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Sunday, 17 May 2026

कीर स्टार्मर की कुर्सी बचाने के सारे दांव फेल! ब्रिटेन के PM इस्तीफे के कगार पर, अपनी शर्तों पर छोड़ेंगे सत्ता

कीर स्टार्मर की कुर्सी बचाने के सारे दांव फेल! ब्रिटेन के PM इस्तीफे के कगार पर, अपनी शर्तों पर छोड़ेंगे सत्ता
-Friday World-17 May 2026
लंदन। ब्रिटिश राजनीति में भूचाल आ गया है। यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) अपनी कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हो चुके हैं। लेबर पार्टी के अंदरूनी कलह, मंत्रियों के इस्तीफे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दबाव के बाद स्टार्मर ने स्वीकार कर लिया है कि मौजूदा अराजकता असहनीय हो गई है। अब वे सम्मानजनक तरीके से सत्ता हस्तांतरण का रास्ता चुनने जा रहे हैं। 

डेली मेल के मुताबिक, कैबिनेट सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने करीबी लोगों से कहा है कि वे अपनी शर्तों पर इस्तीफा देंगे और इसके लिए समयरेखा (timetable) घोषित करेंगे।

 क्यों घिर गए कीर स्टार्मर? पूरी कहानी

कीर स्टार्मर जुलाई 2024 में भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन लगभग दो साल में ही उनकी सरकार संकट में फंस गई। मई 2026 के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को करारी हार मिली। हजारों काउंसिलर सीटें गंवाईं और कई काउंसिलों पर कब्जा खो दिया। रिफॉर्म यूके जैसे दक्षिणपंथी दलों का उभार और वोटरों में नाराजगी ने स्टार्मर की स्थिति कमजोर कर दी।

इसके बाद कैबिनेट में हलचल शुरू हुई। हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग (Wes Streeting) ने इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफा पत्र में उन्होंने स्टार्मर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जहां विजन की जरूरत थी, वहां खालीपन है। उन्होंने स्टार्मर के नेतृत्व में विश्वास खोने की बात कही और पार्टी में नई लीडरशिप कंटेस्ट की मांग की।

स्ट्रीटिंग का इस्तीफा सिर्फ शुरुआत था। जूनियर मंत्रियों के इस्तीफों की लहर आई। कई सांसदों ने खुलकर स्टार्मर से इस्तीफा मांगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 90 से ज्यादा लेबर सांसदों ने या तो इस्तीफा या समयरेखा घोषित करने की मांग की।

 एंडी बर्नहैम का दबदबा: मेकरफील्ड उपचुनाव गेम चेंजर

संकट की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का कदम। उन्होंने मेकरफील्ड (Makerfield) सीट के उपचुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी तय कर ली है। मौजूदा सांसद जोश सिमंस ने इस्तीफा देकर रास्ता साफ किया। लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमिटी (NEC) ने बर्नहैम को उम्मीदवार बनने की मंजूरी दे दी।

बर्नहैम की टीम आक्रामक है। उनके समर्थक कह रहे हैं कि अगर बर्नहैम संसद पहुंचे तो वे स्टार्मर को 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बाहर खींच लाएंगे। बर्नहैम को लेबर पार्टी में लोकप्रिय चेहरा माना जाता है। वे मजबूत क्षेत्रीय नेता के रूप में जाने जाते हैं और पार्टी के अंदर बदलाव की मांग करने वालों के बीच पसंदीदा विकल्प बन गए हैं।

स्टार्मर की टीम ने पहले बर्नहैम की उम्मीदवारी रोकने की कोशिश की, लेकिन डिप्टी लेबर लीडर लूसी पॉवेल ने प्रक्रिया तेज कर दी। अब उपचुनाव स्टार्मर बनाम बर्नहैम की अप्रत्यक्ष जंग बन गया है।

 आंतरिक विद्रोह और विश्वासघात की कहानी

डाउनिंग स्ट्रीट में तनाव चरम पर है। एक मंत्री ने कहा कि कई नेता स्टार्मर के चेहरे पर तो समर्थन जताते थे, लेकिन पीठ पीछे विद्रोहियों से मिलकर साजिश रचते थे। रACHEL रीव्स जैसे वरिष्ठ मंत्रियों के बयानों में भी स्टार्मर से दूरी बनाने के संकेत मिले।

स्टार्मर के एक पुराने सहयोगी ने उन्हें "नौ जान वाली बिल्ली" (cat with nine lives) कहा था। मतलब हर संकट से निकल आने वाली क्षमता। लेकिन अब वे मान रहे हैं कि नौवीं जान भी खत्म हो गई है।

आगे क्या? संभावित परिदृश्य

- स्टार्मर का इस्तीफा: अगर वे समयरेखा घोषित करते हैं तो पार्टी में व्यवस्थित लीडरशिप चुनाव हो सकता है।

- बर्नहैम vs स्ट्रीटिंग: दोनों संभावित दावेदार हैं। बर्नहैम को लोकप्रियता का फायदा, जबकि स्ट्रीटिंग ब्लेयराइट गुट का चेहरा माने जाते हैं।

- पार्टी का भविष्य: लेबर पार्टी में गहरा विभाजन है। एक तरफ सुधार चाहने वाले, दूसरी तरफ स्टार्मर की नीतियों को जारी रखने वाले।

यह संकट सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि ब्रिटिश राजनीति की दिशा तय करेगा। स्थानीय चुनावों में रिफॉर्म यूके का उभार दिखाता है कि वोटर बदलाव चाहते हैं। अगर लेबर पार्टी इस संकट से मजबूत नहीं उभरी तो अगला आम चुनाव उसके लिए मुश्किल हो सकता है।

 सत्ता का खेल और सच्चाई

कीर स्टार्मर की कहानी साबित करती है कि राजनीति में कोई भी स्थायी नहीं होता। भले ही बहुमत हो, लेकिन जनता का समर्थन और पार्टी का विश्वास न हो तो कुर्सी हिलना तय है। अब देखना यह है कि स्टार्मर कब आधिकारिक ऐलान करते हैं और लेबर पार्टी नया चेहरा किसे चुनती है।

ब्रिटेन की राजनीति में यह दौर यादगार रहेगा। जहां एक तरफ इस्तीफों की बौछार है, वहीं नई उम्मीदों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-17 May 2026