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Friday, 26 December 2025

पश्चिम बंगाल: सिलीगुड़ी के होटलों में बांग्लादेशियों की एंट्री बैन – 'देश पहले, व्यापार बाद में'

पश्चिम बंगाल: सिलीगुड़ी के होटलों में बांग्लादेशियों की एंट्री बैन – 'देश पहले, व्यापार बाद में'
सज्जाद अली नायाणी✍🏼फ्राइडे वर्ल्ड 25/12/2025
पश्चिम बंगाल के रणनीतिक शहर सिलीगुड़ी में तनाव की हवा चल रही है। ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया है – 

अब किसी भी बांग्लादेशी नागरिक को, चाहे वो टूरिस्ट वीजा पर हो, मेडिकल वीजा पर हो या स्टूडेंट वीजा पर, किसी भी होटल में जगह नहीं मिलेगी

 एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी उज्ज्वल घोष ने स्पष्ट कहा, "हमारा देश पहले आता है, उसके बाद व्यापार।" यह फैसला पड़ोसी देश बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल, हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचारों और कुछ बांग्लादेशी नेताओं द्वारा सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) तथा पूर्वोत्तर के सेवन सिस्टर्स को लेकर दिए जा रहे भड़काऊ बयानों के विरोध में लिया गया है। 

फैसले की वजह – बांग्लादेश में हिंसा और भड़काऊ बयान पिछले साल से बांग्लादेश में जारी अस्थिरता, हिंदुओं पर हमले, भारतीय झंडे का कथित अपमान और हाल ही में कुछ नेताओं द्वारा "सेवन सिस्टर्स को अलग करने" जैसे उकसावे भरे बयानों ने भारतीयों में आक्रोश पैदा किया है। उज्ज्वल घोष ने कहा, "बांग्लादेश में जो हालात पिछले साल से शुरू हुए, उसके आधार पर हमने 9 दिसंबर से टूरिस्ट वीजा वाले बांग्लादेशियों को रोकने का फैसला किया था। बाद में मानवीय आधार पर मेडिकल और स्टूडेंट वीजा वालों को जगह दी, लेकिन अब वो भी बंद।" यहाँ उज्ज्वल घोष के बयान का वीडियो और एसोसिएशन की बैठक के दृश्य: 

सिलीगुड़ी की रणनीतिक अहमियत – चिकन नेक का दर्द सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के सात राज्यों (असम, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा) से जोड़ने वाला संकरी पट्टी है – सबसे पतली जगह पर सिर्फ 20-25 किमी चौड़ी। यहाँ से होकर ही रेल, सड़क और जरूरी सामान पहुंचता है। बांग्लादेशी नेताओं के "इस कॉरिडोर को अलग कर देने" जैसे बयान भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माने जा रहे हैं। सिलीगुड़ी कॉरिडोर और सेवन सिस्टर्स के नक्शे के दृश्य: 

होटल व्यवसायियों का दर्द और राष्ट्रप्रेम एसोसिएशन के करीब 180 सदस्य होटल हैं, और 50 से ज्यादा गैर-सदस्य होटल भी इस फैसले का पालन कर रहे हैं। सिलीगुड़ी बांग्लादेशी पर्यटकों, मरीजों और छात्रों के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार रहा है – हर महीने हजारों बांग्लादेशी यहां आते थे। इस फैसले से होटल उद्योग को नुकसान तो होगा, लेकिन उज्ज्वल घोष का कहना है, "राष्ट्रहित सर्वोपरि है।" यहाँ सिलीगुड़ी शहर और होटलों के कुछ आकर्षक दृश्य, जो अब इस फैसले से प्रभावित हैं: 

क्या होगा आगे? – समीक्षा जारी रहेगी एसोसिएशन ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने पर फैसले की समीक्षा की जाएगी। अगर सरकार कोई निर्देश देती है, तो उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा। मालदा जिले के होटल मालिक भी इसी तरह का फैसला लेने पर विचार कर रहे हैं। यह घटना सिर्फ होटल व्यवसाय का फैसला नहीं – यह राष्ट्र की भावनाओं का प्रतिबिंब है। जब पड़ोसी देश में हमारे अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हों और हमारे देश की अखंडता पर सवाल उठाए जा रहे हों, तो ऐसे कदम उठाना मजबूरी बन जाता है। सिलीगुड़ी के होटल व्यवसायी चुपके से कह रहे हैं – **देश पहले, सब बाद में**। हम सबको इस एकजुटता का संदेश अपनाना चाहिए। 
सज्जाद अली नायाणी✍🏼
फ्राइडे वर्ल्ड 25/12/2025