प्रति,
माननीय मंत्री महोदय,
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय,
भारत सरकार, नई दिल्ली।
विषय:कृषि कार्य के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में और समय पर डीजल उपलब्ध कराने के संबंध में प्रस्तुतीकरण।
आदरणीय मंत्री जी,
सश्रम वंदे, सविनय निवेदन है कि हमारी अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है और देश के विकास में किसानों का योगदान सर्वोपरि है। वर्तमान में कृषि में बढ़ते यंत्रीकरण के कारण ट्रैक्टर, थ्रेशर, पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों के लिए डीजल किसानों की प्राथमिक और अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।
परंतु, पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त डीजल आपूर्ति की कमी के कारण किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति का सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ने की गंभीर आशंका है।
इस संवेदनशील मामले की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए, किसानों की ओर से निम्नलिखित मांगों के साथ यह प्रस्तुतीकरण किया जा रहा है:
कृषि के मुख्य सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर डीजल का पर्याप्त स्टॉक बना रहे, ऐसी व्यवस्था की जाए।पेट्रोल पंपों पर किसानों को कृषि उपकरणों के लिए प्राथमिकता के आधार पर डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जाएं। संकट या कमी के समय कृषि कार्य बाधित न हो, इसके लिए स्थानीय डिपो स्तर पर किसानों के लिए डीजल का एक निश्चित कोटा (जहाज) आरक्षित रखने का प्रावधान किया जाए।किसान जब कृषि कार्य के लिए केन (कैन) या बैरल में डीजल लेने जाएं, तब उन्हें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसकी सुदृढ़ निगरानी की जाए।
किसान देश के अन्नदाता हैं। यदि उन्हें समय पर ईंधन नहीं मिलेगा, तो बुवाई या कटाई के कार्य रुक जाएंगे, जिसका सीधा असर देश की खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है।
पूर्ण आशा है कि आप इस विषय की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों और तेल कंपनियों को इस संबंध में उचित कदम उठाने के लिए तत्काल निर्देश जारी करेंगे।
किसान हित में सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा के साथ।
भवदीय,
(रसिक चावडा)
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 20 may 2026