तेहरान/वॉशिंगटन/दुबई, 1 जून 2026। विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर युद्ध की लपटें भड़क उठी हैं। ईरान ने चार वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल हमले का दावा किया है, जबकि बुशहर प्रांत के जाम क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य विमान को नष्ट करने की सनसनीखेज घोषणा ईरानी सरकारी मीडिया ने की। ईरान के बुशहर प्रांत के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के हवाले से दिए गए बयान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। CENTCOM ने स्पष्ट कहा, “कोई अमेरिकी विमान नहीं गिराया गया। सभी अमेरिकी एयर एसेट्स अकाउंटेड फॉर हैं।” इस विरोधाभासी स्थिति ने मध्य पूर्व में पहले से चरमराते तनाव को नया आयाम दे दिया है।
घटना का क्रम: जहाजों पर हमला और विमान ‘डाउन’ होने का दावा
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरानी बलों ने चार वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया। ये जहाज संभवतः अमेरिकी हितों से जुड़े या ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। हमलों के तुरंत बाद शुक्रवार तड़के ईरानी सरकारी टीवी ने बुशहर प्रांत में एक “होस्टाइल एयरक्राफ्ट” को ईरानी एयर डिफेंस द्वारा नष्ट किए जाने की खबर दी।
गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के हवाले से कहा गया कि जाम काउंटी में यह घटना हुई और स्थिति अब सामान्य है। सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी इसकी पुष्टि की। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में की गई।
दूसरी ओर, अमेरिका ने इन दावों को “झूठा” बताते हुए साफ किया कि कोई नुकसान नहीं हुआ। CENTCOM ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि सभी अमेरिकी विमान सुरक्षित हैं।
होर्मुज: विश्व अर्थव्यवस्था की धमनी
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का गला है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20-25% और LNG का 20% गुजरता है। ईरान ने पहले ही इस जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी थी और कुछ रिपोर्ट्स में माइनिंग तथा जहाजों पर हमलों का जिक्र है।
इस क्षेत्र में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की सक्रियता बढ़ गई है। अमेरिका ने भी ब्लॉकेड लागू कर ईरान की ओर जाने वाले जहाजों को रोका है। हाल ही में अमेरिकी बलों ने एक गाम्बिया-फ्लैग्ड जहाज ‘लियन स्टार’ पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसके इंजन रूम को नष्ट कर दिया, क्योंकि वह 20 से ज्यादा चेतावनियां नजरअंदाज कर ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था।
ये घटनाएं अप्रैल 2026 के ceasefire के बावजूद जारी टकराव की कड़ी हैं, जो फरवरी 2026 के बड़े अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद शुरू हुआ था।
पृष्ठभूमि: 2026 का ईरान संकट
2026 की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए। ईरान ने जवाब में मिसाइल-ड्रोन हमले किए, इजराइल, अमेरिकी बेस और खाड़ी देशों को निशाना बनाया। होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू गईं।
अप्रैल में ceasefire हुआ, लेकिन होर्मुज को फिर से खोलने, टोल्स, परमाणु कार्यक्रम और санкции जैसे मुद्दों पर बातचीत अटकी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त होर्मुज खोलने की मांग की है, जबकि तेहरान क्षेत्रीय संप्रभुता और आर्थिक राहत की शर्त रखता है।
इस बीच छोटे-छोटे टकराव जारी हैं:
- ईरान पर अमेरिकी हमले (ड्रोन साइट्स, रडार)
- ईरानी जहाजों और मिसाइलों पर अमेरिकी कार्रवाई
- कुवैत जैसे सहयोगी देशों पर छिटपुट हमले
विशेषज्ञों की राय: पूर्ण युद्ध की आशंका
रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यदि ईरान के दावों में सच्चाई है तो स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। होर्मुज पर नियंत्रण दोनों पक्षों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
- ईरान की रणनीति: असममित युद्ध – ड्रोन, मिसाइल, प्रॉक्सी बल और समुद्री खतरों का इस्तेमाल। बुशहर (परमाणु सुविधाओं वाला क्षेत्र) की सुरक्षा दिखाकर तेहरान मजबूती का संदेश देना चाहता है।
- अमेरिका की स्थिति: तकनीकी श्रेष्ठता और सहयोगी देशों (सऊदी, UAE, कुवैत) का समर्थन। ब्लॉकेड के जरिए ईरान की अर्थव्यवस्था को दबाना।
- वैश्विक प्रभाव: तेल कीमतें $95-110 प्रति बैरल के आसपास हैं। एशिया की अर्थव्यवस्थाएं (भारत, चीन, जापान) सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। बीमा दरें बढ़ी हैं, शिपिंग कंपनियां रूट बदल रही हैं।
कूटनीति की उम्मीद या युद्ध की आहट?
दोनों पक्ष ceasefire की बात करते हैं, लेकिन मैदान में गोलियां चल रही हैं। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि होर्मुज बिना टोल और बिना रुकावट खुलेगा। ईरान कहता है कि वह अपनी संप्रभुता नहीं छोड़ेगा।
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और चीन जैसे देश शांति वार्ता की अपील कर रहे हैं। लेकिन क्षेत्र में सैन्य चौकसी चरम पर है – अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत, ईरानी स्पीडबोट्स, ड्रोन और मिसाइलें तैयार हैं।
क्या हो सकता है आगे?
1. सीमित टकराव जारी रहना: दोनों पक्ष प्रतीकात्मक हमले कर संदेश देना।
2. पूर्ण युद्ध: अगर कोई बड़ा नुकसान (अमेरिकी सैनिकों की मौत या बड़ा जहाज डूबना) हुआ तो स्थिति अनियंत्रित हो सकती है।
3. कूटनीतिक ब्रेकथ्रू: होर्मुज खोलने, परमाणु निरीक्षण और आर्थिक राहत का समझौता।
फिलहाल दुनिया सांस रोके यह देख रही है कि होर्मुज की लहरें शांति लाएंगी या तूफान?
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 1 Jun 2026