बुधवार शाम वेनेजुएला उस वक्त दहल उठा जब 39 सेकंड के भीतर दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिला दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण USGS के मुताबिक पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और उसके ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। दोनों भूकंपों का केंद्र वेनेजुएला के याराकुय राज्य में मोरोन शहर के पास था, जो राजधानी काराकास से करीब 160 किमी पश्चिम में है।
तबाही का आँकड़ा: कितना बड़ा नुकसान
1. *मरने वालों की संख्या*: USGS ने शुरुआती अनुमान में कहा कि मौतों का आँकड़ा 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकता है। अभी तक कम से कम 32 मौतों की पुष्टि हुई है और 700+ लोग घायल हैं।
2. *इमारतें जमींदोज*: काराकास समेत कई शहरों में इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। चाकाओ जिले के मेयर गुस्तावो ड्यूक ने बताया कि सिर्फ उनके इलाके में 2 इमारतें पूरी तरह ढह गईं, 16 लोग घायल हुए और मौतें भी हुई हैं।
3. *एयरपोर्ट बंद*: मैक्वेटिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी नुकसान के बाद उसे बंद कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री टर्मिनल में जान बचाने के लिए भागते दिखे।
4. *सुनामी का खतरा*: US सुनामी चेतावनी सिस्टम ने कैरेबियन क्षेत्र के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया।
*काराकास बना मलबे का ढेर*
राजधानी काराकास में सबसे भयावह मंजर दिखा। भूकंप का केंद्र सिर्फ 16 किमी दूर था। ऊंची-ऊंची इमारतें 18 सेकंड में ही ढह गईं। बचाव दल रातभर मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे रहे।
गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने टीवी पर कहा: "हमारे पास इमारतें, घर और मकान ढह गए हैं। हम सुरक्षा और नागरिक सहायता के सभी संसाधनों के साथ हालात संभाल रहे हैं"।
80 साल की मारिया रोमेरो ने बताया: "ये भूकंप 1967 वाले से भी भयानक था। पुलिस ने मुझे बाहर निकाला"।
*सरकार ने लगाया आपातकाल*
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही राष्ट्र को संबोधित करेंगी। भूकंप छुट्टी के दिन आया जब लोग 1821 की स्वतंत्रता संग्राम की जीत का जश्न मना रहे थे।
*क्यों आया इतना भीषण भूकंप?*
USGS के मुताबिक वेनेजुएला कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट के टकराने वाली जगह पर है। यह इलाका बोकानो-मोरोन-एल पिलार फॉल्ट सिस्टम पर बैठा है जो 1300 किमी लंबा है। 1900 के बाद ये वेनेजुएला का सबसे बड़ा भूकंप है।
*भविष्यवाणी का दावा*
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि Snehha Chauhan ने इस भूकंप की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। हालांकि, USGS या किसी वैज्ञानिक संस्था ने ऐसी किसी भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं की है। भूकंपों की सटीक भविष्यवाणी विज्ञान के लिए आज भी असंभव मानी जाती है।
*आगे क्या*
1. *बचाव कार्य*: सेना, पुलिस और फायर ब्रिगेड मलबे में फंसे लोगों को निकाल रही है।
2. *आफ्टरशॉक्स*: 20 से ज्यादा झटके आ चुके हैं। लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने को कहा गया है।
3. *अंतरराष्ट्रीय मदद*: कई देशों ने मदद की पेशकश की है।
USGS के भूकंपविज्ञानी पॉल अर्ल ने कहा: "इतने कम समय में दो बड़े भूकंप आना बहुत दुर्लभ है। इससे नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है"।
*नोट*: ये आंकड़े 25 जून 2026 सुबह तक के हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई इमारतों में अभी भी लोग फंसे हैं। आधिकारिक पुष्टि के लिए स्थानीय प्रशासन की घोषणा का इंतजार है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 25 Jun 2026