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Friday, 2 January 2026

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: बुलेट ट्रेन 2022 अपने निर्धारित समय से पांच साल देरी से चल रही हे अब 'इंडिपेंडेंस डे स्पेशल – 2027 एडिशन' में लॉन्च! यात्रीगण को दुविधा से हमे खेद हे धन्यवाद!!

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: बुलेट ट्रेन 2022 अपने निर्धारित समय से पांच साल देरी से चल रही हे अब 'इंडिपेंडेंस डे स्पेशल – 2027 एडिशन' में लॉन्च! यात्रीगण को दुविधा से हमे खेद हे धन्यवाद!!
Friday World January 2, 2026
यात्रीगण कृपया ध्यान दें: बुलेट ट्रेन अब 'सुपर स्लो मोशन' में उपलब्ध है!

 प्रिय यात्रियों, नमस्कार! आपकी लंबी प्रतीक्षा का अंत (या शुरुआत?) हो चुका है। अहमदाबाद से मुंबई की ओर जाने वाली वह ऐतिहासिक बुलेट ट्रेन, जिसकी शुरुआत 2022 में होनी थी, 

प्रिय यात्रियों, नमस्कार और साल 2026 में आपका हार्दिक स्वागत! आज तारीख है 2 जनवरी 2026, और रेल मंत्री जी ने अभी-अभी नया साल का पहला तोहफा दिया है: 15 अगस्त 2027 को भारत की पहली बुलेट ट्रेन सूरत से बिलिमोरा (करीब 47-50 किमी) के बीच दौड़ेगी! हाँ, आपने सही पढ़ा—
508 किमी के सपने का सिर्फ 9-10% हिस्सा, 

 सूरत से बिलिमोरा (लगभग 47-50 किमी) तक की छोटी-सी 'हाई-स्पीड' यात्रा शुरू होगी। यानी, 508 किमी के सपने का सिर्फ 10% हिस्सा, वो भी पांच साल की देरी के बाद। बाकी यात्रियों के लिए हम गहरा खेद व्यक्त करते हैं। आपको अभी भी वही पुरानी ट्रेन, वही भीड़, वही चाय-पकौड़े और वही "अगला स्टेशन आने वाला है" का एलान सुनना है

लेकिन हाँ, अगर आप सूरत और नवसारी के बीच के 50 किमी के लिए तैयार हैं, तो तैयार हो जाइए—क्योंकि यहाँ  320 किमी/घंटा की रफ्तार का वादा है... (ट्रायल में, कागजों पर, सपनों में)। क्यों इतनी देरी? आइए कुछ व्यंग्यात्मक गणित लगाते हैं: - 2017 में शुरू हुआ प्रोजेक्ट 

 मूल डेडलाइन 2023 - 2022 में "अब 2024 में चलेगी" का सपना दिखाया गया - 2025 में "2026 में ट्रायल" की बात हुई - 2026 में "2027 अगस्त 15 को बिल्कुल तैयार" का ऐलान - नतीजा? 2027 में सिर्फ सूरत-बिलिमोरा (और वो भी अगर कोई नया टनल या भूमि विवाद न उभरे) यह गणित भारतीय स्टाइल में है: 

समय = मूल समय × (देरी का गुणक) + राजनीतिक घोषणा का बोनस यहाँ देरी का गुणक अब तक 5× हो चुका है, और बोनस अभी भी मिल रहा है। 

यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएँ (2027 एडिशन): 
1. टिकट बुकिंग: अभी बुकिंग नहीं शुरू हुई, लेकिन आप "इंतजार" नाम का नया ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें रोज़ एक नोटिफिकेशन आएगा—"बुलेट ट्रेन बस थोड़ी देर और"।
 2. सीटिंग: सूरत-बिलिमोरा के बीच यात्रा करने वाले पहले 100 यात्रियों को "पायलट बैच" का सर्टिफिकेट मिलेगा—"मैंने भारत की पहली बुलेट ट्रेन का 10% हिस्सा देखा"। 
3. स्पीड: 320 किमी/घंटा का वादा, लेकिन शुरुआत में "सुरक्षा के लिए" 120 किमी/घंटा पर चलेगी। यानी, बुलेट ट्रेन नहीं, बल्कि सुपर एक्सप्रेस स्लो मोशन। 
4. मेन्यू: जापानी शिंकान्सेन स्टाइल में बिरयानी, वड़ा पाव और ढोकला उपलब्ध। (जापानी टेक्नोलॉजी + भारतीय स्वाद = परफेक्ट कॉम्बिनेशन) 
5. विशेष घोषणा: अगर ट्रेन 5 मिनट लेट हुई तो मुआवजा—एक फ्री "इंतजार" स्टिकर! **अंत में एक दिल छू लेने वाला संदेश प्रिय यात्रीगण, हम समझते हैं कि आपका धैर्य अब टूटने की कगार पर है।
 लेकिन याद रखिए—भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार 
बुलेट नहीं, कछुआ स्टाइल में बढ़ती है। और कछुआ भी आखिरकार जीतता है... 2029 तक, शायद। तो धैर्य रखिए, चाय पीजिए, और अगस्त 2027 का इंतजार कीजिए। क्योंकि बुलेट ट्रेन नहीं, हमारा धैर्य ही असली हाई-स्पीड है! धन्यवाद। जय हिंद, जय धैर्य, जय बुलेट... (कुछ साल बाद)! 
Friday World January 2, 2026
Sajjadali Nayani✍