-Friday World Oct 25
तेहरान - खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने मिसाइल परीक्षणों की नई लहर शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, ईरान के आसमान में देर रात हुए इस अभ्यास की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें कई मिसाइलें एक साथ आसमान चीरती नजर आ रही हैं।
IRGC प्रवक्ता हुसैन मुहिब के पिछले बयान के बाद यह परीक्षण काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा था कि 12 दिन की लड़ाई से पहले की तुलना में ईरान की मिसाइलों की संख्या कम से कम 1.5 गुना बढ़ गई है और उनकी क्वालिटी, रेंज, मारक क्षमता और सटीकता में बड़ा सुधार किया गया है।
क्या है नई रणनीति?
ईरान अब अंडरग्राउंड 'मिसाइल शहरों' की रणनीति पर चल रहा है। इन शहरों में सस्ती, बड़े पैमाने पर बनने वाली मिसाइलें और ड्रोन सुरक्षित रखे गए हैं। जानकारों का कहना है कि यह अमेरिका की महंगी तकनीक के खिलाफ ईरान की असममित (Asymmetric) रणनीति है।
IRGC का दावा है कि अगर अमेरिका ने अपने 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' GBU-43/B का इस्तेमाल किया, तो ईरान 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' जैसे हथियार से जवाब देगा। इसके साथ ही ईरान की फत्ताह-1 और फत्ताह-2 हाइपरसोनिक मिसाइलें भी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं, जिनका अमेरिका के पास फिलहाल कोई तोड़ नहीं है।
होर्मुज पर नजर
इस मिसाइल अभ्यास का सीधा संबंध होर्मुज स्ट्रेट से भी जोड़ा जा रहा है। मुहिब ने कहा था कि होर्मुज अमेरिकी युद्धपोतों के लिए "100% बंद" है और उल्लंघन करने वाले जहाजों पर बिछी माइनों का खतरा है। 2026 की लड़ाई में ईरान ने कैरियर ग्रुप्स को रोकने के लिए इसी तरह के हथकंडे अपनाए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया मिसाइल परीक्षण सिर्फ ताकत दिखाना नहीं, बल्कि अमेरिका को यह संदेश देना है कि ईरान अब पहले से ज्यादा तैयार है और उसकी मिसाइलें न सिर्फ ज्यादा हैं, बल्कि ज्यादा घातक भी हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World Oct 25
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