- Friday World September 28,2026
फारस की खाड़ी में तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि बिना उसकी इजाजत के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे जहाजों को ईरानी मिसाइल हमलों का निशाना बनाया जा रहा है।
क्या कहा ईरान ने?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान की संप्रभुता का हिस्सा है और यहां से गुजरने वाले हर जहाज को ईरानी नौसेना को सूचित करना होगा। जो जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों और ईरान के आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनकी किस्मत साफ है।
पिछले दो हफ्तों में कम से कम 3 ऑयल टैंकरों पर कथित तौर पर ईरानी तटीय मिसाइलों से हमले के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों को लेकर चुप्पी साध रखी है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है दुनिया की नब्ज?
होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है लेकिन दुनिया के कुल कच्चे तेल का 21% और LNG का 25% यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, कुवैत, ईराक, कतर और UAE का पूरा तेल निर्यात इसी रास्ते पर निर्भर है। अगर यह बंद होता है तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर जा सकती है।
भारत के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत का 60% से ज्यादा कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है।
ईरान की मिसाइल ताकत
ईरान ने होर्मुज के किनारे Hormuz-2, Khalij Fars, Qader और Abu Mahdi जैसी एंटी-शिप मिसाइलें तैनात कर रखी हैं। इनकी रेंज 300 KM से लेकर 1000 KM तक है और ये चलती हुई जहाज को भी निशाना बना सकती हैं। ईरान का कहना है कि ये मिसाइलें GPS जैमिंग प्रूफ हैं और किसी भी बड़े युद्धपोत को डुबो सकती हैं।
अमेरिका का जवाब
अमेरिका ने कहा है कि होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और किसी भी देश को इसे बंद करने का अधिकार नहीं है। अमेरिका ने खाड़ी में अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं लेकिन जानकारों का कहना है कि ईरानी मिसाइलों के खतरे के कारण वे भी 1000 KM दूर से ही गश्त कर रहे हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World September 28,2026
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