Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Tuesday, 4 August 2026

धनुष्य-बाण हमारा है, तैयारी शुरू करो: उद्धव ठाकरे का जोशीला संदेश

धनुष्य-बाण हमारा है, तैयारी शुरू करो: उद्धव ठाकरे का जोशीला संदेश
-Friday World 4 Aug 2026
मुंबई। शिवसेना के नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘धनुष्य-बाण’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। ऐसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समय में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाला स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला हमारी ही तरफ आएगा। इसलिए आने वाले चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दो।

शिवसेना भवन में जिला प्रमुखों, संपर्क प्रमुखों और अन्य पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्धव ठाकरे ने सभी को नैतिक रूप से मजबूत करते हुए आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चरण में चल रही सुनवाई का परिणाम उनके पक्ष में ही निकलेगा। बैठक में पार्टी संगठन, आगामी चुनावों और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि धनुष्य-बाण सिर्फ एक चिह्न नहीं, बल्कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत, संघर्ष और पार्टी की मूल पहचान का प्रतीक है। हम इसे वापस लेकर ही रहेंगे।

पिछले कई वर्षों से शिवसेना नाम और धनुष्य-बाण चिह्न का विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। चुनाव आयोग के फैसले के बाद उद्धव गुट को अलग नाम और चिह्न के साथ काम करना पड़ रहा है, लेकिन वे लगातार मूल शिवसेना और धनुष्य-बाण पर अपना हक जता रहे हैं। हालिया सुनवाई में उद्धव गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश कीं। अदालत ने मामले को 4 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया था। ऐसे में उद्धव ठाकरे का यह बयान कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास और उत्साह बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।

उद्धव ठाकरे ने संगठन के काम में ढिलाई बरतने वालों को सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने साफ कहा कि अगर जिम्मेदारी उठाने की क्षमता नहीं है तो पद के लिए जिद नहीं करनी चाहिए। ऐसे पदाधिकारियों को उनकी क्षमता के अनुसार अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। पार्टी के मजबूत संगठन के लिए हर स्तर पर अनुशासन, सक्रियता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ पद धारण करना पर्याप्त नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर काम करना होगा।

मतदाता पंजीकरण पर खास जोर देते हुए ठाकरे ने पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि 8 अगस्त तक पात्र मतदाताओं का पंजीकरण पूरा करने के लिए हर जिले और विभाग में प्रभावी अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे। यह काम प्राथमिकता पर पूरा होना चाहिए क्योंकि चुनावी तैयारियों की नींव यहीं से मजबूत होती है। विशेष पंजीकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक सक्रियता जरूरी है।

उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे निराश न हों और मैदान में उतरकर संगठन को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि धनुष्य-बाण हमारे पूर्वजों की मेहनत और संघर्ष का प्रतीक है। इसे वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी तैयारी जरूरी है। आगामी चुनावों में जनता के बीच जाकर पार्टी की विचारधारा, कामों और बालासाहेब की विरासत को पहुंचाना होगा। संगठन की हर इकाई सक्रिय रहे। जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संपर्क बनाए रखें। मतदाता सूची शुद्धिकरण और नए मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दें।

पार्टी के अंदर एकता और अनुशासन पर भी जोर देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि समय कठिन है, लेकिन विश्वास और मेहनत से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला चाहे जो भी हो, तैयारी पूरी रखनी होगी। अगर धनुष्य-बाण हमें मिलता है तो अच्छा, नहीं मिलता तो भी चिह्न को गोठवाया जा सकता है ताकि कोई और उसका दुरुपयोग न कर सके। लेकिन मूल लक्ष्य शिवसेना की पहचान और बालासाहेब की विचारधारा को जीवित रखना है।

यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक चर्चा नहीं थी। यह कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने, संगठन को सक्रिय करने और चुनावी रणनीति तैयार करने का मंच बना। उद्धव ठाकरे के संदेश से साफ है कि वे कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जमीनी तैयारियों पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। मतदाता पंजीकरण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना, संगठन में अनुशासन बनाए रखना और जनता के बीच सक्रिय रहना अब प्राथमिकता है।

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना का इतिहास लंबे संघर्ष और जनसमर्थन से जुड़ा है। बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2022 के विभाजन के बाद दोनों गुट अपनी-अपनी दावेदारी जता रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस विवाद को निर्णायक मोड़ दे सकता है। ऐसे में उद्धव ठाकरे का यह बयान उनके गुट के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है।

पार्टी पदाधिकारियों को अब मैदान में उतरकर काम करना होगा। 8 अगस्त तक मतदाता पंजीकरण पूरा करना, संगठन को मजबूत बनाना और जनता के मुद्दों पर सक्रिय रहना जरूरी है। उद्धव ठाकरे का संदेश साफ है – धनुष्य-बाण हमारा है। कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में आएगा। इसलिए तैयारी शुरू कर दो।

यह समय सिर्फ कानूनी लड़ाई का नहीं, बल्कि संगठन की परीक्षा का भी है। जो पदाधिकारी सक्रिय रहेंगे, वे पार्टी को मजबूत बनाएंगे। जो ढिलाई बरतेंगे, उन्हें जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि क्षमता के अनुसार काम सौंपा जाएगा।

कुल मिलाकर, शिवसेना भवन की यह बैठक पार्टी के अंदर नई ऊर्जा का संचार करने वाली साबित हुई। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जारी है और फैसला आने वाला है। लेकिन उद्धव ठाकरे और उनके कार्यकर्ता पहले से ही चुनावी मैदान की तैयारी में जुट गए हैं। धनुष्य-बाण की लड़ाई कानूनी अदालत में है, लेकिन असली ताकत जनता और संगठन में है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 4 Aug 2026

#UddhavThackeray  
#ShivSena  
#DhanushBaan  
#SupremeCourt  
#MaharashtraPolitics  
#BowAndArrow  
#ShivSenaUBT  
#ElectionPrep  
#VoterRegistration  
#PoliticalBattle