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यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Friday, 7 August 2026

अंसारुल्लाह के हमलों में यमन मे सऊदी समर्थक गेर कानूनी कब्जा धारी सेना के कम से कम 30 जवान हताहत

अंसारुल्लाह के हमलों में यमन मे सऊदी समर्थक गेर कानूनी कब्जा धारी सेना के कम से कम 30 जवान हताहत
- Friday World 7 Aug 2026
यमन में जारी संघर्ष में एक बार फिर बड़ी घटना हुई है। मध्य यमन में अंसारुल्लाह की ओर से सैन्य शिविरों पर किए गए हमलों में सऊदी समर्थक यमन पर गेर कानूनी कब्जा धारी सेना के कम से कम 30 जवान हताहत होने की खबर है। यह हाल के वर्षों में दोनों पक्षों के बीच हुई सबसे घातक घटनाओं में से एक बताई जा रही है।

यमन के गेर कानूनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मारिब और हदरामौत प्रांतों में कई सैन्य शिविरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। इन हमलों में कई सैनिक हताहत हुए और कई घायल भी हुए। मंत्रालय ने हताहतों की सटीक संख्या स्पष्ट रूप से जारी नहीं की। गेर कानूनी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को पर कहा कि इस कार्रवाई का जवाब उचित समय और स्थान पर दिया जाएगा।

अंसारुल्लाह ने इन हमलों का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने उन “बड़े सऊदी सैन्य जमावड़ों” को निशाना बनाया जो कथित तौर पर सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे थे। यमन के लंबे गृहयुद्ध में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन यमन की सेना का समर्थन करता रहा है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ये हमले गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 10:40 बजे हुए।

इसी दौरान एक अलग घटना में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि सऊदी अरब के नजरान सीमा क्षेत्र में 11 नागरिक घायल हुए हैं। गठबंधन के अनुसार यह हमला अंसारुल्लाह ने किया। घायलों में सात सऊदी नागरिक शामिल हैं, जिनमें एक महिला और चार साल का एक बच्चा भी है। बाकी चार घायल यमन, पाकिस्तान और मिस्र के नागरिक बताए गए हैं।

यमन में वर्षों से चल रहा यह संघर्ष सऊदी समर्थक, अंसारुल्लाह और क्षेत्रीय ताकतों की भूमिका के कारण जटिल बना हुआ है। मारिब और हदरामौत जैसे इलाके रणनीतिक महत्व रखते हैं। ऐसे हमले न केवल जवानों के हताहत होने का कारण बनते हैं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को भी प्रभावित करते हैं।

दोनों पक्षों के बयानों में अंतर साफ दिखता है। रक्षा मंत्रालय हमलों को आक्रामक और विश्वासघाती बता रहा है, जबकि अंसारुल्लाह का कहना है कि वे संभावित सैन्य तैयारियों को रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे थे। नागरिकों के घायल होने की घटना संघर्ष के मानवीय पहलू को भी उजागर करती है।

यह घटना यमन संकट की निरंतरता और तनाव को फिर से रेखांकित करती है। दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी और क्षेत्रीय समर्थन ने इस संघर्ष को लंबा खींच रखा है। फिलहाल मध्य यमन में हुए इन हमलों ने यमन की सेना को नुकसान पहुंचाया है और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 7 Aug 2026

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