- Friday World 8 Aug 2026
सीरिया को लेकर क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसराइल और तुर्की के विदेश मंत्रियों के बयानों ने दोनों देशों को आमने-सामने ला खड़ा किया है। इसराइली विदेश मंत्री गिदोन सार ने तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के आरोपों का तीखा जवाब दिया है।
गिदोन सार ने कहा कि तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने इसराइल पर सीरिया को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। जबकि इसराइल ने केवल अपने नागरिकों को हमलों से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। सार के बयान में कहा गया कि तुर्की के यही नेता दशकों से सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करते रहे हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून पर दूसरों को उपदेश देते रहे हैं।
इसराइली विदेश मंत्री ने दावा किया कि तुर्की ने सीरिया के करीब पांच फीसदी हिस्से पर कब्जा कर रखा है। साथ ही तुर्की इसराइल की सुरक्षा को कमजोर करने के मकसद से सीरिया में सैन्य ठिकाने स्थापित करना चाहता है। इसके मुकाबले इसराइल केवल एक बफर जोन पर नियंत्रण रखता है, जो सीरिया के कुल क्षेत्रफल का करीब 0.1 फीसदी है।
सार के अनुसार, यह कदम दक्षिणी सीरिया से सक्रिय उन आतंकवादी समूहों से सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जो इसराइल पर हमला करना चाहते हैं। बयान में दावा किया गया कि दिसंबर 2024 में सीरियाई लड़ाकों ने साल 1974 के इसराइल और सीरिया के बीच सैन्य बलों को अलग करने के समझौते का उल्लंघन करते हुए बफर जोन में प्रवेश किया था।
इसराइली विदेश मंत्री ने तुर्की पर कई और आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के नेतृत्व में तुर्की सीरिया और इराक में कुर्द बलों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान चलाता रहा है। तुर्की पड़ोसी देशों को बार-बार धमकी देता है। पिछले 50 से ज्यादा वर्षों से तुर्की साइप्रस के करीब 36 फीसदी हिस्से पर कब्जा बनाए हुए है। इसके अलावा मानवाधिकारों के रिकॉर्ड को लेकर भी तुर्की अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करता रहा है।
बयान के अंत में गिदोन सार ने साफ कहा, “विदेश मंत्री हाकान फिदान चाहते हैं कि इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाना बंद कर दे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। इसराइल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाना जारी रखेगा।”
यह बयान दोनों देशों के बीच सीरिया को लेकर बढ़ते मतभेद को दर्शाता है। सीरिया में लंबे समय से जारी संघर्ष और क्षेत्रीय शक्तियों की सक्रियता ने हालात को जटिल बना रखा है। इसराइल दक्षिणी सीरिया में सुरक्षा व्यवस्था को अपनी रक्षा से जोड़कर देखता है, जबकि तुर्की सीरिया में अपनी भूमिका और हितों को अलग नजरिए से पेश करता है।
गिदोन सार के बयान में तुर्की की क्षेत्रीय नीतियों पर व्यापक आलोचना की गई है। साइप्रस, कुर्द मुद्दा और सीरिया में कथित सैन्य उपस्थिति जैसे बिंदुओं को उठाकर इसराइल ने तुर्की पर नैतिक और कानूनी सवाल खड़े करने की कोशिश की है। वहीं तुर्की पक्ष इसराइल के कदमों को सीरिया की अस्थिरता बढ़ाने वाला बताता रहा है।
दिसंबर 2024 में बफर जोन में प्रवेश की घटना का जिक्र करके इसराइल ने 1974 के समझौते का हवाला दिया है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच सैन्य बलों को अलग रखने से जुड़ा था। इसराइल का कहना है कि उसके कदम रक्षात्मक हैं और आतंकवादी खतरे से निपटने के लिए आवश्यक हैं।
क्षेत्रीय स्तर पर यह तनाव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है। सीरिया की स्थिति, सीमावर्ती सुरक्षा और विभिन्न समूहों की सक्रियता पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा समीकरण को प्रभावित करती है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के आरोप-प्रत्यारोप से राजनयिक स्तर पर ठंडापन बढ़ने की आशंका है।
इसराइली विदेश मंत्री के बयान से साफ है कि इसराइल अपनी सुरक्षा नीति पर अडिग रहने का संदेश दे रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों को रोका नहीं जाएगा। वहीं तुर्की के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने तुर्की की अपनी क्षेत्रीय कार्रवाइयों को रेखांकित किया।
सीरिया को लेकर यह नया राजनयिक टकराव क्षेत्र में पहले से मौजूद जटिलताओं को और बढ़ा सकता है। दोनों देश अपने-अपने हितों और सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बयान और कदम इस तनाव की दिशा तय करेंगे।
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन और सुरक्षा नीतियों की याद दिलाता है। छोटे से बफर जोन से लेकर बड़े क्षेत्रीय दावों तक, दोनों पक्ष अपने तर्क रख रहे हैं। गिदोन सार के बयान ने तुर्की पर कई मोर्चों पर सवाल उठाए हैं और साथ ही इसराइल की सुरक्षा प्राथमिकता को दोहराया है।
फिलहाल सीरिया को लेकर तुर्की और इसराइल के बीच यह आमना-सामना राजनयिक स्तर पर जारी है। दोनों देशों के बयान क्षेत्र की नाजुक स्थिति को रेखांकित करते हैं, जहां सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय प्रभाव के मुद्दे एक-दूसरे से उलझे हुए हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 8 Aug 2026
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