वाशिंगटन/काराकास, 12 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें खुद को "कार्यवाहक राष्ट्रपति, वेनेज़ुएला" (Acting President of Venezuela) बताया है। इस पोस्ट में ट्रंप का ऑफिशियल पोर्ट्रेट है, जिसके नीचे लिखा है: "Acting President of Venezuela, Incumbent January 2026"। साथ ही इसमें उनका अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में 45वां और 47वां कार्यकाल भी दर्ज है, जो 20 जनवरी 2025 से शुरू हुआ। यह पोस्ट हाल के दिनों में वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हस्तक्षेप के बीच आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छेड़ दी है।
ट्रंप का दावा और तेल का खेल: ट्रंप ने इस पोस्ट के साथ ही दावा किया कि वेनेज़ुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल यानी लगभग 5 करोड़ बैरल "उच्च-गुणवत्ता वाला, प्रतिबंधित तेल" सौंप रही है। यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और प्राप्त धनराशि पर ट्रंप ने कहा कि वह खुद नियंत्रण रखेंगे, ताकि यह "वेनेज़ुएला और अमेरिका दोनों के लोगों के फायदे" में इस्तेमाल हो। ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अमेरिका वेनेज़ुएला को "अस्थायी रूप से चलाएगा" जब तक सुरक्षित और उचित संक्रमण नहीं हो जाता।
पोस्ट की प्रकृति: यह इमेज एक डिजिटली एडिटेड विकिपीडिया पेज जैसी दिखती है, जिसमें ट्रंप को वेनेज़ुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति दिखाया गया है। विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक फेक या मेम-स्टाइल इमेज है, जो ट्रंप की क्लासिक "ट्रोलिंग" और "मेम डिप्लोमेसी" का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, यह पोस्ट वेनेज़ुएला में हाल की घटनाओं से जुड़ा है, जहां अमेरिकी सेना ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को गिरफ्तार कर लिया था।
वेनेज़ुएला में क्या हुआ? जनवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने "ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व" के तहत वेनेज़ुएला पर सैन्य कार्रवाई की। निकोलस मदुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर नारको-टेररिज्म के आरोप लगे हैं। इसके बाद वेनेज़ुएला की उप-राष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई।
वेनेज़ुएला की सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन करने का आदेश दिया। ट्रंप ने रोड्रिगेज को "सहयोग" करने की चेतावनी दी है, अन्यथा उनका कार्यकाल छोटा हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: इस घटना ने दुनिया भर में विवाद खड़ा कर दिया है। कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। यूरोपीय संघ ने डेल्सी रोड्रिगेज की वैधता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, ट्रंप के इस पोस्ट को कुछ लोग "मेम के जरिए साम्राज्यवाद" का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे "अनहिंग्ड क्रिमिनैलिटी" कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे "ग्रीनलैंड, पनामा और अब वेनेज़ुएला" की ओर ट्रंप की "स्पीडरन" बता रहे हैं।
तेल का महत्व: वेनेज़ुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश है। वर्षों की उपेक्षा और प्रतिबंधों के कारण उत्पादन गिरा था, लेकिन ट्रंप प्रशासन इसे फिर से "फ्लो" करने की योजना बना रहा है। अमेरिकी कंपनियां 18 महीनों में तेल उत्पादन शुरू करने की बात कह रही हैं। यह कदम चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो वेनेज़ुएला के तेल पर निर्भर थे।
ट्रंप की रणनीति: ट्रंप का यह पोस्ट और तेल का दावा उनकी "अमेरिका फर्स्ट" नीति का हिस्सा लगता है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका वेनेज़ुएला को तब तक "चलाएगा" जब तक कोई ऐसा नेता नहीं आता जो "वेनेज़ुएला के लोगों के हितों" का ध्यान रखे। हालांकि, यह दावा कितना व्यावहारिक है, यह समय बताएगा। फिलहाल, वेनेज़ुएला में अनिश्चितता का माहौल है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क नजर रख रहा है।
यह घटना न केवल वेनेज़ुएला की संप्रभुता पर सवाल उठाती है, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है।
ट्रंप का यह "सेल्फ-डिक्लेयर" स्टाइल दुनिया के लिए एक नया संदेश है—क्या यह सिर्फ मेम है या असली इरादे?
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-January 12, 2026