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Wednesday, 21 October 2026

"एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा!" - ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब, पाकिस्तान की मध्यस्थता के बीच तेहरान ने रखीं 7 कड़ी शर्तें

"एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा!" - ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब, पाकिस्तान की मध्यस्थता के बीच तेहरान ने रखीं 7 कड़ी शर्तें
- Friday World Oct 21,2026 
तेहरान से बड़ी खबर:

अमेरिका और ईरान के बीच 8 महीने से चल रहा तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर शांति मिशन पर तेहरान पहुंचे, लेकिन ईरान ने उनके सामने ही अपनी सबसे सख्त लाइन खींच दी। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने साफ शब्दों में कहा है - "ईरान से एक ग्राम भी संवर्धित यूरेनियम बाहर नहीं निकाला जाएगा।" 

रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "जब तक अमेरिका विश्वास बहाली के कदम नहीं उठाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। इस प्रक्रिया की शुरुआत ईरान की सभी शर्तों को पूरी तरह से पूरा करने के साथ होनी चाहिए।" 

पाकिस्तान बना मध्यस्थ, लेकिन ईरान अड़ा रहा

जनरल आसिम मुनीर फिलहाल इस्लामाबाद के नए कूटनीतिक प्रयास के तहत तेहरान में हैं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ से मुलाकात की। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच ब्रिज बनने की कोशिश कर रहा है, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य को लेकर। 

लेकिन तेहरान में माहौल गर्म रहा। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने मुनीर से कहा, "अमेरिकियों को पहले धमकियां और प्रतिबंध हटाने होंगे, तभी हम बातचीत में शामिल हो सकते हैं।" ईरान का कहना है कि आज ईरानी जनता अमेरिका पर भरोसा नहीं करती, उसे डर है कि बातचीत में जाते ही अमेरिका फिर हमला कर देगा। 

ईरान की 7 शर्तें क्या हैं?

ईरानी मीडिया और AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीकर गालिबफ ने मुनीर को बताया कि अमेरिका को ईरान का भरोसा जीतने के लिए 7 शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें शामिल हैं: 

1. पूरे मध्य पूर्व में युद्धविराम
2. विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की संपत्ति को अनब्लॉक करना
3. ईरान के तेल क्षेत्र पर लगे सभी प्रतिबंध हटाना
4. अमेरिकी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करना
5. होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की गारंटी
6. सभी मोर्चों पर दुश्मनी खत्म करना
7. 7. परमाणु सामग्री को राष्ट्रीय संपत्ति मानना

ईरान का कहना है कि संवर्धित यूरेनियम उसकी राष्ट्रीय संपत्ति और जनता की दौलत है, जिसका उपयोग देश के अंदर ही होगा। 

क्यों बिगड़े हालात?

यह जंग इस साल फरवरी के अंत में शुरू हुई थी, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सरप्राइज हमले किए थे, तब जबकि वॉशिंगटन और तेहरान परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत कर रहे थे। जून में एक अस्थायी समझौता (इस्लामाबाद मेमोरेंडम) हुआ था, लेकिन वह कुछ हफ्तों में ही टूट गया। 

IAEA की 1 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास 13 जून 2025 तक 440.9 किलो 60% तक संवर्धित यूरेनियम था, लेकिन मौजूदा स्टॉक का सटीक आंकड़ा एजेंसी के पास भी नहीं है। अमेरिका इसे हथियार बनाने के करीब मानता है, जबकि ईरान इससे इनकार करता है।

अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस कह चुके हैं कि जंग खत्म करने के लिए ईरान को अपनी संवर्धन क्षमता में भारी कटौती करनी होगी। वहीं ईरान कह रहा है कि "एक रत्ती भी बाहर नहीं जाएगी"। ऐसे में पाकिस्तान की मध्यस्थता कितनी कामयाब होगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा, लेकिन फिलहाल तेहरान ने वॉशिंगटन को अपनी रेड लाइन दिखा दी है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 21,2026 

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