फ्राइडे वर्ल्ड 1,1,2026
भारत अब हाई-स्पीड रेल युग में कदम रखने को पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बड़ी घोषणा की है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से पटरी पर दौड़ेगी।
यह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक शुरुआत होगी, जो भारत की आर्थिक प्रगति और तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। शुरुआती चरण में यह ट्रेन सुरत से बिलीमोरा (नवसारी के पास) के बीच दौड़ेगी, जो लगभग 50 किलोमीटर का सेक्शन है। कुछ रिपोर्टों में इस शुरुआती रूट को 100 किमी तक (सुरत से वापी) विस्तारित करने की भी बात कही गई है।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और प्रगति मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है, जिसकी कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। यह प्रोजेक्ट जापान की शिंकान्सेन
तकनीक पर आधारित है और
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
- निर्माण की गति: 2025 के अंत तक 326 किलोमीटर से अधिक वायाडक्ट (उन्नत पुल) का काम पूरा हो चुका है।
गुजरात में 8 स्टेशनों का काम तेजी से चल रहा है, जिसमें सुरत स्टेशन सबसे आगे है। - माइलस्टोन: कई नदियों पर पुल, टनल (जैसे घनसोली-शिलफाटा के बीच 5 किमी टनल) और स्टेशन स्ट्रक्चर पूरे हो चुके हैं।
- 2026 में क्या होगा?: ट्रेन सेट्स (ट्रायल के लिए जापान से गिफ्टेड इंजीनियरिंग ट्रेन) पहुंचेंगे, ट्रायल रन शुरू होंगे और सिस्टम इंटीग्रेशन (सिग्नलिंग, पावर, सेफ्टी) का फाइनल टेस्टिंग होगा।
- पूर्ण परियोजना: पूरा कॉरिडोर 2029 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट महामारी, भूमि अधिग्रहण और अन्य चुनौतियों के बावजूद अब फुल स्पीड पर आगे बढ़ रहा है।
5 फेज में होगी शुरुआत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, बुलेट ट्रेन को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा:
1. पहला फेज (2027): सुरत से बिलीमोरा (या विस्तारित रूप में वापी तक) – यह शुरुआती पायलट सेक्शन होगा।
2. दूसरा फेज: वापी से सुरत।
3. तीसरा फेज वापी से अहमदाबाद।
4. चौथा फेज: ठाणे से अहमदाबाद।
5. पांचवां फेज (2029): मुंबई (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) से अहमदाबाद तक पूरा रूट।
यात्रा समय में क्रांतिकारी बदलाव एक बार पूरा होने पर मुंबई से अहमदाबाद की 508 किमी की दूरी मात्र -2 घंटे 7 मिनट में तय होगी (कुछ रिपोर्टों में 1 घंटा 58 मिनट भी बताया गया है)। वर्तमान में यह सफर 6-8 घंटे लेता है।
ट्रेन की अधिकतम गति 320 किमी/घंटा होगी, जबकि लूप लाइन पर 80 किमी/घंटा। सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था: - वाइब्रेशन कंट्रोल सिस्टम - हवा और भूकंप जैसी आपात स्थितियों में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग - एंटी-वाइब्रेशन टेक्नोलॉजी
कुल लागत और फंडिंग प्रोजेक्ट की कुल लागत -1.08 लाख करोड़ रुपये है। फंडिंग का पैटर्न इस प्रकार है: - केंद्र सरकार: NHSRCL को 10,000 करोड़ रुपये - गुजरात और महाराष्ट्र राज्य: 5,000 करोड़ रुपये प्रत्येक - बाकी राशि: जापान से 0.1% ब्याज दर पर लोन (JICA के माध्यम से) प्रोजेक्ट का शिलान्यास सितंबर 2017 में अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव बुलेट ट्रेन सिर्फ तेज यात्रा नहीं, बल्कि आर्थिक क्रांति का माध्यम बनेगी। मुंबई, ठाणे, वीरार, बोईसर, वापी, बिलीमोरा, सुरत, भरूच, वडोदरा, आनंद/नडियाद, अहमदाबाद और साबरमती जैसे शहर एक-दूसरे से जुड़ेंगे। इससे: - व्यापार और उद्योगों में तेजी आएगी
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
- क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी (जापान के शिंकान्सेन की तरह) स्टेशन डिजाइन में यात्री सुविधा, दिव्यांगजन फ्रेंडली सुविधाएं, प्राकृतिक रोशनी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
भारत का नया युग शुरू हो रहा है! 15 अगस्त 2027 वह तारीख होगी जब भारत न केवल तेज रेलगाड़ी, बल्कि विकसित भारत का नया अध्याय लिखेगा। यह प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक तकनीकी सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है। जहां पहले लोग सपने देखते थे, अब वे पटरी पर दौड़ते नजर आएंगे। जय हिंद!
सज्जाद अली नायाणी ✍
फ्राइडे वर्ल्ड 1,1,2026