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Sunday, 21 December 2025

"2025 में रिकॉर्ड ब्रेक देशनिकाला: अमेरिका ने 3258 भारतीयों को वापस भेजा, गुजरातियों पर बड़ा असर"

"2025 में रिकॉर्ड ब्रेक देशनिकाला: अमेरिका ने 3258 भारतीयों को वापस भेजा, गुजरातियों पर बड़ा असर"
2025 में अमेरिका से भारतीयों के देशनिकाला में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। नवंबर 28 तक कुल 3258 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया, जो पिछले 16 सालों में सबसे ऊंचा आंकड़ा है। 
यह संख्या 2024 की तुलना में दोगुनी से ज्यादा है और डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन नीतियों के सख्त होने का नतीजा है। इस डिपोर्टेशन में पंजाब, हरियाणा और गुजरात के इमिग्रेंट्स का बड़ा हिस्सा है। पहले के डेटा के अनुसार, जुलाई तक गुजरात से 245 लोग वापस भेजे गए थे। ज्यादातर मामले गैरकानूनी प्रवेश, वीजा ओवरस्टे या अन्य उल्लंघनों के कारण हैं। 

गुजराती परिवारों के टूटे सपने: एक साथ दर्जनों डिपोर्टेशन गुजरात से अमेरिका जाने की ललक हमेशा ऊंची रही है, लेकिन 2025 में इस सख्ती ने कई परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। फरवरी में एक ही फ्लाइट में 33 गुजराती वापस भेजे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। ऐसे मामलों में परिवारों को बड़ी आर्थिक और मानसिक तकलीफ हुई – कई ने लाखों रुपये खर्च कर 'डॉन्की रूट' अपनाया था। 

विद्यार्थियों पर लटकी तलवार: नौकरी की कमी से चिंता स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए असंख्य गुजराती छात्र फिलहाल नौकरी की कमी से मुश्किल में हैं। पढ़ाई पूरी करने के लिए परिवार से पैसे मंगाने पड़ रहे हैं, और ग्रीन कार्ड या परमानेंट स्टेटस की राह अनिश्चित है। कई को उम्मीद है कि नीतियां बदलेंगी, लेकिन फिलहाल सख्ती बढ़ी है।

 ट्रंप की 'नो टॉलरेंस' पॉलिसी और भविष्य की चिंता ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों ने चार्टर और कमर्शियल फ्लाइट्स से बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन किए हैं। गुजराती समुदाय में वीजा और ग्रीन कार्ड धारकों में चिंता का माहौल है। भारत सरकार ने अमेरिका से इस मुद्दे पर चर्चा की है और नागरिकों के हितों की रक्षा का वचन दिया है। 

ये घटनाएं गैरकानूनी इमिग्रेशन के जोखिम उजागर करती हैं और कानूनी रास्ता अपनाने की जरूरत दिखाती हैं। आने वाले दिनों में और सख्ती से भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ सकता है। 

सज्जाद अली नायाणी ✍🏼