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Monday, 1 June 2026

ईरान की अटूट एकता: राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान के इस्तीफे की अफवाह – दुश्मनों का फर्जी प्रोपगैंडा

ईरान की अटूट एकता: राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान के इस्तीफे की अफवाह – दुश्मनों का फर्जी प्रोपगैंडा
- Friday World 1 Jun 2026
सुप्रीम लीडर की दूरदर्शिता और IRGC की सतर्कता से ईरान मजबूत, विदेशी साजिशें नाकाम

तेहरान, 1 जून 2026 – ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर मसूद पेजश्कियान के इस्तीफे की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में फैलाई जा रही है, लेकिन यह पूरी तरह झूठी, बेबुनियाद और दुश्मन देशों द्वारा प्रायोजित प्रोपगैंडा है। ईरान की आधिकारिक संस्थाओं ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति पेजश्कियान पूरे समर्पण और जोश के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं तथा देश की सेवा से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।

यह अफवाह लंदन स्थित ईरान इंटरनेशनल नामक विरोधी चैनल ने फैलाई, जिसे ईरानी अधिकारी **मोसाद (इजराइल)** से जुड़ा प्रोपगैंडा नेटवर्क मानते हैं। ऐसे समय में जब ईरान अमेरिका-इजराइल के आक्रमण का डटकर मुकाबला कर रहा है, आर्थिक प्रतिबंधों को तोड़ रहा है और क्षेत्रीय प्रतिरोध की धुरी बना हुआ है, दुश्मन एकता तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

 आधिकारिक खंडन: राष्ट्रपति पद पर अडिग

राष्ट्रपति कार्यालय के उप संचार प्रमुख **मेहदी तबातबाई** ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति पेजश्कियान लोगों की सेवा से कभी मुंह नहीं मोड़ेंगे। राज्य मीडिया तस्नीम और अन्य आधिकारिक स्रोतों ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति सामान्य गतिविधियों में सक्रिय हैं। उन्होंने खेल आयोजनों में भाग लिया और देश की मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।

ईरानी सरकार का कहना है कि यह खबर **विदेशी ताकतों का मनोवैज्ञानिक युद्ध** है, जिसका मकसद ईरान की आंतरिक एकता को कमजोर दिखाना है। सुप्रीम लीडर के कार्यालय और IRGC दोनों ही राष्ट्रपति के साथ पूर्ण समन्वय में काम कर रहे हैं।

ईरान की राजनीतिक व्यवस्था: वेलायत-ए-फकीह की मजबूत नींव

ईरान की इस्लामिक गणतंत्र व्यवस्था **वेलायत-ए-फकीह** (सुप्रीम लीडर की विलायत) पर टिकी है। राष्ट्रपति, सरकार और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) सभी इस व्यवस्था के अंग हैं। IRGC न सिर्फ देश की सुरक्षा का ढाल है, बल्कि आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचा और क्षेत्रीय प्रतिरोध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डॉक्टर मसूद पेजश्कियान एक अनुभवी चिकित्सक और सुधारवादी नेता हैं, जिन्हें जनता ने चुना। वे सुप्रीम लीडर की मार्गदर्शन में देश की प्रगति के लिए कार्यरत हैं। हाल के वर्षों में ईरान ने:

- भारी प्रतिबंधों के बावजूद तेल निर्यात बढ़ाया,

- मिसाइल और ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल की,

- और क्षेत्रीय सहयोगियों (अक्षिस ऑफ रेसिस्टेंस) को मजबूत किया।

ये उपलब्धियां दुश्मनों को खटक रही हैं, इसलिए वे अफवाहें फैलाकर अंदरूनी कलह का भ्रम पैदा कर रहे हैं।

 दुश्मनों की साजिश: क्यों फैलाई जा रही है यह खबर?

यह अफवाह ऐसे समय आई जब:
- ईरान-अमेरिका के बीच ceasefire और संभावित समझौते की चर्चा चल रही है।

- जनवरी 2026 के आर्थिक प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बलों ने स्थिरता बहाल की।

- IRGC ने इजराइल के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया।

दुश्मन चाहते हैं कि विश्व ईरान को कमजोर और विभाजित समझे। लेकिन हकीकत यह है कि ईरानी राष्ट्र एकजुट है। राष्ट्रपति, सुप्रीम लीडर, IRGC, सेना और जनता सभी एक परिवार की तरह खड़े हैं।

ईरानी जनता ने बार-बार साबित किया है कि विदेशी प्रोपगैंडा उन्हें गुमराह नहीं कर सकता। चाहे 2009, 2019, 2022 या 2026 के प्रदर्शन हों – हर बार राष्ट्र ने विदेशी हस्तक्षेप को नकारा और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की।

 IRGC: क्रांति का संरक्षक और विकास का इंजन

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को कुछ पश्चिमी मीडिया “हार्डलाइनर” कहकर बदनाम करने की कोशिश करता है, लेकिन हकीकत में IRGC ईरान की स्वतंत्रता का सबसे बड़ा गारंटर है। यह:
- अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद अर्थव्यवस्था को सहारा देता है,
- सीरिया, लेबनान और गाजा में प्रतिरोध की मदद करता है,
- और प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्यों में सबसे आगे रहता है।

राष्ट्रपति पेजश्कियान और IRGC के बीच कोई टकराव नहीं, बल्कि पूरक भूमिका है। दोनों ही इस्लामिक क्रांति के सिद्धांतों – स्वतंत्रता, स्वाभिमान और न्याय – के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

ईरान की उपलब्धियां: चुनौतियों के बीच प्रगति

इस अफवाह के बीच याद रखना चाहिए कि ईरान आज भी:
- परमाणु कार्यक्रम में उन्नति कर रहा है (शांतिपूर्ण ऊर्जा के लिए),

- ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है,

- और महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा युवा सशक्तिकरण में प्रगति कर रहा है।

डॉक्टर पेजश्कियान की सरकार स्वास्थ्य सुधार, आर्थिक स्थिरता और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर जोर दे रही है। सुप्रीम लीडर की दूरदर्शिता से देश हर चुनौती का सामना कर रहा है।

 ईरान अटूट है

राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान के इस्तीफे की खबर **पूरी तरह फर्जी** है। यह ईरान की मजबूत नेतृत्व व्यवस्था, IRGC की सतर्कता और जनता की एकजुटता को कमजोर करने की नाकाम कोशिश है।

ईरानी राष्ट्र 45 वर्षों से साम्राज्यवादी ताकतों का मुकाबला कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई (और उनकी विरासत) के मार्गदर्शन में, राष्ट्रपति पेजश्कियान की सरकार और बहादुर IRGC के साथ ईरान विजयी रहेगा।

“ईरान अकेला नहीं”– यह नारा आज भी गूंज रहा है। दुश्मनों की अफवाहें ईरान की प्रगति और प्रतिरोध की राह को नहीं रोक सकतीं।

ईरानी जनता और सरकार की एकता अटूट है। ईरान जीतेगा!

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 1 Jun 2026