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Sunday, 4 January 2026

कीर स्टार्मर ने ट्रंप से बात करने से परहेज: वेनेज़ुएला हमले पर ब्रिटेन का सतर्क और अप्रत्यक्ष विरोध

कीर स्टार्मर ने ट्रंप से बात करने से परहेज: वेनेज़ुएला हमले पर ब्रिटेन का सतर्क और अप्रत्यक्ष विरोध
Friday World January 4,2026 
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेनाओं ने वेनेज़ुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया। इस ऑपरेशन में राजधानी काराकास पर हवाई हमले किए गए, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले आए। ट्रंप ने इसे ड्रग तस्करी रोकने और "चुराए गए तेल" को वापस लाने का कदम बताया, साथ ही घोषणा की कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेज़ुएला को "चलाएगा"। 

यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी हलचल मचा रही है। लैटिन अमेरिकी देशों जैसे ब्राजील, मैक्सिको और कोलंबिया ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताकर कड़ी निंदा की है। रूस, चीन और ईरान ने इसे "आक्रामकता" और "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" कहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे "खतरनाक मिसाल" करार दिया। वहीं, कुछ यूरोपीय नेता सतर्क बने हुए हैं, लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की प्रतिक्रिया सबसे ज्यादा चर्चा में है – जो अप्रत्यक्ष रूप से विरोध दर्शाती है, लेकिन सीधे निंदा से बचती हुई। 
 स्टार्मर का बयान: तथ्यों की जांच और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर 
हमले के तुरंत बाद स्टार्मर ने ब्रिटिश मीडिया से कहा कि यूके इस ऑपरेशन में "किसी भी तरह शामिल नहीं था"। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक ट्रंप से बात नहीं की है और "तेजी से बदलती स्थिति" में पहले सभी तथ्यों को जानना जरूरी है। 

स्टार्मर का मुख्य बयान था: "मैं हमेशा कहता हूं और मानता हूं कि हमें सभी को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए, लेकिन इस चरण में, एक तेजी से बदलती स्थिति है, आइए तथ्यों को स्थापित करें और उसके बाद आगे बढ़ें।"

 उन्होंने आगे कहा कि वे ट्रंप और अन्य सहयोगियों से बात करना चाहते हैं। बाद में एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्टार्मर ने लिखा: 

"यूके लंबे समय से वेनेज़ुएला में सत्ता हस्तांतरण का समर्थन करता रहा है। हम मादुरो को अवैध राष्ट्रपति मानते थे और उनके शासन के अंत पर कोई आंसू नहीं बहाएंगे। यूके सरकार आने वाले दिनों में अमेरिकी समकक्षों के साथ विकसित स्थिति पर चर्चा करेगी, ताकि एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संक्रमण हो सके जो वेनेज़ुएला की जनता की इच्छा को दर्शाए।"

 यह बयान दोहरी प्रकृति का है। एक तरफ स्टार्मर ने मादुरो शासन के अंत पर "खुशी" जताई (जिसे कई ब्रिटिश और यूरोपीय नेता पहले से ही "अवैध" मानते थे), लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने बार-बार "अंतरराष्ट्रीय कानून" का जिक्र किया – जो अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी कार्रवाई पर सवाल उठाता है।

क्यों माना जा रहा है यह अप्रत्यक्ष विरोध? 

- ट्रंप से बात न करना: स्टार्मर ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने ट्रंप से अभी बात नहीं की। यह "स्पेशल रिलेशनशिप" (यूके-अमेरिका के बीच पारंपरिक निकटता) के बावजूद दूरी बनाए रखने का संकेत है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह जानबूझकर है, क्योंकि सीधे बात करने से अमेरिकी कार्रवाई को वैधता मिल सकती थी।

 - निंदा से परहेज: लिबरल डेमोक्रेट नेता एड डेवी और ग्रीन पार्टी के जैक पोलांस्की ने स्टार्मर से ट्रंप की "अवैध कार्रवाई" की निंदा करने की मांग की। उन्होंने इसे "पुतिन और शी जैसे नेताओं को हरा-भरा संकेत" बताया। लेकिन स्टार्मर ने निंदा नहीं की, बल्कि "तथ्यों की जांच" पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ फिलिप सैंड्स ने इसे "मौन" बताया, जो "बोलता है"। 

- अंतरराष्ट्रीय कानून पर दोहराव: स्टार्मर ने खुद को "अंतरराष्ट्रीय कानून का आजीवन समर्थक" कहा। यह इशारा है कि अमेरिकी हमला (बिना यूएन मंजूरी या कांग्रेस की सहमति के) संप्रभुता का उल्लंघन हो सकता है – ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने इराक युद्ध (2003) की आलोचना के संदर्भ में किया। 


ब्रिटेन की दुविधा और वैश्विक संदर्भ ब्रिटेन अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी है, लेकिन स्टार्मर की लेबर सरकार मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर देती है। मादुरो शासन को पहले से ही कई पश्चिमी देश अवैध मानते थे (2024 चुनाव विवाद के बाद), इसलिए उसके अंत पर "आंसू न बहाना" स्वाभाविक है। लेकिन ट्रंप का तरीका – बिना बहुपक्षीय सहमति के सैन्य हस्तक्षेप – 2003 के इराक युद्ध की याद दिलाता है, जिसकी ब्रिटेन में आज भी आलोचना होती है।

 स्टार्मर की रणनीति साफ है: अमेरिका के साथ संबंध न बिगाड़ें, लेकिन कानूनी सिद्धांतों से समझौता न करें। यह अप्रत्यक्ष विरोध है – जो शब्दों में निंदा नहीं, लेकिन कार्रवाई में दूरी दिखाता है। 

 एक संतुलित लेकिन सशक्त संदेश कीर स्टार्मर की प्रतिक्रिया वेनेज़ुएला संकट में ब्रिटेन की स्थिति को दर्शाती है – न तो पूर्ण समर्थन, न ही खुली निंदा। ट्रंप से बात न करने और "तथ्यों की जांच" पर जोर देकर उन्होंने अप्रत्यक्ष विरोध जताया है। यह दिखाता है कि ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय कानून को सर्वोपरि मानता है, भले ही वह अपने सबसे करीबी सहयोगी के खिलाफ हो। आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल स्टार्मर का यह सतर्क रुख वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Friday World January 4,2026 
Sajjadali Nayani ✍