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Wednesday, 6 May 2026

दक्षिणी लेबनान में इज़राइली हवाई हमलों से दहला आसमान: सैदा से यानूह तक गूंजे धमाके, रिहायशी इलाके बने निशाना

दक्षिणी लेबनान में इज़राइली हवाई हमलों से दहला आसमान: सैदा से यानूह तक गूंजे धमाके, रिहायशी इलाके बने निशाना-Friday World- 7 May 2026
              संघर्षविराम के बीच बढ़ती आग

नवंबर 2024 में लागू हुए युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान एक बार फिर भीषण हवाई हमलों का गवाह बना है। इज़राइली लड़ाकू विमानों और युद्धक ड्रोनों ने सैदा जिले से लेकर वादी जिलो और यानूह तक कई समन्वित हमले किए। हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते हुए इज़राइल ने दाउदिया, सक्साकिया, कौथरियत अल-सियाद और अंसारिया जैसे आवासीय व ग्रामीण इलाकों पर बमबारी तेज कर दी है। निगरानी फुटेज में अंसारिया की एक बहुमंज़िला इमारत के ढहने का सटीक क्षण कैद हुआ, जबकि हदया में एक वाहन पर ड्रोन हमला किया गया। 

1. सैदा जिला: निशाने पर आए गांव और कस्बे

इज़राइली सेना ने पूर्वी लेबनान की बेका घाटी के बाद अब दक्षिणी तटीय पट्टी पर ध्यान केंद्रित किया है। 

- दाउदिया, सक्साकिया, कौथरियत अल-सियाद: इज़राइली अरबी प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने तटीय शहर तायर के पूर्व में स्थित तायर देब्बा और ऐता अल-जबल के निवासियों को आवासीय भवनों से 500 मीटर दूर जाने की चेतावनी दी थी। सेना का कहना है कि इन भवनों का इस्तेमाल हिजबुल्लाह ने किया है।

- अंसारिया: यहां एक बहुमंज़िला इमारत को निशाना बनाया गया। लेबनानी सूत्रों के अनुसार रविवार को कौतारियत अल सियाद में इज़राइली ड्रोन ने एक गाड़ी पर हमला किया, जिसमें हिजबुल्ला का एक सदस्य मारा गया और दूसरा घायल हो गया।
- *हदया इलाका*: वादी जिलो और यानूह के बीच स्थित हदया में एक वाहन को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया। लेबनान की सरकारी मीडिया ने बताया कि एक ड्रोन ने मोटरसाइकिल और मर्सिडीज कार पर दो मिसाइलें दागीं। 

2. इज़राइल का पक्ष: “हथियार डिपो और कमांड सेंटर तबाह”

इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने कहा कि हमले का लक्ष्य हिजबुल्लाह का ‘हथियार निर्माण और भंडारण स्थल’ था। IDF का दावा है कि साइट पर गतिविधि ‘इज़राइल और लेबनान के बीच हुए समझौते का व्यापक उल्लंघन है’। 

आईडीएफ प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा कि इज़राइली युद्धक विमानों ने रात भर के ऑपरेशन में हिजबुल्लाह को महत्वपूर्ण चोट पहुंचाई है। सेना के मुताबिक दक्षिणी लेबनान के 10 क्षेत्रों में हिजबुल्लाह के हथियार डिपो, लड़ाकों की इमारतों और एक रॉकेट लांच पैड को निशाना बनाया गया। 

हालिया ऑपरेशन में इज़राइली लड़ाकू विमानों ने पिन-पॉइंट सटीकता के साथ हमला किया। सूत्रों के मुताबिक जिस इमारत को निशाना बनाया गया, वह हिजबुल्लाह का एक गुप्त कमांड और कंट्रोल सेंटर था। इज़राइली खुफिया एजेंसी 'मोसाद' से मिले इनपुट्स के बाद यह कार्रवाई की गई। 

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के बाद स्पष्ट किया कि इज़राइल अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। 

3. लेबनान का आरोप: “संघर्षविराम का उल्लंघन, नागरिक निशाने पर”

लेबनान सरकार ने इज़रायल की ओर से बार-बार हो रहे हमलों की निंदा की है। लेबनान ने इजराइल पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का एक बार फिर से आरोप लगाया। 

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस घटना को दक्षिण लौट रहे ग्रामीणों के खिलाफ ‘डराने का संदेश’ बताया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया। राष्ट्रपति जोसेफ़ आउन ने न्यूयॉर्क से संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वे इन उल्लंघनों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करें’। 

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 मार्च से देश में मारे गए लोगों की कुल संख्या 2600 से अधिक बताई है। देइर क़ानून-ए-नहर इलाके में भीषण हवाई हमले में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं और राहत व बचाव कार्य जारी हैं। 

4. जमीन पर असर: 48 घंटे का आपातकाल और विस्थापन

हिजबुल्लाह के हमलों के बाद इज़राइल ने 48 घंटे के राष्ट्रव्यापी आपातकाल की घोषणा की थी। रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि आपातकाल की घोषणा से IDF को इज़रायल के नागरिकों को निर्देश जारी करने में मदद मिलेगी, जिसमें सभाओं को सीमित करना और जगहों को बंद करना शामिल है। 

दूसरी तरफ, दक्षिणी लेबनान में नागरिकों को पहले ही चेतावनी दे दी गई थी। इसके बावजूद हमलों में नागरिक हताहत हुए हैं। एक ड्रोन हमले में कार में सवार परिवार के पिता और तीन बच्चे मारे गए। 

5. टकराव की पृष्ठभूमि: 2024 से अब तक

नवंबर 2024 में युद्ध विराम लागू हुआ था। युद्ध विराम के बावजूद, इजरायली सैन्य बलों ने लेबनान में छिटपुट हमले किए। दोनों पक्ष ने एक-दूसरे पर सीजफायर का उल्लंघन का आरोप लगाया। 

27 नवंबर, 2024 से लागू युद्धविराम समझौते के बावजूद इजरायली सेना लेबनान में समय-समय पर हमले कर रही हैं। उनका दावा है कि वे हिजबुल्ला के "खतरों" को निशाना बनाते हैं। 

पिछले 4 दिन में IDF ने दावा किया कि उसने लेबनान में दो हजार से ज्यादा सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है और 250 के करीब हिज्बुल्लाह के लड़ाकों की मौत हुई है। इसमें 5 बटालियन कमांडर, 10 कंपनी कमांडर और 6 प्लाटून कमांडर शामिल हैं। 

6. क्षेत्रीय तनाव: होर्मुज से बेरूत तक

यह तनाव केवल लेबनान तक सीमित नहीं है। ईरान के साथ जंग में 40 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे बड़ा संघर्ष क्षेत्र बना रहा। इज़राइल का यह हमला हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए किया गया, जबकि ईरान के हिज़्बुल्लाह से दूरी बनाने की खबरें भी सामने आईं हैं। 

इजरायल ने इसे 'आत्मरक्षा' की कार्रवाई बताया है, जबकि लेबनान की ओर से इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया गया है। 

7. आगे क्या?

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि वे तनाव समाप्त करने के लिए इजरायल के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। वहीं इजराइली सेना का कहना है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि उत्तरी इजराइल से विस्थापित हुए नागरिक सुरक्षित अपने घरों को वापस नहीं लौट जाते। 

दक्षिणी लेबनान में हवाई बमबारी की लगातार बढ़ोतरी युद्धविराम की नाजुकता को दिखाती है। दाउदिया से यानूह तक, सैन्य ठिकानों के साथ रिहायशी इमारतें और वाहन भी हमलों की चपेट में आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि कूटनीतिक दबाव इस टकराव को और बढ़ने से रोक पाता है या नहीं।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World- 7 May 2026