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Wednesday, 17 December 2025

"साउथ अफ्रीका का 25 अरब डॉलर ग्रिड प्रोजेक्ट: अदाणी शॉर्टलिस्ट, सोशल मीडिया पर मिक्स्ड रिएक्शन!"

"साउथ अफ्रीका का 25 अरब डॉलर ग्रिड प्रोजेक्ट: अदाणी शॉर्टलिस्ट, सोशल मीडिया पर मिक्स्ड रिएक्शन!"
साउथ अफ्रीका की बिजली संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम – 440 बिलियन रैंड (25-26 अरब डॉलर) का ट्रांसमिशन ग्रिड विस्तार प्रोजेक्ट। दिसंबर 2025 में अदाणी पावर की मिडिल ईस्ट यूनिट को शॉर्टलिस्ट किए जाने से चर्चा तेज हो गई है। क्या विदेशी कंपनियां देश की एनर्जी को "टेकओवर" कर रही हैं? जानिए फैक्ट्स। 

🔹 प्रोजेक्ट क्या है? - सालों की लोड शेडिंग (बिजली कटौती) खत्म करने के लिए 14,000 किमी नई हाई-वोल्टेज लाइन्स बिछाई जाएंगी। 

- रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर-विंड) को जोड़कर 34 GW विंड और 25 GW सोलर कनेक्ट करने का प्लान।

 - प्राइवेट इन्वेस्टमेंट से चल रहा Independent Transmission Projects (ITP) प्रोग्राम। - 15 दिसंबर 2025 को 7 कंसोर्टिया शॉर्टलिस्ट: अदाणी के अलावा चाइनीज (स्टेट ग्रिड, चाइना सदर्न) और फ्रेंच (EDF) कंपनियां। 

 🔹 विवाद की वजह? - सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं: कुछ संदेह (गुप्ता घोटाले की याद, अदाणी पर US आरोप), कुछ व्यंग्य ("लूटर्स पहले से पैसे चख रहे")

 - लोकल जॉब्स और कंट्रोल की चिंता: "हम खुद क्यों नहीं कर सकते?"

 - अदाणी पर फोकस ज्यादा 

– हिंडनबर्ग और ब्राइबरी आरोपों की वजह से।

 - लेकिन बड़े विरोध या सड़क प्रोटेस्ट की खबर नहीं। रिएक्शन मिक्स्ड: कुछ अप्रूवल, कुछ सस्पिशन। 

 🔹 मोदी का रोल? - नवंबर 2025 G20 समिट में मोदी-रामफोसा मीटिंग हुई, एनर्जी पर बात।

 - लेकिन बिडिंग अक्टूबर से चल रही 

– कोई सबूत नहीं कि सिफारिश हुई। - "Where Modi Goes, Adani Follows" व्यंग्य चल रहा, लेकिन संयोग लगता है। 

यह प्रोजेक्ट साउथ अफ्रीका की एनर्जी सिक्योरिटी और ग्रीन ट्रांजिशन के लिए क्रिटिकल है। विदेशी इन्वेस्टमेंट जरूरी, लेकिन ट्रांसपेरेंसी और लोकल बेनिफिट्स पर फोकस चाहिए। 

अभी सिर्फ शॉर्टलिस्ट – ठेका मिलना बाकी। आगे देखिए क्या होता है!
सज्जाद अली नायाणी✍