नई दिल्ली, 3 दिसंबर: राजधानी एक बार फिर ज़हरीली स्मॉग की मोटी चादर में लिपट गई है। सुबह-सुबह सूरज भी धुंध के पीछे छिपा नज़र आया और सांस लेना तक मुश्किल हो गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों ने सबको चौंकाया है:
- दिल्ली का औसत AQI सुबह 7 बजे → 376 (बहुत ख़राब)
- कई इलाकों में AQI ने 400 का आँकड़ा पार कर लिया → ‘गंभीर’ कैटेगरी में!
सबसे ख़राब हालत वाले इलाके:
🔴 आनंद विहार – 405
🔴 चांदनी चौक – 431
🔴 जहांगीरपुरी – 406
🔴 अशोक विहार – 403
🔴 पंजाबी बाग, रोहिणी, वज़ीरपुर, बवाना
– सभी 390 से 410 के बीच
इन स्तरों पर हवा में PM2.5 और PM10 की मात्रा इतनी ज़्यादा है कि:
- आँखों में जलन और पानी आना
- गले में खराश और खांसी
- अस्थमा-दमा के मरीज़ों के लिए जानलेवा स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ हवा की रफ़्तार कम हो गई है, जिससे प्रदूषण फंसकर और घना हो रहा है। पराली जलाने का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन वाहनों का धुआँ, निर्माण कार्य और उद्योगों का प्रदूषण अभी भी दिल्ली की सांसें रोक रहा है।
डॉक्टर्स की चेतावनी: “जिनका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है, बच्चे और बुज़ुर्ग बाहर न निकलें। N95 मास्क पहनें और घर में एयर प्यूरीफायर चलाएं।”
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-3 अभी भी लागू है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यही है कि दिल्ली वाले हर सांस के साथ ज़हर पी रहे हैं।
कब तक चलेगा ये स्मॉग का कहर? सवाल वही पुराना है और जवाब अभी तक कोई नहीं दे पाया।
सज्जाद अली नायाणी✍️