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Sunday, 4 October 2026

October 04, 2026

वर्दी की आड़ में गुंडागर्दी? पत्रकारों से बदसलूकी पर दिल्ली पुलिस से जवाब की मांग तेज

वर्दी की आड़ में गुंडागर्दी? पत्रकारों से बदसलूकी पर दिल्ली पुलिस से जवाब की मांग तेज
- Friday World Oct 4,2026 
                  प्रतीकात्मक तस्वीर 
नई दिल्ली -_"वर्दी की आड़ में सरेआम गुंडागर्दी की जा रही है, पत्रकारों से बदसलूकी करने वाली दिल्ली पुलिस और सरकार तुरंत जवाब दे!"_

_"लोकतंत्र में जनता का हक छीनकर तानाशाही चलाई जा रही है, इस शर्मनाक हरकत के जिम्मेदार अधिकारियों का तुरंत इस्तीफा होना चाहिए।"_

इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच ये दो नारे अब सबसे तेज गूंज रहे हैं।

आरोप है कि प्रदर्शन को कवर करने पहुंचे पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई, उनका कैमरा बंद कराने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो [आपने जो फेसबुक वीडियो शेयर किया है] में भी इसी तरह के दृश्य होने का दावा किया जा रहा है।

पत्रकार संगठनों का कहना है कि लोकतंत्र में प्रेस को रोकना सीधे जनता के जानने के हक को रोकना है। अगर प्रदर्शन में महिलाओं की सुरक्षा और पत्रकारों की स्वतंत्रता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का सवाल है।

मांग उठ रही है:
1. पूरी घटना की बॉडीकैम और CCTV से जांच हो
2. दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो
3. प्रेस को कवरेज से रोकने के लिखित आदेश सार्वजनिक किए जाएं

दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक इस नए वीडियो पर आधिकारिक बयान आना बाकी है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 4,2026 


#DelhiPolice #PressFreedom #JournalismUnderAttack #IndiaGate #JantarMantar #DemocracyInDanger #RightToProtest #MediaRights #DelhiProtest #FreedomOfPress
October 04, 2026

Shameful Act in Uniform Alleged - Women's Safety Questioned From India Gate to Jantar Mantar, Demand for FIR Intensifies

Shameful Act in Uniform Alleged - Women's Safety Questioned From India Gate to Jantar Mantar, Demand for FIR Intensifies
-Friday World Oct 4,2026 
New Delhi -India Gate and Jantar Mantar, considered the biggest democratic platforms in the capital, are witnessing protests these days. It is alleged that some police personnel on duty misbehaved with women who came for the protest. Not one, but two different women have claimed that they were touched inappropriately on the pretext of crowd control.

The victims say they tried to file an FIR at the police station, but the complaint was not taken. After this, the matter came into discussion on social media and journalists and social activists have announced a protest at Jantar Mantar today at 3 pm.

What is the whole matter?

According to eyewitnesses, when a group of women was near the barricade during the protest, a policeman was accused of touching them inappropriately amid the pushing and shoving. A video of the incident has also surfaced, in which this act is claimed to have been caught on camera. The authenticity of the video is yet to be investigated by the police.

The second victim said that a similar incident had happened the previous day as well, but she did not come forward due to fear. Now both the victims together are demanding an FIR.

What is the responsibility of Delhi Police?

Delhi Police is known throughout the country as a professional force. According to the Supreme Court guidelines, on a complaint of misbehavior with any woman, an FIR should be registered immediately, the statement should be recorded in the presence of a woman officer and the CCTV footage should be preserved.

In this case too, the same demand is being made - impartial investigation of the allegations, investigation of bodycam and CCTV footage and strict departmental action if found guilty.

What to do if FIR is not being registered?

Many times FIR is not written at the police station, in such a situation the law has given direct options:

1. Written complaint to DCP: Send the complaint by registered post, keep the receiving.

2. Online Portal: File a complaint on delhipolice.gov.in and CPGRAMS.

3. Through Court under 156(3): Magistrate court can order FIR.

4. Women's Commission: On complaint to the National Commission for Women, the Commission itself seeks a report from the police.

Balance between protest and security is necessary

Protest from India Gate to Jantar Mantar is a democratic right, but the safety of women who come in it is the first responsibility of the police. Adequate deployment of women police personnel, mandatory use of bodycams and arrangement of complaint boxes can prevent such allegations.

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World Oct 4,2026 

#DelhiPolice #IndiaGate #JantarMantar #WomensSafety #ProtestInDelhi #JusticeForWomen #FIR #DelhiNews #SafetyForWomen #RuleOfLaw
October 04, 2026

वर्दी की आड़ में शर्मनाक हरकत का आरोप - इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, FIR की मांग तेज

वर्दी की आड़ में शर्मनाक हरकत का आरोप - इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, FIR की मांग तेज
- Friday World Oct 4,2026 
नई दिल्ली - देश की राजधानी में लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच माने जाने वाले इंडिया गेट और जंतर-मंतर पर इन दिनों प्रदर्शन हो रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन में आई महिलाओं के साथ ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने अनुचित व्यवहार किया। एक नहीं, दो अलग-अलग महिलाओं ने दावा किया है कि भीड़ को नियंत्रित करने के बहाने उन्हें गलत तरीके से छुआ गया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने थाने में FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन शिकायत नहीं ली गई। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है और आज दोपहर 3 बजे पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

क्या है पूरा मामला?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान जब महिलाओं का एक समूह बैरिकेड के पास था, तब धक्का-मुक्की के बीच एक पुलिसकर्मी पर अनुचित तरीके से हाथ लगाने का आरोप लगा। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह हरकत कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो की सत्यता की जांच अभी पुलिस को करनी है।

दूसरी पीड़िता ने बताया कि पिछले दिन भी इसी तरह की घटना हुई थी, लेकिन डर के कारण वह सामने नहीं आई। अब दोनों पीड़िताएं मिलकर FIR की मांग कर रही हैं।

दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी क्या कहती है?

दिल्ली पुलिस का नाम पूरे देश में प्रोफेशनल फोर्स के तौर पर लिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी महिला के साथ अभद्रता की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज होना चाहिए, महिला अधिकारी की मौजूदगी में बयान होना चाहिए और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखना चाहिए।

इस मामले में भी यही मांग हो रही है - आरोप की निष्पक्ष जांच, बॉडीकैम और CCTV फुटेज की जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई।

FIR नहीं ली जा रही तो क्या करें?

कई बार थाने में FIR नहीं लिखी जाती, ऐसी स्थिति में कानून ने सीधे विकल्प दिए हैं:

1. DCP को लिखित शिकायत: रजिस्टर्ड पोस्ट से शिकायत भेजें, रिसीविंग रखें।

2. ऑनलाइन पोर्टल: delhipolice.gov.in और CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें।

3. 156(3) के तहत कोर्ट: मजिस्ट्रेट कोर्ट FIR का आदेश दे सकता है।

4. महिला आयोग: राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत पर आयोग खुद पुलिस से रिपोर्ट मांगता है।

प्रदर्शन और सुरक्षा का संतुलन जरूरी

इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसमें आई महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती, बॉडीकैम का अनिवार्य इस्तेमाल और शिकायत पेटी की व्यवस्था से ऐसे आरोपों को रोका जा सकता है।

इस समय जरूरत वायरल करने से ज्यादा तथ्यों को सुरक्षित रखने और कानूनी रास्ते से FIR दर्ज कराने की है, ताकि पीड़िता को न्याय मिले और दिल्ली पुलिस का नाम भी खराब न हो।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 4,2026 

#DelhiPolice #IndiaGate #JantarMantar #WomensSafety #ProtestInDelhi #JusticeForWomen #FIR #DelhiNews #SafetyForWomen #RuleOfLaw
October 04, 2026

વાળુકડ ગામે પ્રેમલગ્નનો ખૂની અંજામ - 29 વર્ષના યુવાનની બસ સ્ટેન્ડ પાસે જાહેરમાં કરપીણ હત્યા, પ્રેમી યુગલના કોર્ટ મેરેજનો બદલો લેવાયો

વાળુકડ ગામે પ્રેમલગ્નનો ખૂની અંજામ - 29 વર્ષના યુવાનની બસ સ્ટેન્ડ પાસે જાહેરમાં કરપીણ હત્યા, પ્રેમી યુગલના કોર્ટ મેરેજનો બદલો લેવાયો
- Friday World Oct 4,2026 
ભાવનગર જિલ્લાના ઘોઘા તાલુકાના વાળુકડ ગામે ગઈકાલે રાત્રે બનેલી એક હૃદયદ્રાવક ઘટનાએ સમગ્ર પંથકને હચમચાવી દીધું છે. વાળુકડ બસ સ્ટેન્ડ પાસે જાહેર રસ્તા પર 29 વર્ષીય યુવાન રવિભાઈ અનિલભાઈ ક્લોતરા ઉર્ફે લાલો રબારીની ત્રણ શખ્સોએ છરીના આડેધડ ઘા ઝીંકી કરપીણ હત્યા કરી નાખી.

આ ઘટનાનો લાઈવ વીડિયો પણ વાયરલ થયો છે, જેમાં હુમલાખોરો બેખોફ રીતે હુમલો કરતા દેખાય છે. એક રાહદારીએ બચાવવાનો પ્રયાસ કર્યો પરંતુ તેને પણ ડરાવી દેવામાં આવ્યો.

હત્યા પાછળનું કારણ - પ્રેમલગ્નની દાઝ

પોલીસ તપાસમાં ચોંકાવનારો ખુલાસો થયો છે. મૃતક રવિને અમદાવાદ રહેતી એક યુવતી સાથે પ્રેમસંબંધ હતો. યુવતીના પિતાને આ સંબંધ મંજૂર ન હતો. તેમ છતાં ત્રણ વર્ષ પહેલા બંનેએ કોર્ટ મેરેજ કરી લીધા હતા.

આ વાતની દાઝ રાખીને યુવતીના પિતા મુન્ના પ્રફુલ બલિયાએ કાવતરું ઘડ્યું હોવાનો આરોપ છે. તેમના કહેવાથી ત્રણ શખ્સો - હરેશ ઉર્ફે હરી ગોપાલભાઈ આલ, કિશોર ઉર્ફે કિશન ધીરુભાઈ ચૌહાણ અને રોહિત ઉર્ફે કાળુ - જેઓ સિહોર તાલુકાના રહેવાસી છે, તેઓએ આ હત્યાને અંજામ આપ્યો.

મૃતકની માતાએ વરતેજ પોલીસ સ્ટેશનમાં યુવતીના પિતા સહિત ચાર લોકો સામે ફરિયાદ નોંધાવી છે.

પોલીસની ત્વરિત કાર્યવાહી

ઘટનાની ગંભીરતાને જોતા ASP ઘનશ્યામ ગૌતમ અને DySP સહિત મોટો કાફલો ઘટનાસ્થળે દોડી ગયો હતો. પોલીસે ગણતરીની કલાકોમાં ત્રણ આરોપીઓની ધરપકડ કરી લીધી છે અને તેમનું રીકન્સ્ટ્રક્શન પણ કરાવ્યું છે. મુખ્ય ષડયંત્રકાર યુવતીનો પિતા હજુ ફરાર છે, તેને પકડવા ચક્રો ગતિમાન છે.

પોલીસે મૃતદેહને પોસ્ટમોર્ટમ માટે ભાવનગર સર ટી હોસ્પિટલ ખસેડ્યો છે અને CCTV ફૂટેજના આધારે વધુ તપાસ શરૂ કરી છે.

ગામમાં શોક અને રોષ

વાળુકડ જેવા નાના ગામમાં જાહેરમાં થયેલી આ હત્યાથી લોકોમાં ભય અને રોષ બંને છે. પ્રેમલગ્ન આજે પણ સમાજ માટે કેમ અભિશાપ બનતું રહ્યું છે, તે સૌથી મોટો સવાલ છે.

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 4,2026 

#Valukad #BhavnagarNews #Ghogha #LoveMarriage #CrimeNews #GujaratPolice #VartejPolice #BhavnagarCrime #JusticeForRavi #GujaratNews
October 04, 2026

Facebook ની રીલ જોઈ લગ્નનું સપનું જોયું અને લૂંટાઈ ગયો યુવક - ભાવનગરમાં ઓનલાઈન લૂંટેરી દુલ્હન ગેંગનો પર્દાફાશ, ₹3.48 લાખની ઠગાઈ

Facebook ની રીલ જોઈ લગ્નનું સપનું જોયું અને લૂંટાઈ ગયો યુવક - ભાવનગરમાં ઓનલાઈન લૂંટેરી દુલ્હન ગેંગનો પર્દાફાશ, ₹3.48 લાખની ઠગાઈ
- Friday World Oct 4,2026 
ભાવનગર (મહુવા) - આજના ડિજિટલ યુગમાં લગ્ન પણ હવે Facebook અને Instagram પર ગોતે છે, અને આ જ નબળાઈનો ફાયદો સાયબર ઠગો ઉઠાવી રહ્યા છે. ભાવનગર જિલ્લાના મહુવા તાલુકાના દેવળિયા ગામના એક યુવક સાથે બની એવી જ હૃદયદ્રાવક ઘટના, જ્યાં ઓનલાઈન સામૂહિક લગ્નની જાહેરાત જોવી તેને ₹3,48,000 માં ભારે પડી.

કેવી રીતે ફસાયો યુવક?

પીડિત યુવક Facebook પર સ્ક્રોલ કરતો હતો ત્યારે હિન્દીમાં લખેલી સામૂહિક વિવાહની એક આકર્ષક રીલ તેની નજરે પડી. રીલમાં ગરીબ કન્યાઓના વિનામૂલ્યે લગ્ન કરાવવાનો દાવો હતો. યુવકે આપેલા નંબર પર સંપર્ક કર્યો.

સામે થી નિતીનસિંહ જંગ નામના વ્યક્તિએ વાત કરી. તેણે એક સુંદર યુવતીનો ફોટો મોકલ્યો અને કહ્યું કે આ યુવતી તમારા માટે યોગ્ય છે. વાત આગળ વધી અને લગ્ન નક્કી પણ થઈ ગયા.

થોડા દિવસ બાદ જ ઠગે નવો ખેલ શરૂ કર્યો. તેણે કહ્યું - "યુવતીના દાદીનું અવસાન થયું છે, તેથી લગ્નની તારીખ થોડી પાછી ઠેલવી પડશે." વિશ્વાસ બેસે તે માટે ઠગોએ દાદીના મૃત્યુના ફોટા અને વીડિયો પણ મોકલ્યા.

આ પછી શરૂ થઈ પૈસા પડાવવાની અસલી રમત.
1. રજિસ્ટ્રેશન ફી ના નામે - ₹15,000
2. લગ્નના કપડાં અને દાગીના ના નામે - ₹80,000
3. મંડપ અને જમણવાર ના ખર્ચ ના નામે - ₹2,53,000

યુવકે હપ્તે હપ્તે કુલ ₹3.48 લાખ ટ્રાન્સફર કરી દીધા. જ્યારે વધુ પૈસાની માંગ થઈ ત્યારે યુવકને શંકા ગઈ અને તેણે બગદાણા પોલીસ સ્ટેશનમાં ફરિયાદ નોંધાવી.

પોલીસ કાર્યવાહી

બગદાણા પોલીસે નિતીનસિંહ જંગ અને તેની સાથી સુનીતા તિવારી વિરુદ્ધ ગુનો નોંધ્યો છે. પોલીસના જણાવ્યા મુજબ આ એક મોટી ગેંગ છે જે સમગ્ર સૌરાષ્ટ્રમાં આ રીતે યુવકોને ફસાવે છે. ફેસબુક પર તેમના અનેક ફેક પેજ છે.

પોલીસે લોકોને અપીલ કરી છે કે:
- ફેસબુક પર આવી કોઈ પણ લગ્નની જાહેરાત પર વિશ્વાસ ન કરો
- કોઈ પણ અજાણી વ્યક્તિને પૈસા ટ્રાન્સફર કરતા પહેલા સ્થાનિક પોલીસનો સંપર્ક કરો
- 1930 હેલ્પલાઇન પર સાયબર ફ્રોડની ફરિયાદ કરો

સાવધાન રહેવું જરૂરી

ભાવનગરમાં છેલ્લા 3 મહિનામાં આ પ્રકારની આ ત્રીજી ઘટના છે. લૂંટેરી દુલ્હન ગેંગ હવે ડિજિટલ બની ગઈ છે. લગ્ન જેવા સંવેદનશીલ મામલે ઉતાવળ ન કરો, પૂરતી તપાસ કરો, પરિવારની હાજરીમાં જ નિર્ણય લો.

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 4,2026 

#BhavnagarNews #Mahuva #CyberFraud #OnlineMarriageScam #GujaratPolice #Bagdana #FacebookScam #CyberCrime #BhavnagarToday #FraudAlert

Saturday, 3 October 2026

October 03, 2026

खरगे का सबसे बड़ा धमाका - 'सब चुनाव अवैध, मोदी-शाह भी अवैध, लोकसभा-विधानसभा भंग कर बैलेट पेपर से हो नया चुनाव'

खरगे का सबसे बड़ा धमाका - 'सब चुनाव अवैध, मोदी-शाह भी अवैध, लोकसभा-विधानसभा भंग कर बैलेट पेपर से हो नया चुनाव'
-Friday World Oct 4,2026 
कलबुर्गी -कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार 3 अक्टूबर को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने मांग की कि लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को तुरंत भंग किया जाए और नए सिरे से चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।

खरगे ने साफ कहा - "आज पूरा देश अवैध चुनावों पर चल रहा है। मोदी अवैध प्रधानमंत्री हैं, शाह अवैध गृहमंत्री हैं और देश में जहां-जहां भी मुख्यमंत्री चुने गए हैं वो सब अवैध हैं। सबको भंग करो, चुनाव कराओ और चुनाव बैलेट पेपर से कराओ।"

EVM पर सवाल और SIR पर हल्ला

खरगे ने कहा कि EVM का दुरुपयोग हो रहा है और यह बात "उनके अपने लोग भी कह रहे हैं"। उन्होंने निर्वाचन आयोग की चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

खरगे ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर एक-एक बूथ से 500-500 वोट काटे जा रहे हैं और अब जोड़ने के नाम पर भी गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोग वार्ड, पंचायत और गांवों में जाकर फॉर्म भरकर वोट कटवा रहे हैं। यह गरीब, अनपढ़, मजदूर और खासकर अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश है।

उन्होंने 30 सितंबर को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक का हवाला दिया, जिसमें 20 दलों के लीगल सेल ने हिस्सा लिया था और सभी ने माना कि SIR देश के लिए गलत दिशा में जा रहा है।

विपक्ष का राष्ट्रव्यापी आंदोलन

खरगे ने ऐलान किया कि विपक्ष SIR और चुनावी प्रक्रिया के दुरुपयोग के खिलाफ देशभर में आंदोलन जारी रखेगा। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन हुआ। जंतर-मंतर पर धारा 144 के बावजूद युवा कांग्रेस और AISA ने मार्च निकाला।

कांग्रेस का आरोप है कि 2023 में बना नया कानून, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कमेटी से चीफ जस्टिस को हटाकर केंद्रीय मंत्री को लाया गया और आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा दी गई, लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए लाया गया है।

बीजेपी का पलटवार

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरगे के बयान को 140 करोड़ भारतीयों के लोकतांत्रिक विवेक का अपमान बताया। उन्होंने कहा - "जब कांग्रेस कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में जीतती है तो चुनाव आयोग ठीक लगता है, हारती है तो EVM खराब लगती है।" उन्होंने याद दिलाया कि बैलेट पेपर के दौर में बूथ कैप्चरिंग और धांधली आम थी।

राजनीति में भूचाल क्यों?

खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लगी हैं और देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस इसे 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उठे वोट चोरी के आरोपों से जोड़कर देख रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खरगे ने जानबूझकर सबसे कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया है ताकि चुनाव आयोग पर दबाव बनाया जा सके और बैलेट पेपर का मुद्दा 2029 से पहले राष्ट्रीय बहस बन जाए।

अब सवाल यह है कि क्या निर्वाचन आयोग SIR पर सफाई देगा या यह लड़ाई सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक और तेज होगी।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 4,2026 

#MallikarjunKharge #Congress #BallotPaper #EVM #ElectionCommission #LokSabha #SIR #IndianDemocracy #INDIAAlliance #VoteChori
October 03, 2026

23 साल बाद इराक में खत्म हुआ अमेरिकी युग - 30 सितंबर को आखिरी सैनिक ने छोड़ी इराकी धरती, इतिहास के सबसे लंबे और खूनी अध्याय का पटाक्षेप

23 साल बाद इराक में खत्म हुआ अमेरिकी युग - 30 सितंबर को आखिरी सैनिक ने छोड़ी इराकी धरती, इतिहास के सबसे लंबे और खूनी अध्याय का पटाक्षेप
- Friday World Oct 4,2026 
बगदाद / एरबिल - 30 सितंबर 2026 का दिन इराक के इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। इसी दिन इराक की सरजमीं पर तैनात आखिरी अमेरिकी सैनिक ने एरबिल एयर बेस से अपना बोरिया-बिस्तर समेटा और इस तरह 20 मार्च 2003 को शुरू हुआ 23 साल लंबा सैन्य हस्तक्षेप हमेशा के लिए खत्म हो गया। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने खुद इसकी पुष्टि की है कि ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व का औपचारिक रूप से समापन हो चुका है। 

यह सिर्फ एक सैनिक वापसी नहीं, बल्कि एक साम्राज्य के अंत और एक राष्ट्र की संप्रभुता की पुनर्बहाली का प्रतीक है।

2003 से 2026 तक - खून, कब्जा और लूट का सफर

20 मार्च 2003 को अमेरिका ने तथाकथित जनसंहारक हथियारों के बहाने इराक पर हमला किया। राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सद्दाम हुसैन की हुकूमत को उखाड़ फेंका। अमेरिकी सेना की ताद 2007 में 1,70,000 के आंकड़े को पार कर गई थी। इस हमले में 4,500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक और 2 लाख से अधिक इराकी नागरिक मारे गए।

देश पर कब्जे के दौरान इराक के तेल क्षेत्रों, बैंकों और सांस्कृतिक धरोहरों की जमकर लूट हुई। इराकी आज भी कहते हैं कि तेल के लिए लोकतंत्र का नारा दिया गया था। भीषण सशस्त्र विद्रोह ने अमेरिका को कभी चैन से बैठने नहीं दिया।

2011 में बराक ओबामा ने सेना वापस बुलाई, लेकिन यह वापसी अस्थायी निकली। 2014 में आईएसआईएस यानी दइश के नाम पर अमेरिका फिर लौट आया। इस बार मिशन का नाम था आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई।

2024 का समझौता और 2026 की अंतिम विदाई

वाशिंगटन और बगदाद के बीच सितंबर 2024 में एक चरणबद्ध वापसी का समझौता हुआ था, जिसमें 30 सितंबर 2026 को अंतिम तारीख तय की गई थी। बाइडेन प्रशासन में शुरू हुई यह प्रक्रिया ट्रंप प्रशासन में पूरी हुई। 

अमेरिकी सेना पहले अल-असद और अल-हरीर जैसे बड़े अड्डों को खाली कर चुकी थी। आखिरी बड़ा अड्डा बचा था कुर्दिस्तान का एरबिल एयर बेस, जो उत्तरी इराक में अमेरिका का अंतिम गढ़ था। 

पेंटागन प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा - "यह एक सफल अभियान का अंत है जिसने ISIS को हराया और अब जिम्मेदारी इराक सरकार की है।" अमेरिका ने कहा है कि वह अब केवल सीमित ट्रेनिंग और खुफिया मदद देगा।

इराक में जश्न - संप्रभुता दिवस का ऐलान

30 सितंबर को इराक सरकार ने 'इराक संप्रभुता दिवस' घोषित किया है। बगदाद और नजफ में इराकी सेना ने परेड की। आम लोग सड़कों पर उतर आए, शिया मिलिशिया के झंडे और नेताओं की तस्वीरें लेकर जश्न मनाया गया। प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने इसे "इराक की ताकत और संस्थाओं की मजबूती का नया दौर" बताया।

लेकिन इस जश्न के साथ चिंता भी है। कई इराकी, खासकर कुर्द इलाके में, डरते हैं कि अमेरिकी छतरी हटने के बाद ISIS के स्लीपर सेल और ईरान समर्थित मिलिशिया और मजबूत हो जाएंगे। इराक सरकार ने मिलिशिया को निरस्त्र करने की समयसीमा अब जून 2027 तक बढ़ा दी है।

एक युग का अंत, एक सवाल की शुरुआत

23 साल में अमेरिका ने इराक को क्या दिया? एक टूटा हुआ बुनियादी ढांचा, सांप्रदायिक हिंसा और एक ऐसा देश जो अब भी अपने तेल के पैसे पर खुद से फैसले नहीं ले पाता था। आज अमेरिकी झंडा नीचे उतर गया है और इराकी झंडा ऊपर है। यह तस्वीर पूरी दुनिया को संदेश दे रही है कि कोई भी कब्जा स्थायी नहीं होता।

इराक अब अपने दम पर अपनी सुरक्षा, अपने संसाधन और अपना भविष्य तय करना चाहता है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Oct 4,2026 

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