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Tuesday, 7 April 2026

ईरान की अनोखी मानवीय दीवार: दमावंद पावर प्लांट पर खड़ी 9 करोड़ की आवाज

ईरान की अनोखी मानवीय दीवार: दमावंद पावर प्लांट पर खड़ी 9 करोड़ की आवाज
-Friday World-April 7,2026 
तेहरान के पूर्व में स्थित विशाल दमावंद पावर प्लांट आज सिर्फ बिजली का कारखाना नहीं, बल्कि ईरानी राष्ट्र की एकता और संकल्प का प्रतीक बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “पावर प्लांट डे” वाली धमकी के बाद ईरान के युवा, कलाकार, एथलीट और आम नागरिक हाथों में हाथ डाले इस प्लांट के चारों ओर मानवीय श्रृंखला (human chain) बना खड़े हो गए। यह दृश्य सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि युद्ध के मुहाने पर खड़े एक राष्ट्र की चेतावनी है — “हमारी राष्ट्रीय संपत्ति पर हमला युद्ध अपराध होगा।”

 ट्रंप की धमकी और ईरान का जवाब

अप्रैल 2026 की शुरुआत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की मांग को लेकर ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी — अगर ईरान समय पर समझौता नहीं करता तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और ब्रिजेस को निशाना बनाएगा। दमावंद प्लांट, जो तेहरान की बिजली का बड़ा हिस्सा सप्लाई करता है, इस लिस्ट में सबसे ऊपर था।

इस धमकी के जवाब में ईरान ने अनोखा रास्ता चुना। युवा और किशोर मामलों के उपमंत्री अलिरेजा रहीमी ने पूरे देश के युवाओं, छात्रों, कलाकारों, एथलीटों और प्रोफेसरों से अपील की — “हमें ‘Human Chain for a Bright Future’ अभियान के तहत पावर प्लांट्स के आसपास खड़े होना चाहिए।” 

कुछ घंटों में ही दमावंद, काजेरून, अहवाज, रजाee और अन्य प्रमुख प्लांट्स के सामने सैकड़ों-हजारों लोग जमा हो गए। वीडियो में लोग ईरानी झंडा लहराते, नारे लगाते और हाथ पकड़े खड़े दिख रहे हैं। सबसे दिलचस्प, प्रसिद्ध तार वादक अली घमसारी ने प्लांट के बाहर सिट-इन करते हुए पारंपरिक संगीत बजाया और दुनिया के कलाकारों से एकजुट होने की अपील की।

1.40 करोड़ शहादत के लिए तैयार — राष्ट्रपति समेत

ईरानी राष्ट्रपति ने घोषणा की कि देश की कुल आबादी करीब 9 करोड़ में से 14 मिलियन (1.40 करोड़) से ज्यादा लोगों ने “शहादत रजिस्ट्रेशन” कराया है। इसमें राष्ट्रपति खुद शामिल हैं। यह आंकड़ा ईरान की परंपरागत “शहीद होने की संस्कृति” को दर्शाता है, जो इमाम हुसैन (अ.) की करबला की याद से जुड़ी हुई है। 

ईरान खुद को “शहीदों की कौम” मानता है। पिछले दशकों में ईरान-इराक युद्ध, हालिया संघर्षों और प्रतिरोध की भावना ने इस भावना को और मजबूत किया है। कई विश्लेषक इसे प्रोपगैंडा भी बता रहे हैं, लेकिन तथ्य यह है कि हजारों युवा स्वेच्छा से आगे आए हैं। वे कह रहे हैं — “अगर बिजली प्लांट पर बम गिरेगा तो हम उसके सामने खड़े होंगे।”

दमावंद: तेहरान की जीवन रेखा

दमावंद कम्बाइंड साइकिल पावर प्लांट ईरान का सबसे बड़ा बिजली उत्पादन केंद्र है। यह प्राकृतिक गैस पर चलता है और तेहरान समेत आसपास के इलाकों को बिजली मुहैया कराता है। अगर यह प्लांट नष्ट हो जाता है तो राजधानी में अंधेरा छा जाएगा, अस्पतालों की जेनरेटर भी सीमित समय तक ही चल पाएंगे, उद्योग ठप हो जाएंगे और आम जीवन बुरी तरह प्रभावित होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि पावर प्लांट्स पर हमला मानवीय संकट पैदा करेगा। लाखों लोग बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले के जवाब में वह क्षेत्रीय देशों के पावर और डेसालिनेशन प्लांट्स को निशाना बना सकता है, जिससे पूरी खाड़ी में अस्थिरता फैल जाएगी।

 एकता की तस्वीरें

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवा लड़कियां-लड़के, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं एक साथ खड़े हैं। कोई राजनीतिक नारा नहीं, सिर्फ “ईरान की रक्षा” और “बुनियादी ढांचे पर हमला युद्ध अपराध है” का संदेश। 

कुछ जगहों पर प्लांट्स को सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया, फिर भी लोग बाहर जमा रहे। अली घमसारी का संगीत इस पूरे आंदोलन को सांस्कृतिक रंग दे रहा है। उन्होंने कहा — “यह सिर्फ बिजली का प्लांट नहीं, हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है।”

 वैश्विक नजरिया

अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस घटनाक्रम को अलग-अलग नजर से देख रहा है। कुछ इसे “रेजिम की डेस्परेशन” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “जनता की वास्तविक एकजुटता” मान रहे हैं। ट्रंप की धमकी के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने से इनकार कर दिया है और कहा है कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।

विश्लेषकों का मानना है कि पावर प्लांट्स पर हमला करना आसान नहीं। इससे ईरानी समाज में और गुस्सा भड़केगा और प्रतिरोध बढ़ेगा। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका गहरा असर पड़ेगा — तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

 ईरान का संदेश: हम तैयार हैं

दमावंद पावर प्लांट के चारों ओर बनी यह मानवीय दीवार दुनिया को बता रही है कि ईरान सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन से नहीं, बल्कि अपने लोगों की इच्छाशक्ति से लड़ रहा है। 1.40 करोड़ लोगों का शहादत का रजिस्ट्रेशन और लाखों का सड़कों पर उतरना यह साबित करता है कि इस राष्ट्र को तोड़ना इतना आसान नहीं।

चाहे ट्रंप की धमकी हो या कोई भी बाहरी दबाव, ईरान का संदेश साफ है — “हम अपनी जमीन, अपनी बिजली और अपने भविष्य की रक्षा के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार हैं।”

यह घटना सिर्फ एक पावर प्लांट की कहानी नहीं है। यह 9 करोड़ ईरानियों की सामूहिक इच्छाशक्ति, सांस्कृतिक गौरव और प्रतिरोध की कहानी है। इतिहास गवाह है — जब कोई राष्ट्र इस तरह एकजुट होता है, तो उसे हराना बहुत मुश्किल होता है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-April 7,2026