वाशिंगटन, 1 दिसंबर 2025 – अमेरिकी राजनीति के आकाश में एक नया तूफान उठ रहा है। रिपब्लिकन पार्टी की फायरब्रांड सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने हाल ही में घोषणा की कि वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से इस्तीफा दे रही हैं, और उनका अंतिम कार्यदिवस 5 जनवरी 2026 को होगा।
यह फैसला पूर्व राष्ट्रपति और अब फिर से सत्ता की ओर बढ़ते डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके सार्वजनिक झगड़े के ठीक बाद आया है।
ट्रंप ने इसकी प्रतिक्रिया में इसे "देश के लिए बहुत अच्छी खबर" करार दिया, लेकिन सवाल यह है: क्या यह केवल व्यक्तिगत दुश्मनी है, या रिपब्लिकन पार्टी में इज़राइल के प्रति बिना शर्त समर्थन की नींव हिलने का संकेत?
मिस्र के विश्लेषक एसाम बोराए के अनुसार, यह दरार अमेरिकी दक्षिणपंथ के भविष्य को फिर से परिभाषित कर सकती है।
ग्रीन, जो 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (मागा) आंदोलन की प्रमुख चेहरों में से एक रही हैं, ने ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर टकराव किया।
इज़राइल के गाजा युद्ध को "नरसंहार" बताते हुए उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सहायता "अमेरिकी जनता के साथ विश्वासघात" है।
जेफरी एपस्टीन फाइलों की रिहाई, स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च, और विदेशी हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर भी उनकी असहमति बढ़ती गई।
ट्रंप ने उन्हें "गद्दार" और "पागल" कहकर प्राइमरी में चैलेंजर का समर्थन करने की धमकी दी। ग्रीन ने इस्तीफे की घोषणा एक वीडियो में की, जिसमें उन्होंने खुद को "पीड़ित पत्नी" की तरह महसूस करने से इनकार करते हुए कहा, "मैं मागा इंक और नियोकॉन्स के हाथों फेंकी जाने से इनकार करती हूं।"
यह घटना न केवल उनकी विदाई का प्रतीक है, बल्कि पार्टी के भीतर गहरी वैचारिक खाई को उजागर करती है।
मिस्र मूल के विश्लेषक एसाम बोराए ने अल जज़ीरा पर प्रकाशित अपने विश्लेषण में इसे "रिपब्लिकन पार्टी का आंतरिक युद्ध" बताया, जहां इज़राइल अब केंद्र में है।
बोराए लिखते हैं: "पिछले कई दशकों में पहली बार, रिपब्लिकन इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या वाशिंगटन का इज़राइल के प्रति अटूट समर्थन वाकई अमेरिकी हितों की सेवा करता है?" उनका तर्क है कि ट्रंप का ग्रीन से समर्थन वापस लेना व्यक्तिगत नहीं, बल्कि 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के अर्थ पर गहन संघर्ष का प्रतिबिंब है। जहां ट्रंप इज़राइल को मजबूत सहयोगी मानते हैं, वहीं ग्रीन जैसे राष्ट्रवादी विदेशी युद्धों से दूरी चाहते हैं। बोराए के अनुसार, यह दरार पार्टी की पहचान को बदल रही है – राष्ट्रवाद और विदेशी हस्तक्षेप के प्रति संदेह अब मुख्यधारा में आ रहे हैं।
बोराए का विश्लेषण गहरा है: इज़राइल समर्थन की द्विदलीय सहमति, जो पीढ़ियों तक चली, अब कमजोर पड़ रही है। रिपब्लिकन के भीतर यह फूट सबसे पहले दिखाई दे रही है, जहां मागा समर्थक अमेरिकी संसाधनों को घरेलू मुद्दों पर लगाने की वकालत कर रहे हैं। "यह संघर्ष सत्ता की लड़ाई से कहीं आगे है," वे लिखते हैं, "यह अमेरिकी वैश्विक भूमिका पर पुनर्विचार का प्रतिनिधित्व करता है। वे मिथक जो दशकों तक विदेश नीति को बांधे हुए थे, अब टूट रहे हैं।" विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के प्रभाव में कमी आने से ग्रीन जैसे नेता खुद को अगली पीढ़ी के राष्ट्रवादी के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
मध्य पूर्व के संदर्भ में, यह बदलाव ऐतिहासिक है। फिलिस्तीन समर्थक, अरब देश और मुस्लिम समुदायों के लिए यह वाशिंगटन के साथ जुड़ने का सुनहरा अवसर है। बोराए सलाह देते हैं: "अगर ये समूह इन दरारों को समझें और चतुराई से इसमें शामिल हों, तो वे अमेरिकी नीति को अधिक संतुलित और न्यायपूर्ण बनाने में मदद कर सकते हैं।" ग्रीन का इस्तीफा पार्टी के भविष्य को प्रभावित करेगा – क्या यह 'अमेरिका फर्स्ट' को अलगाववाद की ओर ले जाएगा, या इज़राइल लॉबी इसे दबा देगी? फिलहाल, यह स्पष्ट है कि रिपब्लिकन का एकजुट मोर्चा टूट चुका है, और मध्य पूर्व की राजनीति में नया संतुलन उभर सकता है।
क्या यह दरार बिना शर्त सहयोग का अंत है? या केवल एक अस्थायी तूफान? समय बताएगा, लेकिन अमेरिकी दक्षिणपंथ का परिवर्तन क्षेत्रीय समीकरणों को हिला सकता है।
✒️सज्जाद अली नायाणी