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नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2026। अमेरिका-ईरान युद्ध के लगभग पांच सप्ताह बाद शुक्रवार को एक बड़ा और चिंताजनक विकास हुआ। ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने अमेरिका के दो सैन्य विमानों को निशाना बनाया। पहला F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान के अंदरूनी इलाके में गिराया गया, जबकि दूसरा A-10 थंडरबोल्ट II (वॉरथॉग) अटैक एयरक्राफ्ट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मारा गया।
ईरानी राज्य मीडिया ने शुरू में दावा किया कि उन्होंने एक अत्याधुनिक F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट को गिराया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गिराया गया विमान F-15E था। इस घटना में F-15E के दो सदस्यों में से एक को अमेरिकी विशेष बलों ने बचा लिया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। A-10 के पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया।
यह घटना अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को नई ऊंचाई पर ले गई है और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा रही है।
घटना का विस्तृत विवरण शुक्रवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की वायु रक्षा प्रणाली ने केंद्रीय ईरान में एक अमेरिकी विमान को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया ने मलबे की तस्वीरें जारी कीं और दावा किया कि यह F-35 था, जिसे उनकी नई एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। हालांकि, अमेरिकी स्रोतों ने पुष्टि की कि यह F-15E स्ट्राइक ईगल था – एक दो-सीटर फाइटर जेट जिसमें पायलट और वेपन सिस्टम ऑफिसर दोनों सवार थे।
दोनों क्रू मेंबर्स ने इजेक्ट किया। अमेरिकी विशेष बलों ने एक को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन दूसरे की स्थिति अभी अज्ञात है। ईरानी अधिकारियों ने लापता क्रू मेंबर के लिए इनाम की घोषणा भी कर दी है।
लगभग उसी समय, A-10 वॉरथॉग अटैक एयरक्राफ्ट पर हमला हुआ। यह विमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास था, शायद रेस्क्यू मिशन में सहायता कर रहा था। ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने दक्षिणी जल क्षेत्र में एक “दुश्मन” A-10 को मारा। अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि विमान को नुकसान पहुंचा और पायलट ने इजेक्ट कर लिया। पायलट सुरक्षित है, लेकिन विमान क्षतिग्रस्त हो गया।
इसके अलावा, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर भी ईरानी गोलीबारी का शिकार हुए, लेकिन वे ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे।
ईरान बनाम अमेरिका: दावों में विरोधाभास
- ईरानी दावा: IRGC ने कहा कि उन्होंने एक नई एयर डिफेंस सिस्टम से F-35 को गिराया। बाद में उन्होंने A-10 को भी मारा जाने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने इसे “अमेरिकी वायुसेना के लिए काला दिन” बताया।
- अमेरिकी पक्ष: पेंटागन और अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि F-35 नहीं, बल्कि F-15E गिराया गया। उन्होंने ईरानी दावों को अतिरंजित बताया।
F-15E स्ट्राइक ईगल अमेरिकी वायुसेना का एक मजबूत मल्टी-रोल फाइटर है, जो ग्राउंड अटैक और एयर सुपीरियोरिटी दोनों के लिए इस्तेमाल होता है। A-10 वॉरथॉग को “टैंक किलर” कहा जाता है, जो क्लोज एयर सपोर्ट के लिए जाना जाता है।
युद्ध की पृष्ठभूमि और होर्मुज का महत्व यह घटना फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए अमेरिका-इजराइल के संयुक्त अभियान का हिस्सा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखा हुआ है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लगभग 20% तेल और LNG का परिवहन करता है। इसका बंद रहना तेल की कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर रहा है। भारत, चीन, यूरोप और कई अन्य देश इस संकट से सीधे प्रभावित हैं।
ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वे मिशन पूरा करेंगे और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करेंगे। वहीं, ईरान का रुख है कि वह युद्ध अपनी शर्तों पर ही खत्म करेगा।
भारत पर संभावित प्रभाव भारत ईरानी तेल का बड़ा आयातक रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल पर काफी निर्भर है। इस घटना से:
- तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाएगा।
- शिपिंग रूट प्रभावित होने से व्यापार और आयात पर असर पड़ेगा।
- क्षेत्रीय अस्थिरता भारतीय प्रवासियों और ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दे सकती है।
भारत सरकार ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों (रूस, सऊदी अरब आदि) पर जोर दे रही है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और आगे क्या? रूस और चीन ने अमेरिकी कार्रवाइयों की आलोचना की है, जबकि इजराइल ने ईरान पर और सख्त कार्रवाई की मांग की। यूरोपीय देश तेल संकट से चिंतित हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना युद्ध को और लंबा खींच सकती है। अगर लापता अमेरिकी पायलट नहीं मिला या कोई और हादसा हुआ तो अमेरिका की प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है।
ट्रंप ने कहा है कि ईरान के हमले बातचीत को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन अमेरिका की सेना पूरी तरह तैयार है। ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।
यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में एयर डिफेंस सिस्टम और स्टेल्थ टेक्नोलॉजी के बीच का संघर्ष कितना जटिल हो गया है। F-15E जैसे सिद्ध विमान का गिरना अमेरिकी वायुसेना के लिए झटका है, जबकि ईरान अपनी वायु रक्षा क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है।
अगले कुछ दिनों में लापता पायलट की तलाश, होर्मुज की स्थिति और दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियां इस संघर्ष की दिशा तय करेंगी। फिलहाल मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और दुनिया शांति की उम्मीद के साथ खतरे को भी देख रही है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 4,2026