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Thursday, 15 January 2026

सुंदरगढ़ में अचानक भड़की हिंसा: छोटी सी बहस से सांप्रदायिक तनाव, 12 घायल, इंटरनेट पर 24 घंटे की रोक

सुंदरगढ़ में अचानक भड़की हिंसा: छोटी सी बहस से सांप्रदायिक तनाव, 12 घायल, इंटरनेट पर 24 घंटे की रोक-Friday World  – January 15,2026 
ओडिशा के औद्योगिक और खनिज-समृद्ध जिले सुंदरगढ़ में गुरुवार (15 जनवरी 2026) दोपहर अचानक हिंसा की आग भड़क उठी, जिसने पूरे शहर को तनाव की चपेट में ले लिया। रीजेंट मार्केट इलाके में दो समुदायों के बीच शुरू हुई मामूली बहस कुछ ही मिनटों में पत्थरबाजी, धारदार हथियारों के इस्तेमाल और आगजनी की कोशिशों में बदल गई। इस झड़प में कम से कम 12 लोग घायल हो गए, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए—धारा 163 बीएनएस लागू कर कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा दीं, इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए निलंबित कर दीं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। 

 क्या था विवाद की जड़? सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हिंसा एक छोटी सी बहस से शुरू हुई, जो दो युवकों के बीच हुई। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह बहस एक संदिग्ध खाद्य पदार्थ (जिसमें बीफ स्टोरेज की अफवाह) को लेकर थी, जिसने जल्दी ही दो समुदायों के बीच तनाव में बदल दिया। अफवाहों ने आग में घी का काम किया और बाजार का माहौल कुछ ही देर में युद्ध का मैदान बन गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की, लाठियां-तलवारें चलाईं और कुछ दुकानों व वाहनों को आग लगाने की कोशिश की गई। 

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान चार जवान भी चोटिल हो गए। 

 प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सुंदरगढ़ के जिला कलेक्टर शुभंकर मोहपात्रा ने बताया कि शाम 6 बजे से पूरे शहर में इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं। इसका मकसद अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना है, ताकि स्थिति और न बिगड़े। 

उन्होंने आगे कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में है। हमने बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। किसी भी तरह की सभा, रैली या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है। जल्द ही विभिन्न समुदायों के सदस्यों के साथ शांति समिति की बैठक बुलाई जाएगी।” 

जिला प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों को शुक्रवार (16 जनवरी) के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। मेडिकल स्टोर और इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। शहर में 10 प्लाटून अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी अमृतपाल कौर, डीआईजी बृजेश राय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

 पूरे शहर में लगातार पेट्रोलिंग जारी है। प्रशासन का कहना है कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

सुंदरगढ़: शांति का शहर अब तनाव में सुंदरगढ़, जो अपनी खनन गतिविधियों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, आमतौर पर शांतिपूर्ण माहौल वाला इलाका रहा है। लेकिन ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं, जो अफवाहों से भड़क जाती हैं, समाज में गहरी दरार पैदा कर सकती हैं। 

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सोशल मीडिया और अफवाहें कितनी तेजी से आग लगा सकती हैं—इसलिए प्रशासन ने इंटरनेट बंद करके सावधानी बरती है। 

स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, पुलिस का सहयोग करें और शांति बनाए रखें। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। 

लेकिन सवाल यह है—क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लंबे समय तक जागरूकता और संवाद की जरूरत नहीं है? अफवाहों की आग बुझाने के लिए प्रशासनिक कदम जरूरी हैं, पर समाज में आपसी भरोसा और समझदारी ही असली समाधान है।

 – सच्चाई और संतुलन के साथ खबरें आपके लिए! 🌍 Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World  – January 15,2026