख रही है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए चिंताजनक है क्योंकि हमारा 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात पर निर्भर है। बढ़ते तेल दाम पेट्रोल-डीजल, परिवहन और विनिर्माण लागत को प्रभावित करेंगे, जो अंततः आम उपभोक्ता तक पहुंचेगा।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में RBI की मौद्रिक नीति, वैश्विक संकेत और मध्य पूर्व की स्थिति बाजार की दिशा तय करेंगी। अगर तनाव कम होता है तो रिकवरी संभव है, लेकिन लंबे समय तक युद्ध या ब्लॉकेड जारी रहा तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस करें।

 निवेशकों के लिए क्या मतलब?
- अल्पकालिक जोखिम: भू-राजनीतिक घटनाएं बाजार को अस्थिर बनाती हैं। आज की गिरावट से लाखों छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो में नुकसान हुआ।
- सेक्टर प्रभाव: तेल और गैस, एविएशन, पेंट और केमिकल सेक्टर पर दबाव, जबकि कुछ डिफेंस और IT शेयरों में रक्षा मिल सकती है।
- रुपया और महंगाई: तेल महंगा होने से रुपया कमजोर हो सकता है, जिससे आयातित सामान महंगा पड़ेगा।
- दीर्घकालिक नजरिया: अगर तनाव जल्द सुलझ गया तो बाजार तेजी से उछाल ले सकता है, जैसा कि पहले कई मौकों पर हुआ है।

यह घटना याद दिलाती है कि वैश्विक घटनाएं स्थानीय बाजारों को कितनी तेजी से प्रभावित करती हैं। भारतीय शेयर बाजार मजबूत बुनियाद पर टिका है, लेकिन बाहरी झटकों से बचाव के लिए विविधीकरण और सतर्क रणनीति जरूरी है।

: ट्रंप की ईरान धमकी ने आज बाजार को कड़ी चुनौती दी है। सेंसेक्स में 800 पॉइंट्स का धक्का और अरबों का नुकसान निवेशकों के लिए चेतावनी है। आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखना होगा। अगर आप निवेशक हैं तो घबराएं नहीं, बल्कि मौके की तलाश करें। बाजार हमेशा उतार-चढ़ाव से भरा रहता है, लेकिन लंबे समय में मजबूत कंपनियां अच्छा रिटर्न देती हैं।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-April 7,2026