वाराणसी। उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक नगरी काशी में सोमवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब सिगरा के पॉश शक्ति शिखर अपार्टमेंट में पुलिस ने छापा मारकर एक हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट पकड़ लिया।
चौंकाने वाली बात यह कि फ्लैट नंबर 112 भाजपा नेत्री शालिनी यादव के पति अरुण यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने मौके से 9 युवतियों और 4 युवकों को हिरासत में लिया।
पुलिस का दावा है कि “स्पा सेंटर” के नाम पर यहां लंबे समय से जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था। फ्लैट से आपत्तिजनक सामग्री, ग्राहकों का रजिस्टर, कई मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई है।
ये हैं शालिनी यादव - 2017 में कांग्रेस टिकट पर वाराणसी मेयर चुनाव लड़ीं, दूसरे नंबर पर रहीं - 2019 में सपा से पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा, करीब 2 लाख वोट लेकर फिर दूसरे स्थान पर
24 जुलाई 2023 को शालिनी यादव ने उत्तर प्रदेश के दोनो उप मुख्य प्रधान केशव-ब्रजेश के साथ ली थी BJP की सदस्यता
- 24 जुलाई 2023 को भाजपा जॉइन की, पूर्व सपा जिला अध्यक्ष पीयूष यादव भी साथ आए - पेशे से फैशन डिजाइनर, BHU से ग्रेजुएट - ससुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता श्यामलाल यादव शालिनी यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश है। जल्द ही मैं इस पूरे मामले का जवाब दूंगी।”
पुलिस का दावा - लड़कियां आसपास के जिलों (गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर आदि) से लाई जाती थीं
- सोशल मीडिया और एजेंट्स के जरिए ग्राहक फिक्स होते थे
- एक रात का रेट 10 से 25 हजार रुपये तक था
- उसी रात सिगरा, महमूरगंज, भेलूपुर और कैंट में कई अन्य स्पा सेंटर्स पर भी छापे पड़े फिलहाल फ्लैट को सील कर दिया गया है।
पुलिस रजिस्टर और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है, जिसमें कई बड़े नाम सामने आने की आशंका जताई जा रही है। काशी की गलियों में अब सियासी गलियारों तक यह सवाल गूंज रहा है
– क्या सिर्फ किराए का फ्लैट था या कुछ और? जांच आगे बढ़ रही है, पर सियासी तूफान अभी से शुरू हो चुका है।