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Monday, 12 January 2026

राजस्थान और गुजरात में बढ़ते सामूहिक बलात्कार के मामले: एक गंभीर चुनौती

राजस्थान और गुजरात में बढ़ते सामूहिक बलात्कार के मामले: एक गंभीर चुनौती -Friday World -January 13,2026
भारत में महिलाओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान 

भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान देश में बलात्कार के मामलों में सबसे ऊपर रहता है। 2025 की अनुमानित रिपोर्ट्स में राजस्थान में 16.4 प्रति लाख महिलाओं पर बलात्कार की दर दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। गुजरात में भी हाल के वर्षों में कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जहां नाबालिगों और युवतियों को निशाना बनाया गया। ये घटनाएं न केवल व्यक्तिगत त्रासदी हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था की कमजोरी और सामाजिक जागरूकता की कमी को उजागर करती हैं। 

सिरोही का आंगनवाड़ी गैंगरेप मामला: नौकरी के बहाने धोखा

 फरवरी 2024 में राजस्थान के सिरोही जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। आरोप था कि सिरोही नगर परिषद के तत्कालीन सभापति महेंद्र मेवाड़ा (कांग्रेस से जुड़े) और पूर्व आयुक्त महेंद्र चौधरी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी दिलाने के नाम पर पाली जिले से 15-20 महिलाओं को बुलाया। महिलाओं को ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई, लेकिन खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया गया। फिर आरोपियों और उनके 10-15 साथियों ने सामूहिक बलात्कार किया, वीडियो बनाए और बाद में ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपये की मांग की। 

पीड़िताओं ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 8 अलग-अलग FIR दर्ज की गईं। दोनों आरोपियों ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया—महेंद्र चौधरी ने कहा कि वे अगस्त 2022 में रिटायर हो चुके थे और आंगनवाड़ी भर्ती उनके विभाग के दायरे में नहीं आती। जांच में महिलाओं को ढूंढने या ठोस सबूत मिलने में दिक्कत बताई गई। 2026 तक इस मामले में कोई अंतिम सजा या गिरफ्तारी की पुष्ट रिपोर्ट नहीं आई है, जो न्याय में देरी की समस्या को दर्शाता है। 

उदयपुर का CEO गैंगरेप केस: विश्वासघात की नई मिसाल दिसंबर 2025 में राजस्थान के उदयपुर में एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया। एक प्राइवेट आईटी कंपनी की महिला मैनेजर ने शिकायत की कि कंपनी के CEO जितेश सिसोदिया, एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा सिरोही और उसके पति गौरव सिरोही ने जन्मदिन पार्टी के बाद उसे कार में ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया। पार्टी में अन्य मेहमान चले गए थे, और आरोपी उसे घर छोड़ने के बहाने ले गए। कंपनी खुद को महिलाओं के लिए "फ्रेंडली" (4.7/5 रेटिंग) बताती थी, लेकिन यह घटना विश्वासघात की गहरी परत दिखाती है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, और जांच जारी है। 

 गुजरात में हाल के सनसनीखेज मामले गुजरात में भी महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। मार्च 2025 में बनासकांठा जिले में एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ 7 लोगों ने 16 महीनों तक बार-बार बलात्कार किया—उसे नग्न वीडियो से ब्लैकमेल कर। अक्टूबर 2024 में वडोदरा और सूरत में नवरात्रि के दौरान नाबालिग लड़कियों के साथ गैंगरेप के मामले सामने आए, जहां पीड़िताओं को सुनसान जगहों पर ले जाया गया। पुराने मामलों जैसे 2002 गुजरात दंगों में बिलकिस बानो गैंगरेप केस में भी दोषियों को समय-समय पर राहत मिलने से विवाद हुआ। 

 आंकड़ों में हकीकत: राजस्थान सबसे ऊपर, गुजरात भी चिंताजनक NCRB के हालिया ट्रेंड्स के अनुसार:

 - राजस्थान में 2025 में अनुमानित 5,600+ बलात्कार के मामले दर्ज होने की संभावना।

 - गुजरात में पिछले दो वर्षों में हजारों मामले, खासकर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में। 

- दोनों राज्यों में जाति, नौकरी/पावर का दुरुपयोग और ब्लैकमेल आम वजहें हैं। 

निष्कर्ष: बदलाव की जरूरत ये मामले सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हजारों महिलाओं की चुप्पी और दर्द की कहानी हैं। नौकरी, पार्टी या रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराना सरकार, पुलिस और समाज की जिम्मेदारी है। तेज जांच, सख्त सजा, जागरूकता अभियान और पीड़ितों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम जरूरी हैं। जब तक ये बदलाव नहीं आएंगे, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्य "रेपिस्तान" की छवि से मुक्त नहीं हो पाएंगे।
Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World -January 13,2026